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दिग्विजय के बंगले के सामने क्यों धरने पर बैठे लक्ष्मण


भोपाल. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ङ्क्षसह के बंगले के सामने उनके छोटे भाई विधायक लक्ष्मण सिंह ने मंगलवार को धरना दे दिया। चाचौड़ा को जिला बनाने की मांग कर रहे लक्ष्मण के साथ क्षेत्रीय लोग भी थे। वे अपनी मांग लेकर दिग्विजय सिंह से मुलाकात करने पहुंचे थे। यह धरना पांच घंटे बाद आश्वासन देने पर समाप्त हुआ। दिग्विजय को लक्ष्मण का यह तरीका पसंद नहीं आया तो उन्होंने नाराजगी जताई।
लक्ष्मण सिंह चाचौड़ा क्षेत्र के लोगों के साथ सुबह नौ बजे दिग्विजय के बंगले पर पहुंचे, तब दिग्विजय बंगले पर थे। दिग्विजय ने उन्हें बंगले के अंदर बुलाया तो लक्ष्मण ने उनसे बाहर आने का आग्रह किया। दिग्विजय बाहर आए तो लक्ष्मण बोले- आप मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात करो कि चाचौड़ा को जिला कब बना रहे हैं। क्षेत्रीय लोग उनके स्वागत का कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं। इस पर दिग्विजय बोले- उनसे समय लेकर मिलना ठीक होगा। इस तरह फोन नहीं लगा सकते। लक्ष्मण अड़ गए कि बिना तिथि लिए वे यहां से नहीं जाएंगे। उनका रुख देख दिग्विजय अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के लिए निकल गए और लक्ष्मण अपने समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए।

- आनन-फानन में हुई भोजन व्यवस्था
बंगले पर क्षेत्रीय लोगों के बड़ी संख्या मेंं होने के कारण आनन-फानन में भोजन व्यवस्था की गई। लक्ष्मण ने समर्थकों से कहा कि खाने की व्यवस्था हो गई है, हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे जब तक बड़े भैया समय नहीं दे देते। इस बीच दिग्विजय बंगले में आए। कुछ जरूरी काम निपटाए, लेकिन लक्ष्मण से मुलाकात नहीं की। उन्होंने मीडिया से यह जरूर कहा कि हर काम की एक प्रक्रिया होती है, उसी प्रक्रिया के तहत काम होगा। लक्ष्मण के धरने के सवाल का उन्होंने सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया।

 

- उठक बैठक लगाई और माफी भी मांगी
दिग्विजय दोपहर करीब दो बजे बंगले पर लौटे तो लक्ष्मण सिंह के पास पहुंचे। लक्ष्मण ने वही मांग दोहराई तो दिग्विजय बोले - आप मेरे साथ सीएम के पास चलो वहां सीधे बात हो जाएगी, इस पर लक्ष्मण बोले- वे अकेले नहीं जाएंगे। चर्चा क्षेत्रीय लोगों के साथ होगी। उन्होंने तर्क दिया कि जनता की मांग है, सीएम घोषणा कर चुके हैं। चाचौड़ा को जिला बनाए जाने की मुहिम चल रही है। इस पर दिग्विजय ने पूछा- मुहिम में उन्हें शामिल नहीं क्यों नहीं किया। लक्ष्मण बोले- गलती हो गई, माफ कर दीजिए। यह कहते हुए उन्होंने तीन बार उठक-बैठक भी लगाई। हालांकि जब यह चर्चा हो रही थी तब दिग्विजय ने सभी के मोबाइल फोन बंद करा दिए थे। जब धरना समाप्त हुआ तो फिर लक्ष्मण ने दिग्विजय से कहा माफ कर दीजिए।

- आठ साल से चाचौड़ा नहीं गए दिग्विजय
लक्ष्मण सिंह ने मीडिया से कहा कि दिग्विजय अब ज्यादा व्यस्त हो गए हैं, क्योंकि वे आठ साल से चाचौड़ा नहीं गए। हम चाहते हैं कि दिग्विजय चाचौड़ा आने का समय दें और मुख्यमंत्री को साथ लेकर चाचौड़ा आएं और जिला बनाए जाने के कार्यक्रम में शामिल हों। धरने के सवाल पर बोले- यह धरना नहीं, बल्कि वे बड़े भाई के घर पर आए हैं।

- कुछ लोगों से घिरे हैं दिग्विजय
लक्ष्मण सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग दिग्विजय सिंह को घेरे हुए हैं। वे उन्हें लगातार जनता से दूर कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि ये व्यक्ति कौन हैं, पार्टी के हैं या फिर पार्टी के बाहर के हैं..., इस सवाल पर उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन यह जरूर कहा कि दिग्विजय को तय करना है कि उन्हें जनता के बीच रहकर राजनीति करना है या फिर चमचों के बीच रहकर राजनीति करना है।


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राजकुमारी को देख राजा ऐसे मोहित हुए कि सेना को छोड़ वन में रुक गए


भोपाल. शहीद भवन में कर्मयोगी क्रिएटिव ग्रुप द्वारा मंगलवार को नाटक 'पर्णिकाÓ का मंचन किया गया। इस नाटक का लेखन व निर्देशन नितिश दुबे ने किया गया। एक घंटे 10 मिनट के इस नाटक में एक-दूसरे के प्रति कपट, क्रूरता और हिंसा पर सत्य और प्रेम की विजय को दर्शाया