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मोदी ने कहा- क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म का मुकाबला करने में फ्रांस का समर्थन मिला, जी-7 में आमंत्रण मैक्रों का मैत्री भाव


पेरिस. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चैंटिली शहर में मुलाकात की। मैक्रों ने यहां मोदी को फ्रांस की प्राचीन धरोहर चैट्यू डी चैंटिली (चैंटिली के महल) की सैर कराई। इस दौरान उन्होंने मोदी को सैकड़ों साल पुराने महल का इतिहास बताया। दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक द्विपक्षीय वार्ता हुई।बैठक के बादसाझा प्रेस कॉन्फ्रेंस मेंमोदी ने कहा कि जी-7 समिट के लिए राष्ट्रपति मैक्रों का आमंत्रण मेरे प्रति उनके मैत्री भाव का उदाहरण है। प्रधानमंत्री नेकहा कि क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म का मुकाबला करने में भारत को फ्रांस का बहुमूल्य समर्थन मिला है। उन्होंने इसके लिए मैक्रों का धन्यवाद किया।

फ्रांस और भारत एक-दूसरे केभरोसेमंद पार्टनर

मोदी ने इसे दोनों देशों की दोस्ती के लिए यादगार पल बताते हुए कहा, “हेरिटेज साइट पर मेरा और मेरे डेलिगेशन का भव्य और स्नेहपूर्वक स्वागत किया गया। इसके लिए मैक्रों का शुक्रिया।”प्रधानमंत्री ने जी-7 के एजेंडे को पूरा करने में भारत के सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फ्रांस और भारत की दोस्ती लिबर्टी, इक्वैलिटी और फ्रेटरनिटी के ठोस आदर्शों पर टिकी है। हमने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया है। आज आतंकवाद, पर्यावरण, क्लाइमेट चेंज और तकनीक में समावेशी विकास की चुनौतियों का सामना करने के लिए भारत और फ्रांस मजबूती से साथ खड़े हैं।”

‘मैरीटाइम और साइबर सिक्योरिटी में सहयोग बढ़ेगा’

“इंटरनेशनल सोलर अलायंस भारत और फ्रांस की पहल है। आज फ्रांस और भारत एक दूसरे के भरोसेमंद पार्टनर हैं। अपनी कठिनाइयों में हमने एक दूसरे का नजरिया समझा है और साथ भी दिया है। मैरीटाइम और साइबर सिक्योरिटी में भी हमने सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। हिंद महासागर में सुरक्षा और सभी के लिए प्रगति सुनिश्चित करने के लिए यह उपयोगी होगा।”

भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने पर हुई चर्चा
मोदी ने कहा, “साल 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे होंगे तब तक हमने न्यू इंडिया के कई लक्ष्य रखे हैं। हमारा एक लक्ष्य है भारत की 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाना। अपने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए हम स्किल डेवलपमेंट, आईटी और स्पेस में नए इनीशिएटिव के लिए तत्पर हैं। फ्रांस पहला देश है जिसके साथ हमने न्यू जेनरेशन सिविल एग्रीमेंट साइन किया है। हमने कंपनियों से आग्रह किया है कि वे जैतापुर न्यूक्लियर प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ें।”


फ्रांस में 2021-22 में नमस्ते फ्रांस का आयोजन
पीएम नेकहा, “2021-22 में पूरे फ्रांस में भारतीय सांस्कृति फेस्टिवल नमस्ते फ्रांस का आयोजन होगा। मैं जानता हूं कि योग फ्रांस में लोकप्रिय है। मुझे आशा है कि फ्रांस के मेरे दोस्त इसे स्वस्थ जीवनशैली के लिए अपनाएंगे।”

मैक्रों ने कहा- कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं

फ्रांस ने कश्मीर मामले पर भारत का साथ दिया है। मोदी के साथ साझा बयान में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने जम्मू-कश्मीर का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले का हलभारत और पाकिस्तान को ही द्विपक्षीय तरीके से खोजना होगा। किसी तीसरे पक्ष को इसमें हस्तक्षेप करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और न ही क्षेत्र में हिंसा फैलाने की कोशिश हो। मैक्रों ने कहा कि कश्मीर में शांति के साथ लोगों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।

पेरिस एयरपोर्ट पर हुआ रेड कारपेट स्वागत

मोदी गुरुवार को ही जी-7 समिट में हिस्सा लेने चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट पहुंचे। यहांफ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-वेस ले ड्रियन ने उनका रेड कारपेटपर स्वागत किया। भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में मोदी को देखने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने ट्वीट में कहा कि भारत और फ्रांस सालों से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय तरीके से काम कर रहे हैं। इस दौरे सेफ्रांस की लीडरशिप के साथ पिछली वार्ता के दायरे बढ़ेंगे।फ्रांस केराष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोंके निमंत्रण पर मोदी बियारेट्ज शहर में 24-26 अगस्त कोहोने वाले 45वें जी-7 समिट में साझेदार के तौर पर शामिल होंगे।

फ्रांस में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे

जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सहयोग और डिजिटल परिवर्तन जैसे मुद्दों पर विचार रख सकते हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन के अलावा मोदी अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे।प्रधानमंत्री पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित भी करेंगे। इसके अलावा वह निड डी एगल में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना में मारे गए भारतीय लोगों की याद में एक स्मारक का भी उद्घाटन करेंगे।

भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार

भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच व्यापक और बहुआयामी संबंध हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, साइबर, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग है।विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि मोदी की फ्रांस की द्विपक्षीय यात्रा और जी-7 शिखर सम्मेलन का निमंत्रण भारत और फ्रांस के बीच मजबूत एवं करीबी साझेदारी तथा उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्कों की परंपरा को ध्यान में रखते हुए है।



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों।
मोदी को फ्रांस की प्राचीन धरोहर चैट्यू डी चैंटिली की सैर कराते मैक्रों।
मैक्रों ने मोदी का गले लगाकर स्वागत किया।
चैट्यू डी चैंटिली की जानकारी देते मैक्रों।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मोदी और मैक्रों।
चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय ने मोदी का स्वागत किया।
Prime Minister Narendra Modi meets France President Emmanuel Macron news and updates
फ्रांस के विदेश मंत्री ने मोदी का रेड कारपेट पर वेलकम किया।
Prime Minister Narendra Modi meets France President Emmanuel Macron news and updates

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मोदी जी-7 समिट में हिस्सा लेने फ्रांस पहुंचे, एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय ने स्वागत किया


नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार देर शाम जी-7 समिट में हिस्सा लेने फ्रांस पहुंच गए। पेरिस के चार्ल्स डी गॉल एयरपोर्ट पर फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-वेस ले ड्रियन ने उनका स्वागत किया। भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में मोदी को देखने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा।फ्रांस केराष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोंके निमंत्रण पर मोदी बियारेट्ज शहर में 24-26 अगस्त कोहोने वाले 45वें जी-7 समिट में साझेदार के तौर पर शामिल होंगे।इससे पहले मोदी ने कहा कि इस यात्रा से समय-समय पर अच्छे दोस्तों की भूमिका निभाने वाले मित्रों से हमारे संबंध और मजबूत होंगे और सहयोग की नई संभावनाएं खुलेगी।

मोदी ने फ्रांस रवाना होने से पहले किया ट्वीट

मोदी ने यात्रा पर रवाना होने के बाद एक के बाद ट्वीट कर अपने विदेश यात्रा की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोंऔर पीएम एडवर्ड फिलीप के साथ वार्ता के लिए तत्पर हैं। वर्ष 1950 और 1960 के दशक में फ्रांस में दो एयर इंडिया दुर्घटनाओं के शिकार हुए लोगों के लिए भारतीय प्रवासी स्मारक की स्थापना को लेकर बातचीत होगी।”

वापसी में यूएई-बहरीन जाएंगे मोदी

एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा, “यूएई में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बातचीत होगी। क्राउन प्रिंस और मैं बापू की 150वीं जयंती को चिह्नित करने के लिए एक डाक टिकट जारी करेंगे। रूपे कार्ड भी लॉन्च किया जाएगा, जो कई प्रकार से मदद करेगा।”

बहरीन के राजा और प्रधानमंत्री से मिलने के लिए उत्सुक- मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, “बहरीन की मेरी यात्रा, अपने देश के किसी प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी। मैं बहरीन के प्रधानमंत्री प्रिंस शेख खलीफा बिन सलमान अल खलीफा और बहरीन के राजा शेख हमद बिन ईसा अल खलीफा से मिलने के लिए उत्सुक हूं। वहां भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत होगी। खाड़ी क्षेत्र के सबसे पुराने मंदिरों में से भगवान श्रीनाथजी के मंदिर के विकास के लिए विशेष समारोह में उपस्थित होना मेरे लिए एक सम्मान की बात होगी।”

मोदी और मैक्रॉन के बीच गुरुवार को एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात होगी। भारत में फ्रांस के राजदूत एलेक्जेंड्रे जीगलर ने ट्वीट किया, “राष्ट्रपति मैक्रॉन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन को लेकर शेटेडीचैंटिलीपूरी तरह से तैयार है, जोकि पेरिस से करीब 60 किलोमीटर दूर है। यह फ्रांस की सांस्कृतिक विरासतों में से एक है।”

फ्रांस में भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे

जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, समुद्री सहयोग और डिजिटल परिवर्तन जैसे मुद्दों पर विचार रख सकते हैं। जी-7 शिखर सम्मेलन के अलावा मोदी अन्य देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे।प्रधानमंत्री पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित भी करेंगे। इसके अलावा वह निड डी एगल में एयर इंडिया के विमान दुर्घटना में मारे गए भारतीय लोगों की याद में एक स्मारक का भी उद्घाटन करेंगे।

भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार

भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच व्यापक और बहुआयामी संबंध हैं। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, साइबर, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूत सहयोग है।विदेश मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि मोदी की फ्रांस की द्विपक्षीय यात्रा और जी-7 शिखर सम्मेलन का निमंत्रण भारत और फ्रांस के बीच मजबूत एवं करीबी साझेदारी तथा उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्कों की परंपरा को ध्यान में रखते हुए है।

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Narendra Modi, India France: PM Narendra Modi France Visit Update: PM Modi Meeting Macron, G7 Summit Biarritz
Narendra Modi, India France: PM Narendra Modi France Visit Update: PM Modi Meeting Macron, G7 Summit Biarritz
Narendra Modi, India France: PM Narendra Modi France Visit Update: PM Modi Meeting Macron, G7 Summit Biarritz
Narendra Modi, India France: PM Narendra Modi France Visit Update: PM Modi Meeting Macron, G7 Summit Biarritz
पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों।

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वायनाड से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले तुषार वेल्लापल्ली दुबई में गिरफ्तार


दुबई. वायनाड लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले राजग के उम्मीदवार और बीडीजेएसके अध्यक्ष तुषार वेल्लापल्ली को यूएई पुलिस ने चेक बाउंस मामले में अजमन से गिरफ्तार कर लिया।बीडीजेएस केरल में राजग की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी दल है।

तुषार को मंगलवार शाम को अजमन के केंद्रीय कारागार भेज दिया गया। थ्रिसूर का एक कारोबारी नाजिल अब्दुल्ला ने यूएई पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज की थी। इसके मुताबिक, बीडीजेएस अध्यक्ष द्वारा 10 मिलियन दीरहम (लगभग 10 करोड़) रुपए का चेक बाउंस हो गया था।

तुषार ने चेक 10 साल पहले जारी किया था

शिकायतकर्ता ने दो दिन पहले इस संबंध में मामला दर्ज कराया था। उसने वेल्लापल्ली को अजमन के एक होटल में चेक बाउंस होने को लेकर बातचीत करने के लिए बुलाया था। तुषार ने यह चेक 10 साल पहले एक कंपनी के मालिकाना हक के सौंपने के क्रम में जारी किया था।

सूत्रों के मुताबिक चेक पर कोई तिथि नहीं लिखी थी। तुषार जब अजमन पहुंचा तो नाजी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उसे होटल से गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के मुताबिक बीडीजेएस नेता को रिहा कराए जाने को लेकर प्रयास हो रहे हैं।

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तुषार वेल्लापल्ली की फाइल फोटो

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अमेजन के जंगलों में 6 साल की सबसे बड़ी आग, दुनिया की 20% ऑक्सीजन यहां पैदा होती है


ब्रासीलिया.ब्राजील में अमेजन के जंगलों में आग लगने की घटना रिकॉर्ड स्तर पर है। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च के अनुसार बीते आठ महीने में 73,000 बार आग लगने की घटनाएं दर्ज हुईं। 2018 के मुकाबले इस बार ऐसी घटनाओं में 83% बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

2013 के बाद आग लगने का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक जंगलों में आग बीते दो-तीन सप्ताह से लगातार बढ़ रही है। ब्राजील नेइन घटनाओं पर महीने की शुरुआत में ही आपातकाल घोषित किया था।

  1. नासा ने बताया कि अमेजन वन की जलवायु जुलाई-अगस्त में उष्ण-आर्द्र बनी रहती है जबकि सितंबर से लेकर नवंबर मध्य तक यह शुष्क हो जाती है। अधिकारियों के मुताबिक, जंगल में आग लगने की अधिकांश घटनाओं का कारणखेती और पशुपालन होता है।

  2. समाचार पत्र के अनुसार, सैटेलाइट से ली गई फोटो से पता चला कि आग ब्राजील के अमेजन, रोंडोनिया, पारा और माटो ग्रासो स्टेट के जंगलों में लगी है। सबसे ज्यादा प्रभावित अमेजन हुआ है। इसका असर ब्राजील और पड़ोसी देशों पर भी पड़ा है।

  3. ब्राजील का यह वनक्षेत्र दुनिया का कुल 20 % ऑक्सीजन पैदा करता है। यहकुल 10 % जैव-विविधता वाला क्षेत्र है। इस क्षेत्र को पृथ्वी के फेफड़े माना जाता है।यह जलवायु को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यदि यह वन क्षेत्र खत्म होता है तो इसका दुनिया पर बुरा असर पड़ेगा।

  4. यूरोपियन यूनियन अर्थ ऑब्जर्वेशन प्रोग्राम के सैटेलाइट से ली गई फोटो मेंअमेजन, रोंडोनिया और अन्य राज्यों के जंगलों से आग की लपटें उठती दिखीं। आग से बड़ी संख्या में वन्यजीवों की मौतें भी हुईं। सोमवार को 2700 किमी दूर सेकाला धुआं साओ पाउलो और अन्य शहरों के ऊपर आया। इससे दिन में अंधेरा हो गया।विमानों की उड़ानें प्रभावित हुईं।

  5. इस घटना के बाद ट्विटर पर हैशटैग ‘प्रेयर फॉर अमेजन्स’ और ‘अमेजनरेनफॉरेस्ट’ ट्रेंड शुरू हो गया। यूजर्स ने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि वह नोट्रे डेम और अन्य आग की घटनाओं को प्रमुखता देता है लेकिन अमेजन केजंगलों में लगी आग को नजरअंदाज करता है।

  6. यूजर्स ने अरबपति लोगों से इस जंगल को बचाने के लिए दान देने की अपील की।ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो को भी लोगों की आलोचना का शिकार होना पड़ा। लोगों ने कहा- सरकारअमेजन में कृषि कार्य को रोकने और आग पर काबू पाने में नाकाम रही है। जुलाई में एक वरिष्ठ ब्राजीलियन अधिकारी ने बीबीसी को बताया था कि बोल्सोनारो ब्राजील में निर्वनीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।

  7. ब्राजील के एनजीओ ने भीराष्ट्रपति बोल्सोनारो पर जंगलों को काटने के लिए फंडिंग करने का आरोप लगया। राष्ट्रपति ने इसके जवाब में कहा कि उनपर आरोप लगाने वाले एनजीओ के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होंगे। उन्होंने कहा, “यह युद्ध है जिसका मैं सामना कर रहा हूं।” बोल्सोनारो के इस बयान के बाद शहर में कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए।

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      अमेजन के जंगल में आग। -एजेंसी

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न्यूजीलैंड के स्पीकर सांसद के बेटे को दूध पिलाते नजर आए; संसद में पेट्रोल कीमतों पर बहस चलती रही


वेलिंग्टन. न्यूजीलैंड की संसद से एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को संसद में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर बहस चल रही थी। जिसका संचालन स्पीकर ट्रेवर मलार्ड कर रहे थे। इस बहस में लेबर पार्टी के सांसद टामाटी कॉफी भी हिस्सा ले रहे थे। कॉफी अपने साथ अपने छह सप्ताह यानी करीब डेढ़ माह के बेटे को भी साथ लाए थे। स्पीकर को लगा कि टामाटी को बच्चे की वजह से काम करने में दिक्कत हो रही है। जिसके बाद उन्होंने मदद करने के लिए कॉफी की ओर हाथ बढ़ाया। तब सांसद भी अपनी सीट से उठे और उन्होंने अपना बच्चा स्पीकर की गोद में दे दिया, साथ ही दूध की बॉटल भी उन्हें दे दी। सदन की कार्रवाई चलती रही और बच्चा मजे से स्पीकर की गोद में पेट-पूजा करता रहा।

सरोगेट मदर से है यह बच्चा

यह बच्चा दो पुरुषों टिम स्मिथ और टामाटी का है। सरोगेट मदर (भारत में इसे किराए की कोख कहा जाता है) के जरिए इसका जन्म हुआ। टामाटी पिछले हफ्ते ही पितृत्व अवकाश से लौटे हैं। बाद में मलार्ड ने चुटकी लेते हुए कहा- 'कई बार मैं आश्चर्यजनक रूप से काम का आदमी साबित होता हूं। कोशिश करता हूं कि सांसदों के बच्चे भी संभाल सकूं।'

सांसद ला सकते हैं बच्चे

2017 में न्यूजीलैंड की संसद ने एक कानून पास किया। इसके तहत सांसदों को अधिकार दिया गया कि वो अपने बच्चों को भी लोकतंत्र के इस मंदिर में ला सकते हैं। फिलहाल, 12 से ज्यादा सांसद ऐसे हैं जो अक्सरबच्चों को लेकर संसद आते हैं। पिछले साल कीवी प्रधानमंत्री रहते हुए जेसिंडा अर्डर्न को मातृत्व सुख की प्राप्ति हुई थी। जिसके बाद संयुक्त राष्ट्रआमसभा मेंवो अपनी नवजात बिटिया को लेकर पहुंचीं थीं।

स्पीकर को तारीफों का तोहफा

बहरहाल, स्पीकर मलार्ड की इस दरियादिली की ट्विटर पर दिल खोलकर तारीफ की जा रही है।

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अपने छह सप्ताह के बेटे के साथ कॉफी।

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बुलेट ट्रेन खुले दरवाजे के साथ 280 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी, 340 यात्री सवार थे


टोक्यो. जापान में बुधवार को बुलेट ट्रेन का एक बड़ा हादसा टल गया। अपनी तेज रफ्तार और सुरक्षा के पैमानों के लिए दुनियाभर में लोकप्रिय शिंकानसेन ट्रेन का दरवाजा 280 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार पर खुला रह गया, जिससे इसमें सफर कर रहे करीब 340 यात्रियों की जान पर खतरा पैदा हो गया। हालांकि, सिक्योरिटी स्टाफ की मुस्तैदी की वजह से यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रही और सेंडाई स्टेशन पर ही दरवाजा खुले होने की जानकारी ट्रेन ड्राइवर को दे दी गई।

जापानी न्यूज वेबसाइट निक्केई के मुताबिक, टोक्यो से चली हायाबूसा ट्रेन नंबर-46 के एक कैरिज का दरवाजा रवाना होने से पहले ही खुला था। जब ट्रेन सेंडाई स्टेशन से गुजरी तो वहां पर एक कंडक्टर ने कैरिज में जलती वॉर्निंग लाइट देख ली। इसके बाद उसने अफसरों को खतरे की सूचना दी। बुलेट ट्रेन को सेंजाई के आगे ही एक सुरंग में रुकवाया गया। कैरिज की पूरी चेकिंग और यात्रियों की जानकारी लेने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।

जापान हाई स्पीड ट्रेनें दुनिया में सबसे सुरक्षित

शिंकानसेन की संचालक ईस्ट जापान रेलवे ने घटना के लिए यात्रियों से माफी मांगी है। प्रशासन ने कहा है कि वो यह तय करने की कोशिश करेगा कि ऐसी घटना दोबारा न हो। दरअसल, जापान के हाई स्पीड रेल नेटवर्क को दुनिया की सबसे समय पाबंद रेल सेवाओं में गिना जाता है। इसके अलावा इन ट्रेनों को काफी सुरक्षित भी कहा जाता है। शिंकानसेन का इमरजेंसी स्टॉप सिस्टम खुद ही भूकंप जैसे खतरों को भांप कर ट्रेन को धीमा कर लेता है।



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Bullet Train Japan | Sendai Tokyo Japan Fastest Bullet Train Door Opens at 280 Kilometres With 340 Passenger On Board

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इमरान खान ने कहा- मोदी से बातचीत की संभावना खत्म; जंग का खतरा बढ़ा


नई दिल्ली/ इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के अनुसार नरेंद्र मोदी से उनकी बातचीत की संभावना अब करीब-करीब समाप्त हो गई है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में इमरान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा- दोनों देश परमाणु हथियारों से लैस हैंऔर इनके बीच जंग का खतरा बढ़ता जा रहा है। भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। इमरान और उनके मंत्रियों के साथ वहां की फौज भी जंग की जुबान बोल रही है।

भारत से बातचीत की तमाम कोशिशें कीं
एक सवाल के जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने भारत से बातचीत शुरू करने के लिए हर तरह के प्रयास किए। इनमें कोई कमी नहीं रखी। लेकिन, मुझे लगता है कि भारत सरकार और प्रधानमंत्री को किसी तरह की बातचीत में कोई रुचि नहीं है। इसलिए आप अब कह सकते हैं कि बातचीत की संभावना न के बराबर है।”

अमन की उम्मीद अब नहीं
इमरान ने आगे कहा, “मैंने हर मुमकिन कोशिश की, ताकि दोनों मुल्कों में अमन बहाली हो। लेकिन, जब पलटकर देखता हूं तो लगता है कि शांति और बातचीत के मेरे प्रयास विफल रहे। मेरी कोशिशों का इस्तेमाल उन्होंने कुछ लोगों को खुश करने में किया। मुझे लगता है कि इससे ज्यादा हम कुछ कर भी नहीं सकते। लिहाजा, दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों में युद्ध का खतरा बढ़ता जा रहा है।” इमरान ने यह इंटरव्यू इस्लामाबाद स्थित अपने ऑफिस में दिया।

दुनिया को खतरा
इस इंटरव्यू के पहले इमरान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बातचीत भी हुई थी। इमरान ने ट्रम्प को बताया था कि कश्मीर में हालात चिंताजनक हैं। हालांकि, ट्रम्प ने इमरान से पहले मोदी से आधे घंटे बातचीत की थी। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर आशंका जताई कि पाकिस्तान के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा- जब दो परमाणु संपन्न देश आंखों में आंखें डालकर सीमा पर खड़े हों, तो इन हालात में कुछ भी हो सकता है।

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इमरान खान।-फाइल

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इमरान ने कश्मीर पर पार्टी समर्थकों से मदद मांगी, कहा- विदेश में इस मुद्दे को हाइलाइट करें


इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को अपनी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के विदेश सचिव अब्दुल्ला रियार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि विदेश में रह रहे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कश्मीर मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाइलाइट करने के लिए कहा जाए।

इमरान ने कहा कि अगले महीने न्यूयॉर्क में यूएन का जनरल असेम्बली सेशन होना है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कश्मीर मामले पर विरोध प्रदर्शन करना चाहिए।

  1. दरअसल, पाकिस्तान में तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सरकार है। उन्होंने यह तय किया है कि कश्मीर मामले को दुनिया के सामने रखना है। इससे पहले भारत सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए को निष्प्रभाव कर दिया था। इसके बाद से राज्य से विशेष राज्य का दर्जा हटा लिया गया था। तभी से भारत-पाक के बीच हालात तनावपूर्ण हैं।

  2. पाकिस्तान ने कश्मीर मामले को यूएनएससी में भी रखा था। हालांकि वहां चीन को छोड़कर किसी देश ने इस पर पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। इसके बाद पाकिस्तान और भी ज्यादा बौखलाया हुआ है।

  3. दूसरी तरफ भारत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह स्पष्ट कर चुका है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किया जाना, पूरी तरह से उसका आंतरिक मामला है। पाकिस्तान को इस सच्चाई को स्वीकार करने की जरूरत है।

  4. कश्मीर मामले पर भारत ने कहा कि यह भी द्विपक्षीय मामला है। इस पर भारत और पाकिस्तान के बीच ही बातचीत होगी। जहां तक बातचीत का सवाल है तो उसके लिए पहले पाकिस्तान को भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाना होगी।

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      Article 370: Pakistan: Imran Khan asks Pakistanis living abroad to help highlight Kashmir issue

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हिंदू महिलाओं को रेस्टोरेंट से निकाला, विरोध हुआ तो शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया और खाना खिलाया


इस्लामाबाद.पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के अपमान का एक और मामला सामने आया है। बीते शनिवार को कुछ हिंदू महिलाएं कराची के पास एक रेस्टोरेंट में लंच के लिए गई थीं। यहां के मैनेजर ने उन्हें न सिर्फ खाना देने से इनकार कर दिया बल्कि बाहर भी निकाल दिया। सोशल मीडिया के अलावा सिंध के अखबारों में भी घटना की आलोचना हुई। कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए। इसके बाद होटल मैनेजमेंट ने महिलाओं को आमंत्रित किया। उन्हें शॉल ओढ़ाए और खाना भी खिलाया।

घटना कराची नेशनल हाईवे के मशहूर रेस्टोरेंट अल हबीब की है। ये सिंध प्रांत के लरकाना क्षेत्र में आता है। हिंदू महिलाएं रेस्टोरेंट में लंच के लिए रुकी थीं। मैनेजमेंट ने पहनावे और बोलचाल से उनके हिंदू होने का अनुमान लगाया। उन्हें अपमानित कर बाहर जाने के लिए कहा था। ‘गल्फ न्यूज’ के मुताबिक, ये महिलाएं बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की समर्थक थीं।

विरोध हुआ तो मैनेजमेंट ने माफी मांगी
स्थानीय मीडिया में जैसे ही घटना सामने आई,विरोध तेज होता गया। रेस्टोरेंट मैनेजमेंट छवि खराब होते देख घबरा गया। इसके मैनेजर मंसूर कलवार ने मंगलवार को इन महिलाओं और उनके परिवारों को बुलाकर माफी मांगी। उन्होंने खुद इन परिवारों के साथ खाना खाया। सिंध के मानवाधिकार कार्यकर्ता कपिल देव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।



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रेस्टोरेंट मैनेजर ने हिंदू महिलाओं से बदसलूकी पर माफी मांगी। (प्रतीकात्मक फोटो)

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70 साल पहले मां ने दी थी मैचिंग टी-शर्ट, तब से एक जैसे कपड़े पहन रहा है कपल


कैलिफोर्निया.प्लूमस लेक इलाके के रहने वाले 87 वर्षीयफ्रांसिस और रोजमैरी बीते 70 सालों से मैचिंग के कपड़े पहन रहे हैं। दोनों की पहली मुलाकात मिडिल स्कूल में हुई थी, हाई स्कूल के दिनों से दोनों से मैचिंग के कपड़े पहनना शुरू किया था, जो अब तक जारी है। दाेनोंअगले महीने अपनी शादी की 68वीं सालगिरह मनाने जा रहे हैं। फ्रांसिस और रोजमैरी क्लोन्तज अपने कपड़ों को लेकर तबसे सतर्क हैं, जब हाईस्कूल में उन्होंने नया-नया डेट पर जाना शुरू किया था। रोजमैरी पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि जब वे हाईस्कूल में थे तो पहली बार उसकी मां ने उन दोनों को मैचिंग टी-शर्ट दी थीं। उनके मैचिंग कपड़ों को लोगों ने नोटिस किया तो उन्होंने इसे अपनी आदत में शामिल कर लिया।

  1. फ्रांसिस और रोजमैरी कई दशकों तक प्लूमस लेक इलाके के चर्च में भी साथ-साथ गाते रहे हैं। फ्रांसिस कहते हैं कि ‘जब मैंने रोजमैरी को देखा था, तो वह मुझे दुनिया की सबसे सुंदर चीज लगी। जब हम सीनियर कक्षा में आए तो हमने साथ-साथ घूमना शुरू किया। हम एक-दूसरे के साथ बाहर जाने लगे। हम दोनों ने 19 साल की उम्र में ही शादी कर ली।’

  2. रोजमैरी कहती हैं, ‘फ्रांसिस को कपड़े चुनने का हुनर जरा भी नहीं आता है। वहीं रोजना तय करती हैं कि दोनों को क्या पहनना है।’ फ्रांसिस कहते हैं ‘मैंने कभी इस बात की परवाह ही नहीं की कि क्या पहनना है और क्या नहीं? वह जो भी मेरे सामने रखती है मैं पहन लेता हूं।’

  3. यह जोड़ा अपनी इतनी लंबी और शानदार वैवाहिक जिंदगी के लिए मैचिंग की इस आदत के अलावा कुछ और को भी श्रेय देता है। वे कहते हैं कि अगर आप आनंद को परिभाषित करना चाहते हैं तो वह है- ईश्वर प्रथम, बाकी द्वितीय और हम अंत में। बस हम इसी रास्ते पर चलते रहे और पता भी नहीं चला कि कब इतने साल गुजर गए।

  4. ‘सिंगिंग चैपलिंस’के नाम से चर्चित यह जोड़ा अपना खाली समय स्थानीय अस्पतालों, चर्चों और आसपास के इलाके में जरूरतमंदों की सेवा करते हुए बिताता है। वे कहते हैं कि हम सप्ताह में दो दिन पादरी की भूमिका में होते हैं और हम इसे पसंद करते हैं। हम आज भी अस्पतालों में मरीजों के लिए गाते हैं। वे विशेष जरूरत वाले बच्चों के एक ग्रुप को पढ़ाते भी हैं। इनको वे ईश्वर के बच्चे कहते हैं।



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      फ्रांसिस और रोजमैरी क्लोन्तज।

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बांग्लादेश ने कहा- यह भारत का आंतरिक मसला, फ्रांस बोला- पाकिस्तान क्षेत्र में शांति बनाए रखे


नई दिल्ली.जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर भारत को पड़ोसी बांग्लादेश का साथ मिला है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कश्मीर को भारत का आंतरिक मसला बताया गया। विदेश मंत्री शाहिदुल हक ने कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास सभी देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

फ्रांस की तरफ से भी कश्मीर पर भारत का समर्थन किया गया है। फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के प्रवक्ता ज्यां-वेस ले ड्रायन ने कहा कि कश्मीर पर हमारी नीति स्पष्ट है। यह मामला भारत-पाक को द्विपक्षीय राजनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाना है। दरअसल, ज्यां ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मंगलवार को फोन पर बात की। इसमें ज्यां ने पाक से क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़े।

जी-7 समिट में मोदी से कश्मीर मुद्दे पर बात करेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कश्मीर मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे। फ्रांस के एक राजनायिक ने नाम न उजागर करने की शर्त पर कहा कि मैक्रों जी7 समिट में इस पर मोदी से चर्चा करेंगे। राजनायिक ने कहा कि हम भारत के साथ कूटनीतिक साझेदारी में हैं। इसका मतलब हमें एक दूसरे पर भरोसा होना चाहिए।



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बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीन (बाएं) और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों।

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डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने अमेरिका को ग्रीनलैंड बेचने की मांग ठुकराई, ट्रम्प ने उनके साथ बैठक टाली


वॉशिंगटन.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को ऐलान किया कि वे डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन के साथ बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। दरअसल, ट्रम्प ग्रीनलैंड खरीदने के लिए मेट से बातचीत करना चाहते थे। लेकिन मेट ने ट्रम्प से कह दिया कि उन्हें ग्रीनलैंड बेचने पर कोई बात नहीं करनी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा कि वे दो हफ्ते बाद होने वाली मीटिंग को किसी अन्य दिन के लिए टाल रहे हैं।

ट्रम्प ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री मेट ने ग्रीनलैंड के मामले पर सीधे बात कर अमेरिका और डेनमार्क दोनों का समय और कोशिशें बचा लीं। मैं इसके लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं।”

ट्रम्प ने व्हाइट हाउससलाहकारों से चर्चाकी थी

अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने खुलासा किया था कि डोनाल्ड ट्रम्प ग्रीनलैंड को खरीदना चाहते हैं। वे इसको लेकर गंभीर हैं और उन्होंने इस संबंध में व्हाइट हाउस के सलाहकारों से राय ली है। सितंबर में ट्रम्प कोपेनहेगन (डेनमार्क) की यात्रा पर जाने वाले थे। वे प्रधानमंत्री मेट फ्रेडरिक्सन के साथ ग्रीनलैंड बेचने पर बात करना चाहते थे, क्योंकि ग्रीनलैंड डेनमार्क के अधिकार क्षेत्र में आता है।

ट्रम्प ने भी रविवार को इन अटकलों को सही ठहराते हुए कहा था कि वे ग्रीनलैंड को खरीदने में रुचि रखते हैं। उन्होंने इस सिलसिले में डेनमार्क से चर्चा शुरू करने की बात भी कही थी। हालांकि, इसे अपने प्रशासन की प्राथमिकता बताने से इनकार किया था।

ग्रीनलैंड ने कहा था- हमारा द्वीप व्यापार के लिए खुला, लेकिन बिकाऊ नहीं
ग्रीनलैंड ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से कहा था कि द्वीप व्यापार करने के लिए खुला है, लेकिन यह बिकाऊ नहीं है। ग्रीनलैंड के प्रीमियर किम कीलसेन ने साफ किया, “हमारा द्वीप अमेरिका समेत किसी भी देश से कारोबार और सहयोग के लिए खुला हुआ है। द्वीप किसी भी तरह से बेचा नहीं जाएगा।”

ग्रीनलैंड में 57 हजार लोग रहते हैं
ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है। करीब आठ लाख 11 हजार वर्ग मील (करीब 28 हजार वर्ग किमी) में फैला हुआ ग्रीनलैंड एक विशालकाय द्वीप है। ग्रीनलैंड का 85% भाग 1.9 मील मोटी (3 किमी) बर्फ की चादर से ढका है। इसमें दुनिया का 10% ताजा पानी है। यहां लगभग 57,000 लोग रहते हैं। यह उत्तर अटलांटिक और आर्कटिक महासागर के बीच में है। ग्रीनलैंड जलवायु परिवर्तन के संकट से जूझ रहा है। जुलाई में यहां बड़ी मात्रा में बर्फ पिघली थी। करीब 12 बिलियन टन बर्फ समुद्र में बह गई।

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अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने ट्रम्प की ग्रीनलैंड खरीदने की योजना का खुलासा किया था।

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे को धर्म से जोड़ा, तीसरी बार मध्यस्थता की पेशकश की


वॉशिंगटन.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने में दिलचस्पी दिखाई है। ट्रम्प ने मंगलवार को एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “कश्मीर एक जटिल स्थिति है। इस समस्या का धर्म से भी संबंध है। आपकेपास हिंदू हैं और मुस्लिम भी हैं। मुझे नहीं लगता कि दोनों समुदायअच्छे से साथ रह पाते हों। दोनों देशों के बीच बड़ी परेशानियां हैं। यह दशकों से चला आ रहा है। इसे सुलझाने के लिए मैं मध्यस्थता कर सकता हूं या फिर कुछ और बेहतर।”

ट्रम्प पहले भी कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की बात कह चुके हैं। 22 जुलाई को पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिका दौरे पर ट्रम्प ने कहा था कि मोदी दो हफ्ते पहले उनके साथ थे और उन्होंने कश्मीर मामले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी। हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर ट्रम्प के दावे को गलत बताया था। सरकार की तरफ से कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और ट्रम्प ऐसी कोई बात नहीं हुई। भारत अपने निर्णय पर कायम है। पाकिस्तान के साथ सारे मसले द्विपक्षीय बातचीत के जरिए ही हल किए जाएंगे। इसके बाद 2 अगस्त को एक बार फिर रिपोर्टर्स के साथ बातचीत में ट्रम्प ने कहा था कि अगर भारत-पाक चाहेंगे तो उन्हें मध्यस्थता कर के खुशी होगी।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद भारत-पाक से लगातार संपर्क में हैं ट्रम्प
इससे पहले रविवार को ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की। दोनों के बीच करीब 30 मिनट तक द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी ने ट्रम्प के साथ बातचीत में कहा था- सीमा पार आतंकवाद को रोकना और आतंक व हिंसा से मुक्त माहौल बनाना क्षेत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने ट्रम्प से अफगानिस्तान के विषय पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत एकजुट, सुरक्षित और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान के निर्माण के लिए लंबे समय से प्रतिबद्ध है।

ट्रम्प ने पाक प्रधानमंत्री से कहा था- तीखी बयानबाजी से बचो

इसके बाद ट्रम्प ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर बात की। ट्रम्प ने इमरान को सलाह दी कि पाक भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी से बचे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के हालात पर इमरान को भारत के साथ तनाव कम करने के लिए भी कहा। ट्रम्प और इमरान के बीच एक हफ्ते के अंदर दूसरी चर्चा थी। इससे पहले भी ट्रम्प ने इमरान को सलाह दी थी कि कश्मीर पाक और भारत का द्विपक्षीय मुद्दा है और इस पर किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए भारत से अपनी तरफ से बात शुरू करें।



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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रम्प। -फाइल

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मोदी ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर तोड़फोड़ का मुद्दा उठाया, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने खेद जताया


नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्रीबोरिस जॉनसन से मंगलवार रात फोन पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने 15 अगस्त को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोगके बाहर तोड़फोड़ और प्रदर्शनका मुद्दा उठाया। दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के दिन पाकिस्तान और खालिस्तानसमर्थकों ने उच्चायोगके सामने हिंसक प्रदर्शन किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉनसन ने इस पर खेद जताया है। साथ ही पूरी सुरक्षा प्रदान करने को लेकर जरूरी कदम उठाने की बात कही है।

15 अगस्त को पाक और खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने भारतीय ध्वज का अपमान किया था। इस दौरान हाई कमीशन की बिल्डिंग पर पत्थरबाजी की कोशिश भी की गई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि लंदन पुलिस ने इस मामले में देरी से कार्रवाई की। प्रदर्शन के बाद भारतीय अधिकारियों ने ब्रिटेन में सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की थी।

जॉनसन ने कश्मीर को भारत-पाक का द्विपक्षीय मुद्दा बताया
मोदी से बातचीत के दौरानब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कश्मीर मुद्दे को भारत-पाक का द्विपक्षीय मसला बताया। जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन का मत यह है कि कश्मीर विवाद को द्विपक्षीय तरीके से बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच कश्मीर के हालात पर भी चर्चा हुई।

मोदी-जॉनसन जी-7 समिट में मिलेंगे

प्रधानमंत्री मोदी ने जॉनसन को प्रधानमंत्री बनने पर शुभकामनाएं दी। दोनों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को बेहतर करने पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि दोनों नेताओं के बीच जलवायु परिवर्तन और आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के खतरों पर चर्चा हुई। मोदी और जॉनसन इसी हफ्ते फ्रांस में होने वाली जी-7 समिट मेंमिलेंगे। यहां दोनों के बीच अलग-अलग विवादों पर विस्तृत बातचीत हो सकती है।

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नरेंद्र मोदी और बोरिस जॉनसन। -फाइल

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पेरिस में 459317 वर्ग फीट में बना दुनिया का सबसे बड़ा रूफटॉप फार्म, अगले साल शुरू होगा


पेरिस. दुनिया का सबसे बड़ा रूफटॉप शहरी फार्म पेरिस में अगले साल शुरू होगा। उम्मीद है कि इससे हर साल हजारों लोगों को भोजन मिल सकेगा। पेरिस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में 459317 वर्ग फीट (14,000 वर्ग मीटर) में बन रहा यह फार्म दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा फार्म होगा। इस फार्म के प्रबंधन के लिए 20 माली रखे गए हैं। जो यहां पर 30 तरह के पौधे लगाएंगे। इस फार्म को शहरी फार्मिंग कंपनी एग्रीपोलिस ने बनाया है। उसका दावा है कि इस फार्म से हाई सीजन में रोजाना एक हजार किलो फल व सब्जियां मिल सकेंगी।

  1. कंपनी लंबे समय से शहरों में लोगों को फार्मिंग के बारे में शिक्षित करती रहती है। इसके लिए वह कई वर्कशॉप का आयोजन भी कर चुकी है। कंपनी ने पेरिस के लोगों से आग्रह किया है कि उन्हें अपने घर की छत पर अनिवार्य रूप से एक छोटा सा हिस्सा गार्डनिंग के लिए रखना चाहिए।

  2. एग्रीपोलिस के डेवलपरों ने बताया कि उन्होंने इस फार्म को वर्टिकल फार्मिंग तकनीक पर तैयार किया है। इससे इस फार्म में किसी भी तरह के पेस्टीसाइड की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही इसमें पानी की जरूरत भी बहुत कम होगी।

  3. एग्रीपोलिस के संस्थापक पास्कल हार्डी कहते हैं कि ‘हमारा विजन एक ऐसे शहर का हैं, जहां पर हर खाली छत और खाली जगह पर हमारी यह नई तकनीक स्थापित हो। हर आदमी शहर के लोगों को खिलाने में अपना योगदान दे, क्योंकि अाज शहरी लोग दुनिया में सिर्फ खाने वालों का सबसे बड़ा समूह है।’

  4. हार्डी कहते हैं कि ‘हमारा लक्ष्य है कि हम इस फार्म को सतत उत्पादन के मॉडल के रूप में दुनिया के सामने पेश करें। हम प्रकृति के चक्र के साथ पेरिस जैसे शहर के बीचो बीच उच्च गुणवत्ता के उत्पाद पैदा करके यह दिखा रहे हैं।’



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      पेरिस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में तैयार रूफटॉप फार्म।

      Click here to Read full Details Sources @ https://www.bhaskar.com/international/news/the-world-s-largest-459317-sq-ft-rooftop-farm-in-paris-will-start-next-year-01622217.html

अपहरणकर्ता को पुलिस ने गोली मारी, सभी 16 बंधकों को सुरक्षित बचाया गया


रियो डी जेनेरियो. ब्राजील के रियो डी जेनेरियो प्रांत में बस को अपने कब्जे में करने वाले एक बंदूकधारी व्यक्ति को पुलिस ने मंगलवार को गोली मार दी।सभी 16 बंधकों को सुरक्षित बचा लिया। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी है। बंदूकधारी व्यक्ति ने इस बस को रियो डी जेनेरियो और पड़ोसी शहर नितेरोई को जोड़ने वाले पुल पर अपने कब्जे में कर लिया था।

इससे पहले, पुलिस ने अपहरणकर्तासे बंधकों को रिहा करने को लेकर कई बार बातचीत की। उसने छह बंधकों को रिहा भी किया। इस दौरान बस को सेना और स्निपर्स ने चारों ओर से घेर लिया था। घटनास्थल पर पांच एम्बुलेंस को भी तैनात रखा गया था। बंदूकधारी व्यक्ति ने सफेद रंग का शर्ट और गहरे रंग का ट्राउजर पहन रखा था। उसने बस में आग लगाने की धमकी दी थी।हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उसकी कोई मांग थी या इसके पीछे क्या कारण था?

इससे पहले भी रियो में ऐसी घटना हो चुकी है
रियो में यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। इससे पहले 2000 में एक व्यक्ति ने एक यात्री बस को बंदूक की नोंक पर जब्त कर लिया था। घंटों बंधक बनाये रखने के बाद 174 लोगों को रिहा कर दिया था। इसमें अपहरणकर्ता और एक बंधक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

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रियो डी जेनेरियो में हाईजैक किए गए बस का दृश्य

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पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र के बाद अंतरराष्ट्रीय अदालत में उठाएगा कश्मीर का मसला


इस्लामाबाद. पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से मंगलवार शाम कहा गया कि इमरान खान सरकार कश्मीर मामले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में ले जाने की तैयारी कर रही है। इससे पहले पाकिस्तान ने यह मामला यूएनएससी में भी उठाया था, जहां उसे निराशा ही हाथ लगी थी।

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया। घाटी से अनुच्छेद 370 और 35-ए को निष्प्रभाव कर दिया गया। इसके बाद से ही घाटी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान ने कश्मीर मामले को यूएनएससी में भी उठाया था, मगर चीन को छोड़कर किसी देश ने उसका साथ नहीं दिया।

गुप्त बैठक भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी

हाल ही में कश्मीर मसले को लेकर सुरक्षा परिषद में हुई गुप्तबैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन द्वार इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश नाकाम रही। सूत्रों ने न्यूज एजेंसीको बताया था कि बैठक के बाद चीन अगस्त महीने के सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष पोलैंड द्वारा एक प्रेस बयान के लिए जोर दे रहा था। यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने भी चीन का समर्थन किया था। हालांकि, बैठक के बाद पोलैंड की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

15 सदस्यों ने कहा था कि कश्मीर द्विपक्षीय मामला

इस बैठक में शामिल 15सदस्यों ने सुरक्षा परिषद में साफतौर पर कहा था कि कश्मीर नई दिल्ली और इस्लामाबाद का द्विपक्षीय मामला है। ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि बैठक के बाद कोई बयान या परिणाम जारी नहीं किया जाना चाहिए। चीन ने अपनी राष्ट्रीय क्षमता के आधार पर बयान दिया। इसके बाद भारत ने कहा कि कश्मीरहमारा आंतरिक मामला है। पाकिस्तान के पास संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाए जाने का कोई आधार नहीं है।

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Pakistani government: Pakistan Media: Pakistan News Updates: government has decided to approach the ICJ over Kashmir iss

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ट्विटर-फेसबुक ने सस्पेंड किए 200 पाकिस्तानी अकाउंट्स, कश्मीर को लेकर फैला रहे थे झूठ


कराची. सोशल मीडियासाइट्सट्विटर और फेसबुकने हाल ही में कश्मीर को लेकर झूठा प्रचार कर रहे 200 से ज्यादा पाकिस्तानी यूजर्स के अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये कार्रवाई भारत सरकार से मिली शिकायत के बाद की गई। जिसके बाद तिलमिलाए पाकिस्तान ने भी इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने इसके पीछे इन साइट्स में काम करने वाले भारतीयों को जिम्मेदार बताया है। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में #StopSuspendingPakistanis ट्रेंड कर रहा है।

  • पाकिस्तान की इंटर सर्विसेस पब्लिक रिलेशन्स (ISPR) के डीजी मेजर जनरल आसिफ गफूर ने रविवार को एक ट्वीट करते हुए इस बारे में बताया। उन्होंने लिखा, 'कश्मीर के समर्थन में पोस्ट करने की वजह से पाकिस्तानी अकाउंट्स सस्पेंड कर दिए गए। इस मामले को हमारे उच्चाधिकारियों ने ट्विटर और फेसबुक के सामने उठाया है। इसके पीछे क्षेत्रीय मुख्यालयों में काम करने वाला उनका भारतीय स्टाफ है। अगर आपकी जानकारी में भी कोई सस्पेंडेड अकाउंट है, यहां रिप्लाई करते हुए बताएँ।'
  • वहीं इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय के डिजिटल मीडिया प्रमुख अर्सलान खालिद ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि 'पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन ऑथोरिटी (PTA) ने इस मामले में ट्विटर के स्थानीय कार्यालय में आधिकारिक शिकायत दर्ज करा दी है।'
  • आगे उन्होंने कहा, 'हम इस मामलेमें कई स्तरों पर रणनीति बनाकर आगे बढ़ रहे हैं। फिलहाल PTA ने 200 अकाउंट्स की जानकारी के साथ उनके क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए उन्हें सस्पेंड करने को लेकर जवाब मांगा है। साथ ही हम नेशनल IT बोर्ड (NITB) के साथ मिलकर एक दीर्घकालिक रणनीति पर भी काम कर रहे हैं, ताकि ऐसी स्थितियां दोबारा उत्पन्न ना हों।'
  • जिन लोगों के अकाउंट्स सस्पेंड किए गए हैं, उनमें पाकिस्तानी जर्नलिस्ट्स, एक्टिविस्ट्स, सरकारी अधिकारी और पाक सेना के अधिकारी भी शामिल हैं, ये लगातार कश्मीर के हालातों को लेकर फर्जी बातें फैला रहे थे। जिसके चलते उनके खिलाफ ये कार्रवाई की गई।


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Twitter Facebook suspended 200 Pakistani accounts, Spreading Rumours About Kashmir

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50 से ज्यादा घरों के बाहर टीवी सेट छोड़ रहा है एक शख्स, सिर पर पहना है टीवी जैसा मुखौटा


वॉशिंगटन. वर्जीनिया में लोगों के घरों के बाहर एक आदमी पुराने टीवी सेट रख रखा है। यह शख्स आधी रात को आता है और टीवी सेट रखकर चला जाता है। अपनी पहचान छिपाने के लिए इस व्यक्ति ने अपने सिर पर भी टीवी सेट जैसा मुखौटा पहना है। 10 अगस्त की रात को इसी आदमी ने करीब 50 घरों के बाहर पुराने टीवी सेट को छोड़ दिया।

हालांकि, उस आदमी के इस काम से किसी को कोई नुकसान तो नहीं हुआ है, लेकिन यह घटना हैरानी पैदा करने वाली जरूर है। स्थानीय निवासी जेम्स साइमन ने बताया कि यह अजीब है, लेकिन इससे किसी को कोई नुकसान नहीं है।

एक से ज्यादा लोगों ने रखे होंगे टीवी सेट्स
पुलिस का कहना है कि एक से अधिक लोगों ने इन टीवी सेट्स को इलाके में रखा होगा। हालांकि, यह असामान्य घटना है, लेकिन ऐसा कोई कारण नहीं है, जिसकी वजह से परेशान होने की जरूरत हो। स्थानीय समाचार रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2018 में भी इसी तरह का प्रैंक (शरारत) इस इलाके में किया गया था। उस घटना में भी 20 से अधिक विंटेज टीवी सेट सामने वाले पोर्च पर रखे गए थे।



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वर्जीनिया में लोगों के घरों के बाहर पुरानी टीवी सेट रखता व्यक्ति।

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ट्विटर ने हॉन्गकॉन्ग प्रदर्शनों के खिलाफ चीन से जुड़े 936 अकाउंट्स हटाए गए


सैन फ्रांसिस्को. हॉन्गकॉन्गमें 12 हफ्ते से विवादित प्रत्यर्पण विधेयक के विरोध में प्रदर्शन जारी है। इसी बीच ट्विटर ने सोमवार को इस अभियान से जुड़े चीन के 936 अकाउंट्स को हटा दिए। साथ ही दो लाख अकाउंट्स को सस्पेंडकर दिया।इन अकाउंट्स के माध्यम से जानबूझकर हांगकांग में राजनीतिक कलह को बढ़ाया जा रहा था।

  1. ट्विटर ने सोमवार को अपने ब्लॉग पोस्ट मेंकहा- हमने इसकी गहन जांच की है। हमारे पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इन अकाउंट्स को राज्य का समर्थन हासिल था। विशेष रूप से हमने हॉन्गकॉन्ग के विरोध प्रदर्शन से जुड़े मैसेज को बढ़ावा देने वाले अकाउंट्स की पहचान की है।

  2. ट्विटर ने हॉन्गकॉन्ग के विरोध प्रदर्शनों के ट्वीट्स और अकाउंट्स का संग्रह भी जारी किया। साथ ही कहा कि जोड़-तोड़ और ऐसी गतिविधियों का हमारे प्लेटफॉर्म पर कोई स्थान नहीं है। ऐसे पोस्ट हमारी कंपनी के मूलभूत सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं।

  3. ट्विटर के मुताबिक, जैसा कि हमने पहले कहा है कि सूचनाओं के आदान-प्रदान (इन्फॉर्मेशन ऑपरेशंस) को बंद नहीं किया जाएगा।हमने राज्य द्वारा नियंत्रित समाचार मीडिया संस्थाओं के सभी विज्ञापन पर भी प्रतिबंधलगाए हैं।

  4. हॉन्गकॉन्ग की सड़कों पर प्रत्यर्पण विधेयक के विरोध में रविवार को 18 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे। सभी के हाथों में रंगीन छाते थे, जो अब विरोध का प्रतीक बन गए हैं। प्रदर्शन का आयोजन करने वाले समूह सिविल ह्यूमन राइट्स फ्रंट की बॉनी लिउंग का कहना है कि जब तक हांगकांग के लोगों की सारी मांगों को मान नहीं लिया जाता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

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      हॉन्गकॉन्ग में प्रदर्शन करते लोग।
      Hong Kong: Twitter removes 936 accounts linked to China for 'sowing political discord' in Hong Kong

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मलेशिया में जाकिर नाइक के भड़काऊ भाषणों पर प्रतिबंध, स्थायी निवासी का दर्जा भी छिन सकता है


कुआलालंपुर. मलेशियाई सरकार ने भारत केइस्लामिक उपदेशक और भगोड़े जाकिर नाइक पर बड़ी कार्रवाई की है। जाकिर पर मलेशिया में किसी भी नस्लीय राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने और भड़काऊ भाषण देने पर प्रतिबंध लगाया गया है। जाकिर पर मलेशिया में अल्पसंख्यक समुदायहिंदुओंऔर चीन के लोगों की भावनाएं आहत करने का आरोप है। मीडिया की मानें तो जाकिर कास्थायी निवासी का दर्जा भी छिन सकता है।

इसके अलावा मलेशिया के मेलका राज्य ने भी जाकिर के भाषणों पर प्रतिबंध लगा दिया। ऐसा करने वाला वह देश का 7वां राज्य है। हाल ही में नाइक ने कहा था कि मलेशिया में हिंदुओं को भारत के मुस्लिमों के मुकाबले 100 गुना ज्यादा अधिकार मिले हैं।

  1. मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने कहा कि जाकिर को 2015 से मलेशिया में स्थायी निवासी का दर्जा मिला है। यदि वह देश को नुकसान पहुंचाने वाले कार्यों में लिप्त पाया गया तो स्थायी निवासी का दर्जा वापस लिया जा सकता है। जाकिर ने जुलाई 2008 में कहा था कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के लिए अलकायदा जिम्मेदार नहीं है।

  2. मेलका के मुख्यमंत्री अदली जहारी ने रविवार को कहा था कि जाकिर अब राज्य में किसी भी प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम में भाषण नहीं दे सकेगा। हम सभी के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं, इसलिए हमने यह निर्णय लिया।

  3. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पुलिस ने सोमवार को करीब 10 घंटे तक जाकिर से पूछताछ की। इस दौरान जाकिर ने पुलिस से अपने भड़काऊ भाषण को लेकर माफी भी मांगी। उसने कहा कि वह कुरान के मुताबिक विश्व में शांति फैलाना चाहता है।आलोचक भाषण के कुछ अंश को लेकर मुझे गलत बता रहे हैं। उसने कहा कि गैर-इस्लामिक लोग उसे रेसिस्ट मान रहे हैं, इस बात से दुख होता है।

  4. मलेशिया के गृह मंत्री मुहीद्दीन यासीन ने रविवार को कहा था कि हम जाकिर के बयान को नस्लीय भेदभाव और संवेदनशील मामला मानते हैं। लिहाजा पुलिस ने जाकिर को पूछताछ के लिए बुलाया। हाल ही में मलेशियन अथॉरिटी ने हिंदू और चीनीके खिलाफ भाषण देने के मामले में जाकिर को दूसरी बार समन भेजा था।

  5. मलेशिया की जनसंख्या करीब 3 करोड़ 20 लाख है। इसमें 60% मुसलमान हैं। देश में हिंदू समुदाय भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। यहां की राजनीति और कारोबार में भी हिंदुओं का काफी प्रभाव है। ऐसे में जाकिर का बयान दोनों समुदायों के लिए भड़काऊ माना जा रहा है।

  6. प्रधानमंत्री महातिर पहले नाइक के प्रत्यर्पण से इनकार कर चुके हैं, लेकिन अब इस इस्लामिक धर्मगुरू का वहां विरोध तेज हो गया है। महातिर ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जाकिर को भारत न भेजने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने कहा था कि अगर कोई और देश जाकिर को लेना करना चाहता है तो उसका स्वागत है।

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      जाकिर नाइक।

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एक स्कूल में 25 जुड़वा बच्चों ने एडमिशन लिया, पिछले साल 14 जुड़वा पढ़ने आए थे


एडिनबर्ग. स्कॉटिश काउंसिल वेस्ट डन्बर्टशायर के एकस्कूलमें नया सेशन शुरू होने पर इस बार 25 जुड़वाबच्चों ने एडमिशन लिया है। इन सभी की क्लासेज सोमवार (19 अगस्त) से शुरू हो गई। इनमें से आधे बच्चेप्राइमरी और आधे सेकंडरी स्कूल की क्लासेज में पढ़ेंगे।

पिछले साल काउंसिल के स्कूलमें 14 जुड़वाबच्चों ने एडमिशन लिया था। पिछले दिनों सभी स्टूडेंट्स नई यूनिफॉर्म लेने स्कूल पहुंचे और बेल्समेयर कैंपस में अपने नए क्लासमेट्स से भी मुलाकात की है।

  1. एजुकेशन डिपार्टमेंट के वाइस कन्वीनर इयान डिक्सन ने बताया, गर्मी की छुट्‌टी के बाद स्कूल शुरू करना बच्चों के लिए एक बड़े बदलाव जैसा होता है। हमारे सभी स्टूडेंट्स को टीचर्स का पूरा सहयोग मिलेगा। स्कूल के दिन हम सभी की जिंदगी के बेहतरीन सालों में शुमार होते हैं और मुझे यकीन है कि हर स्टूडेंट्स और ये सभी जुड़वाइसे एंजॉय करेंगे।

  2. वैसे भी ट्विन्स का क्लास में पढ़ना काफी रोमांचक रहता है, क्योंकि ये दोनों चाहे कंपीटिटिव हों, लेकिन एक-दूसरे की मदद जरूर करने को तैयार रहते हैं। अगर कोई एक किसी चीज में कमजोर होता है, तो दूसरा उसे न सिर्फ तेजी से सीख लेता है, बल्कि अपने ट्विन को सिखाता भी है।

  3. यूनिफॉर्म लेने आई बहनों में जैसमीन और तामजिन हैरिसन (12) क्लाइडबैंक हाई स्कूल में पढ़ेंगे। जैसमीन ने कहा, हम दोनों काफी नर्वस हैं, लेकिन एक्साइटेड भी हैं। मेरी दिलचस्पी होम साइंस और कुकिंग में है, इसलिए ये सब्जेक्ट्स तो जरूर पढूंगी। वैसे भी मेरे पापा शेफ हैं तो उनकी तरह ही शेफ बनना है।

  4. जैसमीन की तरह पांच साल की हैना और लुइस भी अपने पिता के नक्शे कदम पर चलना चाहते हैं। फिलहाल तो दोनों प्राइमरी स्कूल में हैं, लेकिन करियर आईटी में ही बनाएंगे, इस बात को लेकर आश्वस्त हैं। लुइस ने बताया, मैं तो बड़े होकर कंप्यूटर के साथ खेलना चाहता हूं, बिल्कुल वैसे जैसे मेरे पापा उस पर काम करते हैं।

  5. काउंसिल की एजुकेशनल कन्वीनर कैरेन कोनेगन ने कहा, स्कूल का पहला दिन हर बच्चे और उसके माता-पिता के लिए खास होता है और उसे अपने सगे भाई या बहन के साथ शेयर करना इसे और भी खूबसूरत और यादगार बना देता है। मैं वेस्ट डनबार्टनशायर के हर स्कूल में आए सभी नए बच्चों को शुभकामनाएं देती हूं। यह तो सब जानते हैं कि प्राइमरी क्लासेज हमारी जिंदगी की सबसे ज्यादा मस्ती करने वाली होती हैं और मुझे यकीन है कि सभी बच्चे इसे एंजॉय करेंगे। काउंसिल हर बच्चे को उसकी पढ़ाई के लिए हर चीज उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं हर बच्चे कोक्लास और फ्यूचर के लिए बेस्ट ऑफ लक कहती हूं।



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      डन्बर्टशायर के स्कूल में जुड़वा बच्चे।

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पूर्व राजनयिक बोले- अगर कोई अपने अधिकारों के लिए हथियार उठाता है तो इसमें कुछ गलत नहीं


इस्लामाबाद. पाकिस्तान के तीन पूर्व राजनयिकों ने जम्मू-कश्मीर में हिंसा को बढ़ावा देने संबंधी बयान दिए हैं। अनुच्छेद 370 खत्म करने के मामले पर चर्चा कर रहे राजनयिकों ने कहा कि अगर कोई अपने अधिकारों के लिए हथियार उठाता है, तो इसमें कुछ गलत नहीं है। राजनयिक अशरफ जहांगीर काजी, अब्दुल बासित और शाहिद मलिक ने सोमवार को एक टीवी डिबेट में यह बात कही। बासित 2014 में भारत में पाक के उच्चायुक्त भी रहे हैं।

  1. अब्दुल बासित ने कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक, अगर कोई अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है और कोई देश उसकी मदद करे, तो यह अवैध नहीं माना जाएगा।’’ वहीं, अशरफ जहांगीर काजी ने कहा, ‘‘यदि आप अपने अधिकारों और आजादी के लिए हथियार उठाते हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक यह भी वैध ही है।’’

  2. भारत सरकार ने 5 अगस्त को संसद में प्रस्ताव पास कर जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म कर दिया। इसके बाद से ही पाकिस्तान सरकार अन्य देशों से फोन पर बात कर भारत के खिलाफ एक होने की अपील कर रहा है, लेकिन हर जगह से उसे नाकामी ही मिल रही है।

  3. हालांकि, जम्मू-कश्मीर में शांति का माहौल है। राज्य में किसी भी स्थान से कोई हिंसा की घटना सामने नहीं आई है। यहां ज्यादातर इलाकों में 190 से ज्यादा स्कूल खोल दिए गए हैं। फोन सेवा भी शुरू कर दी गई।

  4. हाल ही में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने चीन से कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में आपात बैठक बुलाने की बात कही थी। चीन के आग्रह पर बुलाई गई बैठक में यूएन के पांच में से चार सदस्य पाकिस्तान के खिलाफ रहे। सभी ने कहा कि यह भारत का आंतरिक मामला है।

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      फाइल फोटो।
      अब्दुल बासित 2014 में भारत में पाक के उच्चायुक्त भी रहे हैं।

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नील कैंपबेल ने 280 किमी की रफ्तार से साइक्लिंग कर रिकॉर्ड बनाया; पोर्शे के बराबर चले


लंदन. इंग्लैंड के 45 साल केसाइक्लिस्ट नील कैंपबेल ने 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से साइकिल चलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है। इसी के साथ उन्होंने डच साइक्लिस्ट का 24 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह रिकॉर्ड बनाने के लिए कैंपबेल को रनवे पर पोर्शे कार से साथ रिलीज किया गया था। यह रेस नॉर्थ यॉर्कशायर के एलविंग्टन एयरफील्ड तक चली।


रेस के दौरान नील ने पोर्शे की बराबरी भी की। कैंपबेल ने जिस साइकिल से यह रिकॉर्ड बनाया, उसे खासतौर पर तेज गति से चलाने के लिए तैयार किया गया है। उसकी कीमत 15 हजार पाउंड (करीब 13 लाख रुपए) है।

अब वह राहत महसूस कर रहा हूं: नील
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने पर नील कैंपबेल ने कहा- अब वह राहत महसूस कर रहे हैं। उनकी टीम ने आश्चर्यजनक रूप से बेहद ही शानदार काम किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 1995 में नीदरलैंड के साइक्लिस्ट ने 268.76 किमी की रफ्तार से साइकिल चलाई थी। जो अभी तक का रिकॉर्ड था।



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Neil Campbell set a record by cycling at a speed of 280 km; speed like a porsche

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मोदी से बातचीत के बाद ट्रम्प ने इमरान को फोन लगाया, कहा- भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी से बचें


वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर बात की। इस दौरान ट्रम्पनेकहा कि पाक भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी से बचे। ट्रम्प और इमरान के बीच एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार चर्चाहुई। वहीं, सोमवार को ट्रम्पऔर मोदी के बीच करीब 30 मिनट तक बात हुई। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रम्प ने इमरान को कहा कि पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के हालात पर भारत के साथ तनाव कम करने कीजरूरत है। दोनों देशों को संयम से काम लेना चाहिए। ट्रम्प-इमरानने अमेरिका-पाकके आर्थिक और व्यापार सहयोग को मजबूत करने को लेकर सहमति जताई।

सीमा पार आतंकवाद को रोकना जरूरी- मोदी

मोदी ने ट्रम्प के साथ बातचीत में कहा था- सीमा पार आतंकवाद को रोकना और आतंक व हिंसा से मुक्त माहौल बनाना क्षेत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने ट्रम्प से अफगानिस्तान के विषय पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत एकजुट, सुरक्षित और लोकतांत्रिक अफगानिस्तान के निर्माण के लिए लंबे समय से प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री ने इसी साल जून में जापान के ओसाका में ट्रम्प से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के वाणिज्य मंत्री जल्द ही द्विपक्षीय कारोबार के संबंध में चर्चा करने के लिए मिलेंगे।

इमरान ने अमेरिका को अपने पक्ष में करने की कोशिश की थी
मोदी की ट्रम्प से बातचीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कश्मीर से अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने से भड़के इमरान खान ने हाल ही में अमेरिका को अपने पक्ष में करने की कोशिश की थी। पाकिस्तान के समर्थन में चीन अनुच्छेद 370 के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ले गया था। परिषद में ‘बंद कमरे में चर्चा’ से पहले इमरान ने ट्रम्प को फोन किया था। हालांकि, ट्रम्प ने तब कश्मीर को द्विपक्षीय मामला बताकर इमरान की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रम्प ने इमरान को सलाह दी है कि अगर पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के साथ तनाव कम करना चाहता है तो उसे द्विपक्षीय वार्ता की अहमियत समझनी होगी।

ट्रम्प ने कहा था- मध्यस्थता पर मोदी फैसला करें
ट्रम्प ने 22 जुलाई को वॉशिंगटन में इमरान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मोदी ने उनसे कश्मीर मामले पर मध्यस्थता के लिए कहा था। हालांकि, उस वक्त भारत ने ट्रम्प के दावे को नकार दिया था। भारत ने कहा था कि कश्मीर मुद्दे पर सिर्फ पाकिस्तान से बातचीत होगी।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प औप पाक पीएम इमरान खान।

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प्रतिभाओं का पलायन न हो, इसलिए सरकार ने 26 साल तक के 20 लाख युवाओं को टैक्स से मुक्त किया


वारसॉ. पोलैंड 2004 में यूरोपीय यूनियन में शामिल हुआ था। प्रधानमंत्री मातेयूज मोरावीकी के मुताबिक, इन 15 सालों में करीब 17 लाख लोगों ने देश छोड़ा है। पलायन को रोकने के लिए सरकार ने टैक्स कानून में बदलाव करने का फैसला किया है। कानून के मुताबिक, 85 हजार 528 पोलिश ज्लोटी (करीब साढ़े 15 लाख रु.) से कम आय वाले 26 साल तक के युवाओं को आयकर में 18% की छूट मिलेगी।

  1. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कानून से युवाओं को वैसी ही सुविधाएं मिलेंगी, जो वे विदेशों में चाहते हैं। कानूनएक अगस्त से लागू हो गया। इससे 26 साल के 20 लाख युवाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई किकानून के लागू होने के बाद युवाओं का पलायन रुकेगा।

  2. 2004 में पोलैंड और सात अन्य मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के यूरोपीय संघ में शामिल होने के बाद उनके नागरिकों को वर्क परमिट या बिना वीजा के अन्य यूरोपीय देशों में काम करने का अधिकार मिला।वारसॉ में माइग्रेशन रिसर्च सेंटर में इकोनॉमिक्स ऑफ माइग्रेशन रिसर्च यूनिट की प्रमुख बरबरा जानसेविज ने कहा, ‘‘पलायन से देश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पिछले तीन से चार सालों में देश में मजदूरों की कमी हुई है।’’

  3. 22 साल की किंग कितोवास्का कॉरपोरेट एनालिस्ट हैं। वह लंदन पढ़ाई करने गई थीं और वहीं नौकरी करने लगीं। उनका मानना है कि इस कानून से सरकार दरियादिली दिखा रही है। लेकिन, वापस आने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। वह केवल पैसों के लिए लंदन नहीं रहती हैं। जो नौकरी वह लंदन में करती हैं, वह पौलैंड में नहीं कर सकती।

  4. इमिग्रेशन विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह नीति काम नहीं करेगी। लंदन के एक थिंक टैंक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक एंड सोशल रिसर्च में रोजगार और सामाजिक नीति टीम के प्रमुख हीथर रॉल्फ ने कहा कि यह सब पैसे के बारे में नहीं है। ब्रिटेन में युवा पोलिश प्रवासियों पर किए गए शोध में कहा गया है कि वे आजादी और जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपना देश छोड़ते हैं।

  5. 2004 के बाद से ब्रिटेन पोलैंड के युवाओं की पहली पसंद है। ब्रिटेन में करीब दस लाख पोलिश रहते हैं। जानसेविंच का कहना है कि टैक्स में 18% की छूट बहुत है, लेकिन यह ब्रिटेन और पोलैंड के बीच की खाई को पाट नहीं सकता।

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      प्रतीकात्मक फोटो।

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जलवायु परिवर्तन के कारण 700 साल पुराना ग्लेशियर खत्म, लोगों ने उसकी याद में शोक मनाया


रिक्जाविक. आइसलैंड का 700 साल पुराना ओकोजोकुल ग्लेशियर पूरी तरह पिघल गया। दावा है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से खत्म होने वाला यह दुनिया का पहला ग्लेशियर है। इसकी याद में रविवार को आइसलैंड में शोक मनाया गया। प्रधानमंत्री कैटरीन जोकोबस्दोतियर के साथ में मंत्रियों ने ग्लेशियर को श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री ने शोक संदेश में कहा, "हमें स्वीकार करना होगाहैयह जो हो रहा है वह ठीक नहीं। इसे रोकना होगा। इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाने की जरूरत हैं।"इससे पहले राइस विश्वविद्यालय में मानव विज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर सायमीनी हावे ने जुलाई में कहा था, "जलवायु परिवर्तन के कारण अपना अस्तित्व खोने वाला दुनिया का पहला ग्लेशियर आइसलैंड का ओकोजोकुल ही होगा।"इसे आधिकारिक तौर पर 2014 में लगभग खत्म मान लिया गया था।

ग्लेशियर के शोक में बनाई कांस्य पट्टिका

ग्लेशियर की याद में सरकार ने कांस्य पट्टिका बनाई है। इसका अनावरण प्रधानमंत्री कैटरीन नेकिया। पटि्टका में ग्लेशियर की वर्तमान स्थिति और बाकी बचे ग्लेशियर के भविष्य को लेकर चिंता जताई गई है। इस मौके पर कैटरीन जोकोबस्दोतियर के साथ पर्यावरण मंत्री गुडमुंडुर इनगी गुडब्रॉन्डसन और संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त मेरी रॉबिन्सन मौजूद थे।

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38 वर्ग किमी से 1 किमी में सिमट गया थाओकजोकुल
आइसलैंड के पश्चिमी सब-आर्कटिक हिस्से में ओक ज्वालामुखी पर ओकजोकुल स्थित था। बीते सालों से यह तेजी से पिघल रहा था। लिहाजा इसके खत्म होने की आशंका जताई जा रही थी। 14 सितंबर 1986 को इसकी सैटेलाइट इमेज जारी की गई थी।1901 में ग्लेशियर करीब 38 वर्ग फीट किलोमीटर में फैला था जो अब घटकर 1 वर्ग किलोमीटर से भी कम में बचा है।

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आइसलैंड में 11 बिलियन टन प्रति साल बर्फ पिघल रही है
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है किआइसलैंड के 400 ग्लेशियर इसी तरह खत्म हो सकते हैं। यहां बर्फ पिघलने की मौजूदा दर प्रति साल 11 बिलियन टन है। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर के मुताबिक, अगर ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम नहीं किया गया तो अगले 100 साल मेंदुनिया के आधे से अधिक ग्लेशियर पिघल जाएंगे।



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ग्लेशियर की 1986 की फोटो और 2019 की स्थिति।
ग्लेशियर की सैटेलाइज इमेज।
Politicians, scientists, and others gathered in Borgarfjörður, Iceland, northeast of Reykjavik
Politicians, scientists, and others gathered in Borgarfjörður, Iceland, northeast of Reykjavik
Politicians, scientists, and others gathered in Borgarfjörður, Iceland, northeast of Reykjavik

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भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच इमरान सरकार ने सेना प्रमुख बाजवा का कार्यकाल 3 साल बढ़ाया


इस्लामाबाद. पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल तीन साल के बढ़ा दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, क्षेत्रिय सुरक्षा के माहौल को देखते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान सरकार ने यह फैसला किया है। नवंबर 2016 में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने जनरल बाजवा को सेना प्रमुख बनाया था। 58 साल के जनरल बाजवा नवंबर में रिटायर होने वाले थे।

पहले सेऐसी खबरें थीं कि प्रधानमंत्री इमरान, जनरल बाजवा का कार्यकाल बढ़ा सकते हैं। वे खान के करीबी अधिकारियों में शामिल हैं। इमरान,जनरल बाजवा के साथ अपनी पहली अमेरिकी यात्रा पर भी गए थे। वहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की थी।इमरान ने उन्हें राष्ट्रीय विकास परिषद के सदस्य के रूप में भी नामित किया है।

पाकिस्तान में सेना प्रमुख की नियुक्ति प्रधानमंत्री और उनकी सरकार का विशेषाधिकार है। पाक में वरिष्ठता के आधार पर सेना प्रमुख बनाए जाने के चलन का पालन नहीं किया जाता है।

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भारत-पाक के बीच तनाव

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का माहौल है।डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा हालातों को देखते हुए बाजवा का कार्यकाल बढ़ाने का फैसला लिया गया है।अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ कूटनीतिक रिश्तों में कटौती करने का फैसला किया था। इसके साथ ही व्यापारिक संबंधों को भी खत्म कर दिया था।

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पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा। -फाइल

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प्रिंस विलियम-केट मिडलटन का पाकिस्तान दौरा रद्द होगा; भारत और पाक के बीच तनाव है वजह


नई दिल्ली/लंदन. ब्रिटिश शाही परिवार के दो अहम सदस्य प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडलटन पाकिस्तान का प्रस्तावित दौरा रद्द कर सकते हैं। न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी है। शाही दंपति के इस प्रस्तावित दौरे की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया था लेकिन यह माना जा रहा था कि वो नवंबर के आखिरी सप्ताह में पाकिस्तान जा सकते हैं। पाकिस्तान सरकार की अपील पर राष्ट्रमंडल दफ्तर ने इस दौरे की योजना बनाई थी। ब्रिटिश सरकार भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इस दौरे को रद्द करने का मन बना चुकी है।

ब्रिटिश सरकार की नजर
प्रिंस विलियम को द ड्यूक और केट मिडलटन को डचेज ऑफ कैम्ब्रिज की शाही पदवी प्राप्त हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द स्टेट्समैन’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण एशिया और खासतौर पर भारत और पाकिस्तान संबंधों पर ब्रिटेन सरकार पैनी नजर रख रही है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शाही दंपति का दौरा रद्द किया जाना तय लग रहा है। इस दौरे का ऐलान इसी साल जून में किया गया था। इसके लिए पाकिस्तान सरकार ने अपील की थी। इसके बाद कॉमनवेल्थ ऑफिस ने इसे मंजूरी दी थी।

13 साल बाद आया था मौका
2006 में शाही परिवार के प्रिंस चार्ल्स और कैमिला पार्कर पाकिस्तान के दौरे पर गए थे। इसके बाद यह पहला मौका है जब ब्रिटिश राज परिवार के किसी सदस्य का पाकिस्तान दौरा प्लान किया गया हो। लेकिन, अब इसका खटाई में पड़ना लगभग तय हो चुका है। क्वीन एलिजाबेथ 1961 और 1997 में पाकिस्तान गईं थीं। इसके बाद 1991 में प्रिंसेज डायना ने भी इस देश की यात्रा की थी। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के भारत के फैसले के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है।



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प्रिंस विलियम और उनकी पत्नी केट मिडलटन पाकिस्तान दौरा रद्द कर सकते हैं। (फाइल)

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एक ऐसा अस्पताल, जहां आने से ही मरीजों का ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है; यहां 700 खुशबूदार पौधे लगे


टोक्यो.दवाइयों की दुर्गंध। मेडिकल इक्विपमेंट्स की आवाजें। नाराज मरीजों और उनके परिजनों का चिल्लाना। अस्पताल का ऐसा माहौल किसी भी व्यक्ति को तनाव में लाने के लिए काफी होता है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए सिंगापुर की एक फर्म ने ऐसा अस्पताल बनाया है, जहां आने से ही मरीजों का तनाव और बढ़ा ब्लड प्रेशर सामान्य हो जाता है।

दरअसल, सीपीजी कॉर्पोरेशन फर्म से कहा गया था कि ऐसा अस्पताल बनाएं, जिससे यहां आने से मरीज तनाव में न आएं। साथ ही यहां का माहौल देखकर उनका ब्लड प्रेशर ठीक हो जाए। इसके लिए फर्म ने समाधान निकाला। वह था-हरियाली। फर्म ने खू टेक पुआट अस्पताल में बड़े-बड़े कमरे बनाए और आसपास 1000 पौधे लगा डाले। इनमें 700 खुशबूदार हैं।

  1. फर्म का दावा है- हरियाली मेंटल-फिजिकल हेल्थ के लिए दवा का काम करती है। अब यहां मरीज सब्जियां उगाते और पौधों की देखभाल करते हैं। खू टेक पुआट सिंगापुर के पांच प्रमुख अस्पतालों में एक है। इनमें खू टेक पुआट के अलावा टैन टॉक सेंग अस्पताल, सिंगापुर जनरल अस्पताल, चांगी जनरल अस्पताल और नेशनल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल हैं।

  2. अस्पताल का निर्माण 2005 में शुरू हुआ था। 2010 में यहां इलाज शुरू हुआ। इसे सिंगापुर की ही कंस्ट्रक्शन फर्म सीपीजी कॉरपोरेशन ने बनाया है। फर्म डिजाइनर के सामने एक ऐसा अस्पताल विकसित करने का टास्क था, जो दूसरे अस्पताल से अलग हो। कंपनी ने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया। अस्पताल के सदस्य स्टीफन किशन ने कहा, इसकी सफलता को देखते हुए ही मलेशिया, चीन और पाकिस्तान में इसी तरह की परियोजनाओं को शुरू करने के लिए भवन निर्माता प्रेरित हुए हैं।

  3. हाल ही में अस्पताल को लेकर हुए रिसर्च में दावा किया गया है कि यहां के प्राकृतिक वातावरण की बदौलत शारीरिक और मानसिक रोगियों में तेजी से सुधार हो रहा है। यहां की हरियाली औरकई तरह की खुशबू की वजह सेयह लोगों का फेवरेट प्लेस बन गयाहै।

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  4. रिसर्चर्स बताते हैं कि अस्पताल का डिजाइन ऐसा है, जो मरीजों को प्रकृति के करीब रखता है। यहां बड़ी-बड़ी खिड़कियां, हवादार और खुले बरामदों के कारण 20 से 30 प्रतिशत अतिरिक्त ताजा हवा आती है। इस कारण अस्पताल में एसी और कूलर का भी कम से कम इस्तेमाल किया जाता है।

  5. अस्पताल के छत पर एक गार्डन भी बनाया है। इसमें 200 से अधिक प्रजातियों की वनस्पति लगी है। इनमें से 100 मध्यम ऊंचाई वाले फलदार पेड़ हैं। 50 सब्जियों के पौधे और 50 जड़ी बूतियों वाली वनस्पतियां हैं। इनकी देखभाल अस्पताल के वॉलिंटियर्स ही करते हैं। यहां से उत्पन्न सामग्री मरीजों के लिए काम आती है।

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  6. स्टीफन किशन ने कहा, ‘खू टेक पुआट अस्पताल रोगियों के फीड बैक को लेकर सजग रहता है। अस्पताल ने अपने डिजाइन के लिए कई पुरस्कार जीते हैं, जिसमें इंटरनेशनल फ्यूचर लिविंग इंस्टीट्यूट और बायोफिलिक डिजाइन अवॉर्ड शामिल है।"



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      Hospital environments can be stressful for anyone
      Hospital environments can be stressful for anyone

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अमेरिका और कनाडा में भी मना जश्न, पोस्टरों पर लिखा- अनुच्छेद 370 हटाना मतलब अखंड भारत


ओटावा. अमेरिका और कनाडा में भारतवंशियों ने रविवार को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाते हुए मार्च निकाला। इस दौरान लोग पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 खत्म करने का भी समर्थन किया। कनाडा के ओटावा में लोगों ने बैनर पर लिखा- ‘‘धर्मनिरपेक्षता मतलब समावेशी और अनुच्छेद 370 खत्म मतलब अखंड भारत। धन्यवाद पीएम मोदी और अमित शाह।’’

  1. ओटावा के मेयर जिम वॉट्सन, कनाडा की मंत्री लीसा मैक्लॉड और भारतीय राजदूत विकास स्वरूप भी परेड में शामिल हुए। वहीं, न्यूयॉर्क के मेडिशन एवेन्यू में आयोजित परेड में बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी, हिना खान और गुलशन ग्रोवर मौजूद रहे।

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  2. वॉट्सन ने ट्वीट किया, ‘‘भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चौथे वार्षिक भारतीय दिवस और झंडावंदन कार्यक्रम में उपस्थित होकर काफी खुश हूं।’’ वहीं, स्वरूप ने कहा, ‘‘हमने मेयर जिम वॉट्सन के साथ ओटावा सिटी हॉल में तिरंगा फहराया।’’

  3. न्यूयॉर्क में फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसियएशन (एफआईए) ने कार्यक्रम आयोजित किया था। यहां परेड में एक व्यक्ति महात्मा गांधी की वेशभूषा में नजर आया। परेड में वंदे मातरम और जय हिंद के नारे लगाए गए।

    NY

  4. 5 अगस्त को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। इसके कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अधिसूचना जारी कर दी। जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा खत्म कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी।

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      कनाडा के ओटावा में भारतवंशियों ने रविवार को स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाते हुए मार्च निकाला।
      ओटावा में भारतीयों ने वंदे मातरम और जय हिंद के नारे लगाए।
      न्यूयॉर्क में फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसियएशन (एफआईए) ने भी आजादी का जश्न मनाया।
      न्यूयॉर्क की परेड में बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी, हिना खान और गुलशन ग्रोवर मौजूद रहे।
      Article 370 Means Akhand Bharat' America Canada Indian community Celebrate India Independence Day After Article 370 Rev
      Article 370 Means Akhand Bharat' America Canada Indian community Celebrate India Independence Day After Article 370 Rev
      Article 370 Means Akhand Bharat' America Canada Indian community Celebrate India Independence Day After Article 370 Rev

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एक ही समय में गर्भवती हुईं अस्पताल के लेबर यूनिट की 9 नर्सें मां बनीं


मेन. अमेरिका के मेन हॉस्पिटल के एक ही लेबर यूनिट में काम करने वाली नौ नर्स मां बन गई हैं। ये सभी एक ही समय में गर्भवती हुई थीं। तब इन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो पोस्ट कर बताया कि सभी की डिलीवरी डेट अप्रैल और जुलाई के बीच में है। अब इन सभी नर्सों के बच्चों के साथ का फोटो वायरल हो रहा है।

इन सभी बच्चों की उम्र 3 हफ्ते से 3.5 महीने तक है। मेन मेडिकल हॉस्पिटल ने बताया, ‘‘जैसीउम्मीद थी कि सभी बच्चों ने अप्रैल से जुलाई के बीच में जन्म लिया।’’गर्भावस्था के दौरान इन सभी ने एक दूसरे का ख्याल भी रखा था। हालांकि, इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि किसे क्या (लड़का या लड़की) हुआ ?

नर्सों ने कहा था- हम सभी एक साथ हैं
इस साल मार्च में इन नर्सों ने कहा था, ‘‘यह खुशी की बात है कि हम सभी एक साथ गर्भवती हैं। ऐसे वक्त में हम सभी एक दूसरे की मदद करते हैं।’’इस दौरान सभी ने बच्चों के जन्म तक एक-दूसरे का साथ देने की बात कही थी। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने भी हरसंभव मदद देने का भरोसा दिलाया था। अस्पताल ने फेसबुक पर लिखा था, ‘‘80 पंजीकृत नर्स काम कर रही हैं और येसभी इनमें से हैं।’’ हालांकि, फोटो आठ नर्सों की शेयर की गई थी।




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अपने बच्चों के साथ अस्पताल की नर्सें।
Nine nurses working in the same labor unit of the Maine Hospital of America have become mothers

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डोनाल्ड ट्रम्प एपल को टैरिफ से छूट दे सकते हैं, टिम कुक से मुलाकात के बाद संकेत दिए


न्यूजर्सी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और एपल के सीईओ टिम कुक शुक्रवार को डिनर पर मिले। ट्रम्प ने रविवार को बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुक ने चाइनीज इंपोर्ट पर टैरिफ और सैमसंग से कॉम्पिटीशन का मुद्दा रखा। कुक ने कहा कि चीन से आने वाले एपल के प्रोडक्ट पर अमेरिका में टैरिफ लगता है तो एपल को नुकसान और सैमसंग को फायदा होगा। क्योंकि, सैमसंग चीन के अलावा दूसरे देशों में भी मैन्युफैक्चरिंग करती है। ट्रम्प ने कहा कि कुक की दलील दमदार है। इस मुद्दे पर मैं इस बारे में विचार कर रहा हूं।

आईफोन, आईपैड और एपल लैपटॉप जैसे प्रोडक्ट के चाइनीज इंपोर्ट पर 15 दिसंबर से अमेरिका में 10% टैरिफ लगेगा। जबकि, एपल वॉच, एयरपॉड्स और अन्य एसेसरीज पर 1 सितंबर से लागू हो जाएगा। एपल अपनी ज्यादातर डिवाइसेस चीन में बनातीहै। वहां से अमेरिका और अन्य देशों में एपल के प्रोडक्ट इंपोर्ट होते हैं। जबकि, एपल की सबसे बड़ी कॉम्पिटीटर सैमसंग चीन के अलावा विएतनाम और दक्षिण कोरिया में भी मैन्युफैक्चरिंग करती है।

अमेरिका में टैरिफ लगने से एपल के प्रोडक्ट महंगे हो जाएंगे। इससे एपल को सैमसंग से ज्यादा प्रतिस्पर्धा झेलनी पड़ेगी। सैमसंग इसी महीने लेटेस्ट स्मार्टफोन नोट 10 लॉन्च करने वाली है। जबकि, एपलअपने कंप्यूटर,आईफोनऔर एपल वॉच को कुछ महीने बाद अपग्रेड करेगी। ट्रम्प ने कहा है कि एपल एक बहुत अच्छी कंपनी से कॉम्पिटीशन करती है तो उसके लिए टैरिफ चुकाना मुश्किल होगा।

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डोनाल्ड ट्रम्प (दाएं) और एपल के सीईओ टिम कुक। (फाइल)

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नशे से दूर रखने के लिए पापा-बेटी ने ब्रिज के नीचे जिम बनाया, यहां 500 लोग रोज बॉक्सिंग सीखते हैं


एकेटेपेक (मैक्सिको से भास्कर के लिए एल्फ्रेडो एस्ट्रेला). मैक्सिको के जाने-माने फुटबाल खिलाड़ी और शौकिया बॉक्सर मिगुएल एंजेल रामिरेज ने एकेटेपेक शहर के व्यस्ततम ब्रिज के नीचे एक जिम शुरू किया है। इसमें बॉक्सिंग रिंग भी है। इसके जरिए वह शहर के युवाओं को ड्रग्स और अपराध की दुनिया से दूर रखना चाहते हैं। मिगुएल बताते हैं कि उन्होंने मैक्सिको में अलग-अलग जगह पर करीब 12 साल तक पुनर्वास केंद्रों में 5 हजार से ज्यादा लोगों को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग दी। मिगुएल की बेटी फर्नांडा भी उन्हें इस काम में मदद करती हैं।

मिगुएल एंजेल रामिरेज ने महसूस किया कि गुमराह हो चुके युवाओं का बड़ा हिस्सा पुनर्वास केंद्र की पहुंच से दूर है। इसके लिए उन्होंने ऐसी जगह चुनी जो अपराध के लिए बदनाम है। एकेटेपेक का सिटी ब्रिज उन्हें मुफीद लगा। जगह तय होते ही उन्होंने वहां पर बॉक्सिंग बैग लगाए। इसके साथ ही छोटी बॉक्सिंग रिंग भी तैयार की। कुछ महीनों पहले जिस जगह कचरा पड़ा रहता था, लोग ड्रग्स लेते दिखते थे। आज वहां पर युवा बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करते नजर आते हैं। पापा-बेटी दोनों मिलकर इन्हें ट्रेनिंग देते हैं और कोशिश करते हैं कि इनका ध्यान ड्रग्स और चोरी-लूट की तरफ न जाए। जिम और ट्रेनिंग पर होने वाला खर्च मिगुएल खुद ही उठाते हैं।

मिगुएल का बेटा ड्रग्स के कारण ही फुटबॉलर बन नहीं सका
मिगुएल के मुताबिक अगर ये युवा खेल और पढ़ाई से हट गए तो फिर अपराध और नशे की ओर मुड़ जाएंगे। मिगुएल की बेटी फर्नांडा पेशेवर बॉक्सर हैं। मिगुएल का एक बेटा ड्रग्स के कारण ही फुटबॉलर नहीं बन सका। दूसरा बेटा 17 साल का है और बॉक्सिंग सीख रहा है। मिगुएल मैक्सिको की समस्या को बेहतर समझते हैं। इसके लिए उन्होंने यह पहल की। जल्द ही बेटा भी उनके अभियान में जुड़ेगा।


पापा को देख डांसिंग छोड़ बॉक्सिंग शुरू की: फर्नांडा
फर्नांडा रामिरेज परिवार की पहली लड़की हैं, जिन्होंने बॉक्सिंग सीखी। इससे पहले उनकी रुचि डांसिंग में थी। फर्नांडा बताती हैं कि पापा का समर्पण देखकर डांस का ख्याल छोड़ दिया और बॉक्सिंग शुरू कर दी। आज पापा के साथ मिलकर 500 बच्चों को ट्रेनिंग देती हूं।



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एकेटेपेक का सिटी ब्रिज के नीचे बॉक्सिंग सिखाते बॉक्सर मिगुएल एंजेल रामिरेज।

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न्यूजीलैंड में जनता से हथियार खरीद रही सरकार, 50 दिन में लोगों ने 12 हजार बंदूकें लौटाईं


क्राइस्टचर्च (भास्कर के लिए शार्लोट ग्राहम मैक्ले). 15 मार्च को क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के बाद न्यूजीलैंड ने अनूठी पहल की है। सरकार गन बाय-बैक स्कीम में लोगों से हथियार खरीद रही है। 20 जून को स्कीम लागू होने के बाद से लोगों ने 50 दिनों में 12,183 हथियार लौटाए हैं। इसमें 11 हजार हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के हैं। सरकार ने इनके बदले 73 करोड़ रुपए लोगों को दिए हैं। स्कीम के लिए 200 मिलियन डॉलर (920 करोड़ रुपए) का बजट है। न्यूजीलैंड सरकार भी नहीं जानती कि लोगों के पास कितने हथियार हैं। हालांकि एक अनुमान के अनुसार वैध और प्रतिबंधित मिलाकर लोगों के पास 12 लाख हथियार हैं, जबकि न्यूजीलैंड की आबादी 47.9 लाख है। यानी हर चौथे शख्स के पास एक गन है।

लोगों को उनकी बंदूकों का भुगतान करने के लिए एक खास फॉर्मूला तैयार किया गया है। जो बंदूकें खराब हालत में हैं, उसके बदले में कीमत का 25% तक भुगतान किया जा रहा है।अच्छी बंदूकों के लिए 95% तक कीमत अदा की जा रही है।

लोगों के पास7 से 70 लाख कीमत वाली गन
एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड में लोगों के पास सैन्य-शैली की सेमी-ऑटोमेटिक बंदूकें भी हैं, जिनकी कीमत 7 लाख रुपए से 70 लाख रुपए है। क्राइस्टचर्च हमले में 51 लोगों की मौत के बाद सेमी ऑटोमैटिक गन्स पर प्रतिबंध के लिए न्यूजीलैंड की पूरी संसद एकजुट हो गई। संसद में कानून के पक्ष में 119 वोट पड़े। केवल एक ही सांसद ने विरोध किया।

ऑस्ट्रेलिया पहले ही गन कल्चर के खिलाफ
इस मामले में साउथ ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी में लॉ प्रोफेसर रिक सरे कहते हैं कि अब न्यूजीलैंड भी ऑस्ट्रेलिया की कतार में आ जाएगा। वहां 1996 में पोर्ट ऑर्थर में ऐसी ही घटना में 35 लोग मारे गए थे। इसके बाद वहां हथियारों पर प्रतिबंध लगाया गया था।

भारत में अवैधहथियारोंकी संख्या 6.1 करोड़

  • भारत में कड़े कानूनों और नियामक जांचों के बावजूद रजिस्टर्ड फायरआर्म्स की संख्या 97 लाख है। अन रजिस्टर्ड फायरआर्म्स की संख्या 6.1 करोड़ होने का अनुमान है।
  • ऑस्ट्रेलिया सरकार के स्मॉल आर्म्स सर्वे 2017 के अनुसार दुनिया में 85.7 करोड़ लोगों के पास फायरआर्म होने का अनुमान है।

लाइसेंस मांगने वालों के सोशल मीडिया की जांच होगी
न्यूजीलैंड सरकार विदेशी पर्यटकों के गन खरीदने पर रोक लगाने वाली है। लाइसेंस मांगने वालों के सोशल मीडिया की भी जांच होगी। देखेंगे कि वे आतंकी कंटेंट तो फॉलो नहीं कर रहे हैं। लाइसेंस की अवधि दस साल से घटाकर पांच साल की जा सकती है। गन के विज्ञापनों पर भी रोक लगेगी।



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प्रतीकात्मक फोटो।

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उत्तर कोरिया से परमाणु हथियार खत्म करने के लिए अमेरिका को मिल सकते हैं फुकुशिमा रोबोट्स


टोक्यो. उत्तर कोरिया की परमाणु समस्या खत्म करने के लिए जापान अपने फुकुशिमा रोबोट्स अमेरिका को दे सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान ने ट्रम्प प्रशासन को इसके लिए प्रस्ताव भी दिया है। ऐसी खबरें हैं कि उत्तर कोरिया में परमाणु हथियारों का सही रख-रखाव न होने से कोरियाई प्रायद्वीप खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में वह अमेरिका की मदद से परेशानी को खत्म करना चाहता है।

उत्तर कोरिया-अमेरिका की वार्ता में भूमिका निभाना चाहता है जापान

जापान इन रिमोट से चलने वाले रोबोट्स को 2011 के फुकुशिमा न्यूक्लियर पावर प्लांट में आई आपदा के बाद से ही बनाने की कोशिशों में जुटा है। इन रोबोट्स की खास बात यह है कि ये न्यूक्लियर फ्यूल और उससे पिघली हुई हानिकारक चीजों को भी आसानी से उठाकर कैद कर सकता है। अखबार जापान टाइम्स ने इन रोबोट्स के निर्माण की पुष्टि करते हुए कहा कि उत्तर कोरिया-अमेरिका के बीच चल रही परमाणु अप्रसार से जुड़ी वार्ता में आबे प्रशासन भी अहम भूमिका निभाना चाहता है।

जापान ने अमेरिका को प्रस्ताव दिया है कि इससे उत्तर कोरिया की न्यूक्लियर फैसिलिटी की जांच आसानी से हो सकेगी। साथी ही वहां जाने वाले वैज्ञानिकों पर खतरा भी कम होगा। यह रोबोट उत्तर कोरिया की टेस्ट साइट्स पर खराब रखरखाव की वजह से फैले रेडिएशन का पता लगा सकता है।

द.कोरिया-अमेरिका के सैन्य अभ्यास से नाराज उ. कोरिया

बीते कुछ समय में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य अभ्यास के लिए प्रतिबद्धता के चलते उत्तर कोरिया ने नाराजगी दिखाई है। हाल ही में किम शासन ने सात अलग-अलग मौकों पर जापान के समुद्र के पास मिसाइल लाॅन्च कीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लॉन्चिंग को तानाशाह किम जोंग-उन ने खुद मॉनिटर किया था।



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Japan may offer its Fukushima robots to US for denuclearization of North Korea claims report

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गन कल्चर के खिलाफ खास पहल; जनता से हथियार खरीद रही सरकार, 50 दिन में लोगों ने 12 हजार बंदूकें लाैटाईं


न्यूजीलैंड (शार्लोट ग्राहम मैक्ले) 15 मार्च को क्राइस्टचर्च आतंकी हमले के बाद न्यूजीलैंड ने अनूठी पहल की है। सरकार गन बाय-बैक स्कीम मंे लोगों से हथियार खरीद रही है। 20 जून को स्कीम लागू होने के बाद से लाेगों ने 50 दिनों में 12,183 हथियार लौटाए हैं। इसमें 11 हजार हथियार प्रतिबंधित श्रेणी के हैं। सरकार ने इनके बदले 73 करोड़ रुपए लोगों को दिए हैं। स्कीम के लिए 200 मिलीयन डॉलर (920 करोड़ रुपए) का बजट है।

न्यूजीलैंड सरकार भी नहीं जानती कि लाेगों के पास कितने हथियार हैं। हालांकि एक अनुमान के अनुसार वैध और प्रतिबंधित मिलाकर लोगों के पास 12 लाख हथियार हैं। जबकि न्यूजीलैंड की आबादी 47.9 लाख है। यानी हर चौथे शख्स के पास एक गन है। लोगों को उनकी बंदूकों का भुगतान करने के लिए एक खास फॉर्मूला तैयार किया गया है। जो बंदूकें खराब हालत में हैं, उसके बदले में कीमत का 25% तक भुगतान किया जा रहा है, जबकि अच्छी बंदूकों के लिए 95% तक भुगतान किया जा रहा है।

एक अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार न्यूजीलैंड में लोगों के पास सैन्य-शैली की सेमी-ऑटोमेटिक बंदूकें भी हैं, जिनकी कीमत 7 लाख रुपए से 70 लाख रुपए है। क्राइस्टचर्च हमले में 51 लोगों की मौत के बाद सेमी ऑटोमैटिक गन्स पर प्रतिबंध के लिए न्यूजीलैंड की पूरी संसद एकजुट हो गई। संसद में कानून के पक्ष में 119 वोट पड़ेे। केवल एक ही सांसद ने विरोध किया। इस मामले में साउथ ऑस्ट्रेलिया यूनिवर्सिटी में लॉ प्रोफेसर रिक सरे कहते हैं कि अब न्यूजीलैंड भी ऑस्ट्रेलिया की कतार में आ जाएगा। वहां 1996 में पोर्ट ऑर्थर में ऐसी ही घटना में 35 लोग मारे गए थे। इसके बाद वहां हथियारों पर प्रतिबंध लगाया गया था।


ऑस्ट्रेलिया सरकार के स्मॉल आर्म्स सर्वे 2017 के अनुसार दुनिया में 85.7 करोड़ लोगों के पास फायरआर्म होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में कड़े कानूनों और नियामक जांचों के बावजूद रजिस्टर्ड फायरआर्म्स की संख्या 97 लाख है। अन रजिस्टर्ड फायरआर्म्स की संख्या 6.1 करोड़ होने का अनुमान है।

लाइसेंस मांगने वालों की सोशल मीडिया की जांच होगी

न्यूजीलैंड सरकार विदेशी पर्यटकों के गन खरीदने पर रोक लगाने वाली है। लाइसेंस मांगने वालों के सोशल मीडिया की भी जांच होगी। देखेंगे कि वे आतंकी कंटेंट तो फॉलो नहीं कर रहे हैं। लाइसेंस की अवधि दस साल से घटाकर पांच साल की जा सकती है। गन के विज्ञापनों पर भी रोक लगेगी।



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Special initiative against gun culture in New Zealand

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वेटर ने सैंडविच बनाने में देरी की, कस्टमर ने गोली मारकर हत्या कर दी


बोबिग्नी. पेरिस के रेस्त्रां में शुक्रवार को एक कस्टमर ने वेटर की गोली मारकर हत्या कर दी। दरअसल, वेटर ने सैंडविच बनाने में देरी कर दी थी। इस बात से कस्टमर नाराज हो गया था। घटना के बाद वेटर के सहकर्मी ने पुलिस को सूचना दी।सूत्र के मुताबिक,28 साल के युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सैंडविच बनाने में हुई देरी के बाद कस्टमर ने अपना आपा खो दिया। उसनेवेटर को गोली मार दी। पुलिस ने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। हादसे के बाद से हीआरोपी युवक फरार है।लोग शनिवार को भी रेस्त्रां के बाहर इकट्ठा हुए। वहां मौजूद युवक ने कहा कि एक सैंडविच के लिए उसकी हत्या कर दी गई। एक 29 वर्षीय महिला ने कहा कि यह दुख की बात है। कुछ महीने पहले ही रेस्त्रां खोला गया था।

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प्रतीकात्मक फोटो।

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45 करोड़ में बिकी जेम्स बॉन्ड की ऐस्टन मार्टिन डीबी 5, इस कार की सबसे बड़ी नीलामी


कैलिफोर्निया (अमेरिका).जेम्स बॉन्ड फिल्मों के प्रमोशन के लिए इस्तेमाल हुई 1965 की ऐस्टन मार्टिन डीबी-5 कार 5 सेकंड से भी कम समय में बिक गई। इसकी नीलामी रिकॉर्ड 44.95 करोड़ रुपए (6,385,000 डॉलर) में कैलिफोर्निया में हुई। इस डील के साथ ही यह दुनिया की सबसे महंगी डीबी-5 कार बन गई।

जेम्स बॉन्ड फिल्म 'थंडरबॉल' के लिए इसमें 13 बदलाव किए गए थे। इसे ऑपरेट करने के लिए सेंटर आर्म रेस्ट के बाद बटन लगाए गए हैं। फिल्म की कामयाबीके कारण ही इसे बॉन्ड कार के नाम से जाना जाने लगा था। इसकी प्रसिद्धी के कारण ही कार को थंडरबॉल और गोल्डफिंगर के प्रमोशनल इवेंट में इस्तेमाल किया गया।

Aston Martin



जॉन स्टीअर्स के आइडिया पर हुई थी मोडिफाई
डीबी5/2008/आर चेसिस नंबर वाली कार को विशेष रूप से इयॉन प्रॉडक्शन के लिए बनाया गया था। कार में 13 जो मॉडिफिकेशन्स हुए थे, वे ऑस्कर विजेता औरस्पेशल इफेक्ट एक्सपर्ट जॉन स्टीअर्स की सलाह पर किए गए थे।उन्होंने ही कार में फिल्म की तरह घूमती नंबर प्लेट, रिमूवेबल रुफ (खुलने और बंद होने वाली छत) पैनल, ऑइल स्लिक, प्रत्येक बंपर पर 30 कैलिबर मशीन की गन, बुलेटप्रूफ शील्ड, ट्रैकिंग डिवाइस और नेल स्प्रेयर के साथ ही स्मोकिंग गैजेट सेट कराए थे।

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7 पार्टियां बोली में शामिल हुईं
कार को बेचने से पहले इसे प्रदर्शन के लिए रखा गया था। शुक्रवार को हुई नीलामी में 7 पार्टियों ने भाग लिया। इनमें से 6 ऑक्शन रूम में मौजूद रहीं, जबकि एक ने फोन पर बोली लगाई। इसे 44.95 करोड़ में बॉन्ड के एक फैन ने खरीदा है। पहले इसका का मालिकाना हक जेसीबी अरबपति और टोरी पार्टी के डोनर लॉर्ड बमफोर्ड के पास था।



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ऐस्टन मार्टिन डीबी5 कार।
£5.2m Car was once owned by JCB billionaire and Tory party donor Lord Bamford

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आर्थिक प्रतिबंधों से बचने के लिए आतंकियों के खिलाफ नकली और कमजोर मुकदमे दर्ज करवा रही सरकार


लाहौर. टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर लगाम लगाने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को पिछले साल अपनी ‘ग्रे लिस्ट’ में रखा था। सितंबर में एफएटीएफ पाक को आतंकवाद पर ठीक ढंग से कार्रवाई न करने के लिए ब्लैकलिस्ट कर सकता है। इसको लेकर संस्था ने पाक को जनवरी में चेतावनी भी दी थी। हालांकि, इमरान सरकार ने अब इससे निपटने की नई तरकीब निकाल ली है। उसने आतंकियों के खिलाफ नकली और कमजोर मुकदमे दर्ज करवाने शुरू कर दिए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाक ऐसा करएफएटीएफ को दिखाना चाहता है कि वह आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। जबकिकमजोर मामलेहोने की वजह से आतंकियों के छूटने के आसार ज्यादा हैं। न्यूज एजेंसी के सूत्रोंके मुताबिक, 1 जुलाई को लश्कर-ए-तैयबा के एक आतंकी के खिलाफ जमीन विवाद को लेकर मामला दर्ज किया गया। लेकिन केस इतना कमजोर है कि कोर्ट में आतंकी पर कोई कार्रवाई होने की संभावना नहीं है।

एफआईआर में आतंकियों के नाम शामिल नहीं

पाक इन मामलों को इस तरह पेश कर रहा है जैसे वह आतंकियों की संपत्ति जब्त कर उनके लेन-देन पर रोक लगा रहा हो। लेकिन अभी तक आतंकी संगठन के सरगनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एफआईआर में लश्कर प्रमुख हाफिज सईद या आतंकी अब्दुल गफ्फार, हाफिज मसूद, आमिर हमजा और मलिक जफर इकबाल के नाम का जिक्र भी नहीं है, जबकि यह सब भी उस जमीन के मालिकों में शामिल थे। एफआईआर में आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत का भी कोई जिक्र नहीं है। बल्कि एक जगह इसमें दावत-वल-इरशाद का जिक्र किया गया है जो कि जमात-उद-दावा का पुराना नाम है।

एफएटीएफ को भटकाना चाहता है पाक

कानूनविदों के मुताबिक, एफआईआर में जमीन विवाद से जुड़े लोगों के नाम नहीं दिया गया है और न ही उनके अपराध की टाइमलाइन दी गई है। इसके अलावा उनकी आतंकी गतिविधियों को बताने में भी काफी साधारण शब्द इस्तेमाल किए गए। इसके अलावा आतंकी संगठन की गतिविधियों पर जानकारी भी नहीं दी गई है, ताकि एफएटीएफ की आंखों में धूल झोंकी जा सके।

पाक को पहले ही चेतावनी दे चुका है एफएटीएफ

पाक को ग्रे लिस्ट में रखने-हटाने या ब्लैकलिस्ट में डालने के मुद्दे पर एफएटीएफ अक्टूबर के पहले हफ्ते में बैठक कर सकता है। इससे पहले एफएटीएफ ने जून में हुई बैठक के बाद पाक को चेतावनी देते हुए कहा था कि वह आतंकियों को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। संस्था ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा- अगर वह अक्टूबर 2019 तक एक्शन प्लान लागू नहीं कर सका तो उसे नतीजे भुगतना होंगे। इस पर पाक ने कहा- देश ग्रे लिस्ट से बाहर आने के लिए न सिर्फ संस्था के हर निर्देश पर अमल करने के लिए तैयार है बल्कि अपनी ओर से एक्शन प्लान लागू करने के प्रयास भी कर रहा है।



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जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा सरगना हाफिज सईद। (फाइल)

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काबुल के वेडिंग हॉल में आत्मघाती विस्फोट; 63 की मौत, 182 जख्मी


काबुल.अफगानिस्तान के काबुल में शनिवार को एक शादी समारोह में आत्मघाती धमाका हुआ। इसमें करीब 63लोगों की मौत हो गई, जबकि 182घायल हो गए। अफगान के पत्रकार बिलाल सरवरी के मुताबिक, हजारा समुदाय की शादी में धमाका हुआ।

दारुलमान इलाके में यह घटना हुई। यहां अल्पसंख्यक शिया हजारा समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं।गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नुसरत रहीमी के मुताबिक, घटना शनिवार रात स्थानीय समय अनुसार 10.40 (भारतीय समयानुसार 11.40)बजे की है।प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि विस्फोट के समय वेडिंग हॉल में मेहमान थे। घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।

8 अगस्त को 14 लोग मारे गए थे

काबुल में इसी महीने यह दूसरा हमला है।8 अगस्त को हुए धमाके में 14 लोग मारे गए थे, जबकि 145 घायल हुए थे। पश्चिमी इलाके मेंअफगान सुरक्षाकर्मियों को तालिबान ने अपना निशाना बनाया था। इसके लिए कार का इस्तेमाल किया गया था।

28 सितंबर को होना हैं चुनाव

अफगानिस्तान में 28 सितंबर को चुनाव होना हैं।इसे लेकरअमेरिका और तालिबान के बीच चल रही वार्ता के साथ ही हिंसा बढ़ गई है। तालिबान के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जल्माय खलीलजाद की 8वें चरण की वार्ताहो चुकी है। खलीलजाद ने इस शांति वार्ता को बहुत सकारात्मक बताया था। उन्होंने कहा था कि अमेरिका किसी भी हाल में अफगानिस्तान की धरती पर तालिबान नियंत्रण वाले क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद का अड्डा नहीं बनने देगा।

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घायलों को अस्पताल ले जाते पुलिसकर्मी।
Explosion at a wedding hall in west of Kabul
Explosion at a wedding hall in west of Kabul

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मोदी ने कहा- भूटान के युवा वैज्ञानिक भारत आकर अपने लिए एक छोटा सैटेलाइट बनाएंगे


थिंपू. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भूटान में रॉयल विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत और भूटान एक दूसरे की परंपराएं समझते हैं। भारत भाग्यशाली है कि वह राजकुमार सिद्धार्थ के बुद्ध बनने की जगह रहा। मैं आज भूटान के भविष्य के साथ हूं। आपकी ऊर्जा महसूस कर सकता हूं।मैं भूटान के इतिहास, वर्तमान या भविष्य को देखता हूं तो मुझे दिखता है कि भारत और भूटान के लोग आपस में काफी परंपराएं साझा करते हैं। भूटान के युवा वैज्ञानिक भारत आकर अपने लिए एक छोटा सैटेलाइट बनाने पर काम करेंगे।

उन्होंने कहा किशनिवार को मैं सेम्तोखा जॉन्ग में था। यह उन चार जगहों में से है जो भूटान केइतिहास को दिखाता है। इस विजिट में मुझे भूटान के लोगों से मिलने का मौका मिला। भारत भाग्यशाली है कि वह राजकुमार सिद्धार्थ के बुद्ध बनने की जगह रहा। कोई दो देश एक दूसरे को उस तरह नहीं समझते जिस तरह भारत और भूटान एक दूसरे की परंपरा को समझते हैं। आज भारत ऐतिहासिक बदलावों को देख रहा है।

भारतस्टार्टअप की दुनिया कासबसे बड़ानेटवर्क वाला देश- मोदी

मोदी ने कहा कि भारत गरीबी को तेजी से खत्म कर रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति भी दोगुनी हो गई है। भारत दुनिया के सबसे बड़े हेल्थकेयर प्रोग्राम आयुष्मान भारत को भी चला रहा है। साथ ही दुनिया के सबसे सस्ते डेटा कनेक्शन वाला देश है। हमारे देश स्टार्टअप की दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क वाला देश है।

‘लक्ष्य को समझिए और जुनून के साथ पीछा कीजिए’
मोदी के मुताबिक, आज की दुनिया में पहले से ज्यादा मौके हैं, आपके पास एक्स्ट्राऑर्डिनरी काम करने के लिए ऊर्जा और क्षमता दोनों हैं। इससे आने वाली पीढ़ियों पर भी असर पड़ना है। अपने लक्ष्य को समझिए और उसका पूरे जुनून के साथ पीछा कीजिए। यह खुशी की बात है कि भूटान के युवा वैज्ञानिक भारत जाएंगे और वहां खुद की छोटी सैटेलाइट बनाने पर काम करेंगे। मुझे उम्मीद है कि किसी दिन आप सब में से कई लोग वैज्ञानिक, इंजीनियर और इनोवेटर होंगे।

‘‘भारत और भूटान के बीच जो सीखने का संबंध है, वह आधुनिक होने के साथ ऐतिहासिक भी है। 20वीं सदी में कई भारतीय शिक्षक के तौर पर भूटान आए। यहां कई बुजुर्ग भूटानी नागरिकों का कभी न कभी एक भारतीय शिक्षक रहा होगा।’’

‘भूटान में समझी जाती है खुशी की कीमत’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आप दुनिया के किसी भी कोने में चले जाएं, अगर आप पूछेंगे कि भूटान के बारे में क्या जानते हो, तो जवाब हमेशा ‘ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस’ का कॉन्सेप्ट मिलेगा। मुझे इस जवाब पर कभी आश्चर्य नहीं होता, क्योंकि भूटान ने खुशी का भाव समझ लिया है। भूटान ने सद्भावना, एकजुटता और करुणा की भावना को समझ लिया है। यही भावना कल उन बच्चों के चेहरे पर थी, जो मेरा स्वागत करने के लिए सड़कों पर खड़े थे। मुझे हमेशा उनकी मुस्कुराहट याद रहेगी।’’

‘जैसे-जैसे भूटान अपनी कोशिशों में आगे बढ़ता जाएगा, आपके 1.3 अरब भारतीय दोस्त सिर्फ आपकी गर्व और खुशी से देखकर हौसलाअफजाई नहीं करेंगे, बल्कि आपके साथ साझेदार बनेंगे आपके साथ नई चीजें सीखेंगे।’’

मोदी 2 दिनों के दौरे पर शनिवार को भूटान पहुंचे

मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे भूटान पहुंचे।भारत और भूटान के बीच हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट, नॉलेज नेटवर्क, मल्टी स्पेशलिएटी हॉस्पिटल, स्पेस सैटेलाइट, रूपे कार्ड के इस्तेमाल समेत 9 समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदीभूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोते शेरिंग से संसद में मुलाकात की थी।

मोदी ने कहा- एग्जाम वॉरियर्स में मैंने लिखा कि एग्जाम को कैसे फेस किया जाए। हर किसी को क्लासरूम से लेकर जिंदगी की क्लासरूम में एग्जाम का सामना करना पड़ता है। एग्जाम वॉरियर्स में मैंने जो कुछ लिखा है, उसमें बड़ी शिक्षा भगवान बुद्ध के सिद्धांत से ली गई हैं। जब मैं युवा था तो सच की खोज मुझे हिमालय तक ले गई। भारत और भूटान के बीच रिश्तों में जो ऊर्जा है वो दोनों देशों के लोगों की वजह से है। इसीलिए सहयोग के पारंपरिक सेक्टर से बाहर जाते हुए हम अब स्कूल से लेकर स्पेस और डिजिटल पेमेंट्स से लेकर आपदा प्रबंधन तक में सहयोग बढ़ा रहे हैं।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

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डचेज काउंटी में छोटा एयरक्राफ्ट घर से टकराया, 1 व्यक्ति की मौत


न्यूयॉर्क. डचेज काउंटी में शनिवार को एक छोटा एयरक्राफ्ट घर से टकरा गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, एक जख्मी हो गया, जबकि एक युवक लापता है। अधिकारियों ने कहा कि सेसना 303 एयरक्राफ्ट ऑरेंज एयरपोर्ट से रवाना हुआ था।

विमान लाग्रैन्गेविले के स्काई एक्रेस मेंईंधन भरवाने के लिएरूका था। इसके बादस्काई एक्रेस से फार्मिंगडेलजा जाने के दौरान विमान 4.15 बजे यूनियन वाले के एक घर से टक्कर हो गई। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने कहा कि विमान में तीन व्यक्ति सवार थे।दुर्घटना के समय घर में भी तीन लोग थे। इसमें 21 वर्षीय लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई।घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। एफएएऔर नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी बोर्ड मिलकर हादसे की जांच करेगी।

कुछ दिनों पहले अमेरिका के फिलाडेल्फिया के पेंसिलवेनिया में एक छोटा विमान घर से टकरा गया। हादसे में विमान सवार भारतीय मूल के डॉ. दंपती और उनकी 19 साल की बेटी की मौत हो गई थी।

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क्षतिग्रस्त घर।

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बिजली गुल, 17 एयरपोर्ट पर 3.5 लाख लोग 6 घंटे तक परेशान


वॉशिंगटन. अमेरिका में शुक्रवार को बिजली गुल होने से एयरपोर्ट कस्टम सिस्टम क्रैश हो गया। इससे न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, वॉशिंगटन, लॉस एंजेलिस, न्यूजर्सी और नेवार्क समेत 17 एयरपोर्ट पर अंधेरा छा गया। ये क्रैश अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (सीबीपी) प्रसंस्करण प्रणालियों की एक राष्ट्रव्यापी तकनीकी खराबी से हुआ। सीबीपी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को वैकल्पिक चेक-इन दिया गया। इस क्रैश से 6 घंटे तक अफरातफरी रही और देश में 3.5 लाख यात्री परेशान हुए हैं। दूसरी तरफ अधिकारियों का दावा है कि तीन घंटे बाद ही समस्या सुलझा ली गई।

वॉशिंगटन एयरपोर्ट पर 5000 की भीड़, लोग बोले-कस्टम कयामत है

  • एयरपोर्ट पर अफरातफरी से परेशान लोगों ने सोशल मीडिया पर भड़ास निकाली। उन्होंने हैशटैग कस्टम कयामत (कस्टम्सएपोकैलीप्से) के साथ कस्टम विभाग को ट्रोल किया।
  • जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर रेबेका ट्रॉम्बल ने लिखा- वॉशिंगटन के डुलैस एयरपोर्ट पर 5000 यात्री जमा हैं। 4 घंटे से ये भीड़ है। लोग पानी के लिए परेशान हैं।

ढाई साल पहले चार घंटे के लिए क्रैश हो गया था कस्टम का सिस्टम
न्यूयॉर्क में जेएफके एयरपोर्ट ने ट्वीट किया- सीमा शुल्क कंप्यूटर प्रणाली देशभर में डाउन है। इस बीच कोई भी अप्रिय घटना नहीं हुई। अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेश ने कहा है कि कोई भी उड़ान रद्द नहीं की गई। इससे पहले 2 जनवरी, 2017 को सिस्टम चार घंटे के लिए डाउन हो गया था। तब हजारों यात्री छुटि्टयां बिताकर लौट रहे थे।



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This brought darkness to 17 airports, including New York, San Francisco, Washington, Los Angeles, New Jersey and Newark

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सरकार महिलाओं का दिल टूटने से बचाने के लिए विवाहित पुरुषों का डेटाबेस तैयार करेगी


डोडोमा. तंजानिया के सबसे बड़े शहर दार-अस-सलाम के गवर्नर ने महिलाओं का‘दिल टूटने’ से बचाने के लिए विवाहित पुरुषों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने और उसे प्रकाशित करने की योजना की घोषणा की है।रीजनल कमिश्नर पॉल मकोंडा ने कहा किमहिलाओं से काफी शिकायतें मिली हैं, जिन्हें शादी के प्रस्ताव के बाद उनके प्रेमियों द्वारा छोड़ दिया गया।

  1. मकोंडा के मुताबिक, ‘‘डेटाबेस से प्यार में धोखा देने वालों से निपटने में मदद मिलेगी। मुझे उन महिलाओं से काफी शिकायतें मिली हैं, जिन्हें पुरुषों ने शादी का वादा कर छोड़ दिया गया।’’

  2. उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक क्षेत्र में क्षेत्रीय आयुक्त कार्यालय में एक डेटाबेस स्थापित करेंगे। इसमें उन सभी पुरुषों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, जो महिलाओं से शादी का वादा करते हैं।

  3. मकोंडा ने कहा किडेटाबेस में महिलाएं यह देख सकती हैं कि शादी का वादा करने वाला पुरुष विवाहित है या नहीं। सरकार दक्षिणअफ्रीकी विकास समुदाय के अन्य देशों से यह समझने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने इस तरह की चुनौतियों से कैसे निपटा है।

  4. मकोंडा के डेटाबेस प्लान के जैसे प्रस्ताव से पड़ोसी देश केन्या में बहस शुरू हो गई है। वहां के एक गवर्नर ने उन राजनेताओं को बेनकाब करने की कसम खाई थी, जो बच्चों के साथ अपने प्रेमिकाओं को छोड़ देते हैं।

  5. नैरोबी के गवर्नर माइक सोनको ने अपने फेसबुक पेज पर दो टेलीफोन नंबर भी पोस्ट किए थे।उन्होंने लिखा- अगर कोई सांसद, सीनेटर, राज्यपाल, नौकरशाह या व्यवसायी, जिसने भी आपको धोखा दिया, मुझे उनका विवरण भेजें। हम उनका खुलासा करेंगे और डीएनए टेस्ट करेंगे।



    1. Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
      फाइल फोटो।
      दार-अस-सलाम के रीजनल कमिश्नर पॉल मकोंडा। -फाइल

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कश्मीर मुद्दे पर बैठक के बाद चीन चाहता था- सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष बयान दें; ज्यादातर सदस्यों ने मांग ठुकराई


संयुक्त राष्ट्र.कश्मीर मसले को लेकर सुरक्षा परिषद में हुई गुप्तबैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन द्वार इस मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिश नाकाम रही। सूत्रों ने न्यूज एजेंसीको बताया कि बैठक के बाद चीन अगस्त महीने के सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष पोलैंड द्वारा एक प्रेस बयान के लिए जोर दे रहा था। यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने भी चीन का समर्थन किया। हालांकि, बैठक के बाद पोलैंड की ओर से कोई बयान नहीं आया है।

इस बैठक में शामिल 15सदस्यों ने सुरक्षा परिषद में साफतौर पर कहा कि कश्मीर नई दिल्ली और इस्लामाबाद का द्विपक्षीय मामला है। ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि बैठक के बाद कोई बयान या परिणाम जारी नहीं किया जाना चाहिए। चीन ने अपनी राष्ट्रीय क्षमता के आधार पर बयान दिया। इसके बाद भारत ने कहा कि कश्मीरहमारा आंतरिक मामला है। पाकिस्तान के पास संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे को उठाए जाने का कोई आधार नहीं है।

चीन-पाक के राजदूत ने सवालों के जवाब नहीं दिए

संयुक्त राष्ट्र में बीजिंग के राजदूत झांग जून और पाकिस्तानी राजदूत मालेहा लोधी ने बैठक से जुड़ी खबरों परटिप्पणी की। हालांकि उन्होंने पत्रकारों के किसी सवाल का कोई जवाब नहीं दिया।चीन और भारत के बयानों को लेकर संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुदीन ने मीडिया से कहा कि वह नई दिल्ली की स्थिति को प्रस्तुत करेंगे। इसके साथ ही परिषद के ज्यादातर सदस्यों ने कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है। इसे उन्हें खुद ही सुलझाना चाहिए। इस नतीजे के बाद पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के मकसद को झटका लगा है।

भारत ने प्रत्येक सदस्यों के तर्कों को एक-एक कर काटा

बैठक की कार्यवाही के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने कहा कि यूएनएससी सदस्यों के चर्चा में भारत ने प्रत्येक सदस्यों के तर्कों को एक-एक कर काटा। भारत का दृष्टिकोण यह था कि शांति और सुरक्षा के लिए एक संवैधानिक मामला खतरा कैसे बन सकता है। जैसा कि पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के बाद दावा किया था।एक संघीय व्यवस्था सीमा पार कैसे उलझन पैदा कर सकती है। भारत ने यह भी कहा कि वह कश्मीर के मुद्दे पर शिमला समझौते के लिए प्रतिबद्ध है। मानवाधिकारों के उल्लंघन मामले को लेकर भी पाकिस्तान को निराशा हाथ लगी। चीन मानवाधिकारों के बारे में बात कर रहा है।

कई सदस्यों ने कहा- कश्मीर भारत और पाक का द्विपक्षीय मसला

सूत्रों ने कहा कि अगर पाकिस्तान को लगता है कि अनुच्छेद 370 एक भौतिक परिवर्तन है तो फिर चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) क्या है। सीपीईसी से उन्होंने भौतिक रूप से कितने परिवर्तन किए हैं?परिषद में अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर और इक्वाटोरियल गिनी, डोमिनिकन गणराज्य के साथ ही जर्मनी, अमेरिकी, फ्रांस और रूस ने भारत का समर्थन दिया।संयुक्त राष्ट्र के एक राजनयिक सूत्र ने कहा कि जब फ्रांस इस क्षेत्र की स्थिति पर पूरा ध्यान दे रहा था, इसकी प्राथमिकता भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता थी। अमेरिका और जर्मनी भी यहीं चाहते हैं।

रूस भारत-पाक के बीच द्विपक्षीय वार्ता का पक्षधर

रूस के प्रतिनिधि दिमित्री पॉलान्सकी ने बैठक से पहले संवाददाताओं से कहा कि मास्को भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता का पक्षधर है। इंडोनेशिया भी दोनों देशों के बीच बढ़ रहे तनाव पर चिंता जता चुका है। साथ ही दोनों देशों को बातचीत और कूटनीति की राह पर लौटने का आग्रह किया।ब्रिटेन सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि यूएनएससी में कश्मीर की स्थिति पर चर्चा हुई। हम बारिकी से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कश्मीर की घटनाओं की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रासंगिकता हो सकती है। हम सभी से शांत और सावधानी बरतने की अपील करते हैं।

इस गुप्त बैठक का कोई रिकॉर्ड नहीं रहेगा

चीन के अनुरोध पर शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद मेंएक घंटे बैठक हुई। हालांकि यह एक गुप्त बैठक थी। संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यों में से एक चीन के पास वीटो पावर है। यूएनएससी प्रक्रियाओं के मुताबिक, परिषद के सदस्य किसी भी विषय पर चर्चा के लिए बैठक बुला सकते हैं। वहीं, इस गुप्त बैठक का कोई रिकॉर्ड भी नहीं रखा जाएगा।

पाकिस्तान को कई मोर्चों पर झटका

गुप्त बैठक के लिए पाकिस्तान को कई मोर्चों पर झटके लगे हैं। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के पत्र के बाद इस मामले पर पाकिस्तान ने खुली बैठक की मांग की थी। लेकिन, सुरक्षा परिषद ने गुप्त बैठक की। पाकिस्तान ने यह भी मांग की थी कि बैठक में पाक सरकार के एक प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए। लेकिन बैठक में सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों ही शामिल हुए।

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यूएन में कश्मीर मुद्दे पर बैठक।

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भारत-भूटान के बीच 9 समझौते पर हस्ताक्षर, मोदी ने कहा- पड़ोसी देश के विकास के लिए प्रतिबद्ध


नई दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे भूटान पहुंचे। भारत और भूटान के बीच हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट, नॉलेज नेटवर्क, मल्टी स्पेशलिएटी हॉस्पिटल, स्पेस सैटेलाइट, रूपे कार्ड के इस्तेमाल समेत 9 समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदीभूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोते शेरिंग से संसद में मुलाकात की। प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के लोगों से भी मिले। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी जिंदाबाद’के नारे लगे।थिंपू के पारो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री लोते शेरिंग ने उनका स्वागत किया। मोदी को एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''डॉ शेरिंग की प्राथमिकता अपने नागरिकों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की रही है। हम मल्टी स्पेशलिटीहॉस्पिटल तैयार करने में उनकी मदद करेंगे। स्पेस टेक्नोलॉजी के माध्यम से हम भूटान के विकास में तेजी लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों देश छोटे उपग्रह तैयार करेंगे। रॉयल भूटान यूनिवर्सिटी और भारत के आईआईटी को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।’’

5 परियोजनाओं का उद्घाटन

दोनों देशों के बीच हेल्थ, पॉवर, स्पेस सेटेलाइट, नॉलेज, रूपे कार्ड के इस्तेमाल समेत 9 करार हुए। प्रधानमंत्री मोदी और शेरिंग ने इसरो के ग्राउंड स्टेशन, मेंगदेछू पनबिजली परियोजना समेत 5 प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। मोदी ने भारतीय रूपे कार्ड को भी लॉन्च किया। इससे पहले रूपे कार्ड सिंगापुर में भी लॉन्च किया जा चुका है।

दोनों देशों की मित्रता मजबूत होगी: मोदी
विदेश दौरे से पहले मोदी ने कहा कि भूटान के नेतृत्व के साथ बातचीत सार्थक रहेगी और इससे दोनों देशों की मित्रता और मजबूत होगी। दूसरे कार्यकाल के शुरुआत में इस यात्रा से पता चलता है कि भारत अपने पड़ोसी भूटान के साथ संबंधों को कितनी अहमियत देता है। यह मोदी का दूसरा भूटान दौरा है। इससे पहले वे 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद पहले विदेशी दौरे परभूटान गए थे।

भूटान में छात्रों को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं द्विपक्षीय संबंधों के तमाम पहलुओं पर भूटान नरेश, पूर्व नरेश और वहां के प्रधानमंत्री के साथ सार्थक बातचीत को लेकर आशान्वित हूं। साथ ही भूटान के रॉयल विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करने को लेकर भी उत्सुक हूं। मुझे विश्वास है कि इस यात्रा से भूटान के साथ हमारी मित्रता और मजबूत होगी, जिससे दोनों देशों के बीच समृद्धि और प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा। भारत की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति रही है। मोदी भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक, पूर्व नरेश जिग्मे सिग्मे वांगचुक और प्रधानमंत्री लोतेशेरिंग के साथ मुलाकात करेंगे। वे भूटान के राष्ट्रीय स्मारक पर भी जाएंगे।

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India Bhutan, Narendra Modi Bhutan Visit: Updates Of PM Narendra Modi Bilateral Meeting With Bhutan PM Lotay Tshering
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India Bhutan, Narendra Modi Bhutan Visit: Updates Of PM Narendra Modi Bilateral Meeting With Bhutan PM Lotay Tshering
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पाक पत्रकारों ने पूछा- दोनों देशों के बीच बातचीत कब शुरू होगी, भारतीय राजदूत बोले- आपसे ही शुरुआत करता हूं


न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएनसी) की शुक्रवार को गुप्त बैठक हुई। इसमें भारत ने साफ कर दिया कि कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है। अगर पाकिस्तान को बातचीत शुरू करनी है तो आतंकवाद पर लगाम लगाए। इसके बाद यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मीडिया ब्रीफिंग की। इसमें पाक के 3 पत्रकार मौजूद थे। इससे पहले चीन और पाक के प्रतिनिधि मीडिया से मुखातिब हो चुके थे।

अकबरुद्दीन ने सबसे पहले पाक पत्रकारों को ही सवाल पूछने को कहा। एक पत्रकार ने कहा, ‘‘भारत की पाकिस्तान के साथ बातचीत कब शुरू होगी?’’ इस पर अकबरुद्दीन पोडियम से नीचे उतरकर पाक पत्रकारों के पास गए। उनसे हाथ मिलाते हुए अकबरुद्दीन ने कहा, ‘‘इसकी (बातचीत की) शुरुआत मैं आपसे ही करता हूं।’’ ब्रीफिंग हॉल में मौजूद सभी लोगों ने अकबरुद्दीन के इस कदम का स्वागत किया।

‘हम शिमला समझौते के लिए प्रतिबद्ध’
अकबरुद्दीन ने पोडियम की तरफ लौटते हुए कहा, ‘‘हम दोस्ती के लिए अपना हाथ पहले ही बढ़ा चुके हैं। हम शिमला समझौते को लेकर प्रतिबद्ध हैं। अब हम पाकिस्तान की तरफ से जवाब का इंतजार कर रहे हैं।’’

इससे पहले पाक पत्रकार ने पूछा था कि दोनों पड़ोसियों के बीच कोई संपर्क नहीं है। भारत, पाक का निवेदन का जवाब क्यों नहीं देता। इस पर अकबरुद्दीन ने कहा, ‘‘बातचीत शुरू करने के लिए आतंकवाद खत्म कीजिए। पाक जो रवैया अख्तियार कर रहा है, वह जमीनी सच्चाई से काफी दूर है। पाक जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा देता है।’’



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पाक पत्रकारों से हाथ मिलाते सैयद अकबरुद्दीन।

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ट्रम्प की इमरान को सलाह- कश्मीर मुद्दा सुलझाने के लिए भारत से बातचीत शुरू करें


वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान को सलाह दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से शुक्रवार कोबातचीत केदौरानअमेरिकी राष्ट्रपतिने कहा कि कश्मीर को लेकर किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए पाक अपनी तरफ से भारत से बात शुरू करे।कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे पर शुक्रवार को ही यूएन की गुप्त बैठक हुई। इससे पहले इमरान ने ट्रम्प को फोन लगाकर अमेरिका को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। हालांकि, ट्रम्प ने इसे द्विपक्षीय मामला बताकर पाक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

व्हाइट हाउस के डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी होगन गिडले की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ट्रम्प और इमरान के बीच क्षेत्र में हो रही हलचल पर बात हुई। ट्रम्प ने इसी दौरान इमरान को सलाह दी कि अगर पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के साथ तनाव कम करना चाहता है तो उसे द्विपक्षीय वार्ता की अहमियत समझनी होगी।

पाक ने कश्मीर मुद्दे को गंभीर दिखाने की हरसंभव कोशिश की

इससे पहले पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस्लामाबाद में रिपोर्टर्स को बातचीत के दौरान बताया था कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्रम्प से बात की है। उन्होंने बताया कि ट्रम्प को कश्मीर के हालात और इस पर पाक की स्थिति से अवगत करा दिया गया है।इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 स्थाई सदस्यों में से 4 से सीधे संपर्क साधे गए हैं।

इमरान की कोशिशों के बावजूद पाक को नहीं मिला किसी का साथ
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की गुप्त बैठक में शामिल 5 स्थाई और 10 अस्थाई सदस्यों मेंपाक को चीन के अलावा किसी भी देश का साथ नहीं मिला। दावा किया गया है कि सुरक्षा परिषद के ज्यादातर सदस्यों ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। मीटिंग खत्म होने के बाद यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने भी कहा कि कश्मीर से जुड़े फैसले भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन और पाकिस्तान ने अपने विचारों को सभी के विचारों के तौर पर थोपने की कोशिश की।

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Kashmir Issue: Donald Trump To Pakistan Imram Khan, Resolve Kashmir Conflict With India Bilaterally: US President PAK PM

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भारत ने कहा- कश्मीर हमारा आंतरिक मसला, पाक को बातचीत करनी है तो पहले आतंकवाद रोके


न्यूयॉर्क. संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मसले पर भारत को गलत साबित करने की पाकिस्तान और चीन की कोशिश शुक्रवार को नाकाम हो गई। इस बैठक के बाद यूएन में भारत के प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि अनुच्छेद 370 के मामले में भारत की जो स्थिति पहले थी, वही बरकरार है। यह पूरी तरह भारत का आंतरिक मसला है और इसका कोई बाहरी संबंध नहीं है। उन्होंने कहा- कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मसला पूरी तरह आंतरिक है और यह फैसला वहां के लोगों के विकास के मकसद से लिया गया है। अकबरुद्दीन ने साफ किया कि अगर पाकिस्तान को बातचीत करनी हो तो पहले आतंकवाद रोके। यूएन में 54 साल बाद कश्मीर मसले पर चर्चा हुई।

अकबरुद्दीन ने कहा- पाकिस्तान जिहाद की बात करके हिंसा को भड़का रहा है। अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए वह आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, कोई लोकतांत्रिक देश ऐसा नहीं करता। हम पाकिस्तान से बात तब करेंगे, जब वह आतंकवाद खत्म कर देगा। पहले आतंकवाद बंद करो और फिर बातचीत होगी।

कश्मीर में शांति बनाए रखनेके लिए प्रतिबद्ध- अकबरुद्दीन

अकबरुद्दीन ने कहा- अनुच्छेद 370 का मसले का कोई बाहरी संबंध नहीं है। हाल में जो फैसला लिया गया है, उसके पीछे भारत सरकार का मकसद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए सुशासन, सामाजिक-आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है। हम धीरे-धीरे प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत के भीतर बदलाव किए गए हैं, इसका मतलब यह नहीं कि हमारी बाहरी सोच और मकसद बदल गया है। हम इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि जम्मू-कश्मीर में हालात शांतिपूर्ण रहें।

रूस ने भारत का समर्थन किया, पाकिस्तान ने कहा- यह पहला कदम, आखिरी नहीं
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गुप्त बैठक खत्म होने के बादचीन और भारत के प्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत की। यूएन में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने कहा- यह पहला कदम है, आखिरी नहीं। वहीं चीन के राजदूत ने कहा था कि कश्मीर पर कोई भी फैसला एक तरफ से नहीं होना चाहिए बल्कि भारत-पाक को इसे द्विपक्षीय तरीके से सुलझाना चाहिए। दूसरी तरफ बैठक से पहले रूस ने कहा था कि हम भारत के उस नजरिए का समर्थन करते हैं, जिसमें कश्मीर को भारत-पाक का द्विपक्षीय मसला कहा गया है।

बैठक के लिए पाक ने यूएन को लिखा था पत्र, चीन ने समर्थन किया

इससे पहले पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यूएन को पत्र लिखकर भारत के कश्मीर को लेकर लिए गए निर्णय पर तत्काल एक सत्र बुलाने का अनुरोध किया था। चीन ने पाक का साथ देते हुए इस मामले पर गुप्त बैठक की बात कही थी। गुप्त बैठक मेंचीन समेतसुरक्षा परिषदके 5स्थाईसदस्य और 10 अस्थाई सदस्य शामिल हुए।

यूएन रिकॉर्ड्स के मुताबिक, सुरक्षा परिषद ने पिछली बार जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर 1965में चर्चा की थी। 16 जनवरी 1965के एक पत्र में यूएन में पाक के प्रतिनिधि ने कश्मीर पर तत्काल बैठक बुलाने के लिए कहा था। इसमें भी कश्मीर के विशेष दर्जे को लेकर ही शिकायत की गई थी।

भारत के कदम को संवैधानिक बता चुका है रूस
चीन की यात्रा से लौटने के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी ने कहा था कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने यूएनएससी में पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया था। दूसरी तरफ परिषद के एक और स्थायी सदस्य रूस ने भारत के कदम को संवैधानिक बताया था। उसने कहा था कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसी तरह से सुलझाया जाना चाहिए। संयुक्त अरब अमीरात ने भी इसे भारत का आंतरिक मामला कहा था।

किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन नहीं किया: भारत
पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की लगातार कोशिश करता रहा है और वह इस मामले में विश्व समुदाय को शामिल करने का प्रयास करता रहा है। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत के अनुच्छेद 370 हटाने के कदम से न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरा उत्पन्न हुआ है। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया था कि यह उसका आंतरिक मामला है और उसने किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन नहीं किया है।

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Syed Akbaruddin, UNSC Security Council Meeting On Kashmir; Syed Akbaruddin Article 370 India Internal Matter, Pakistan
फाइल फोटो।

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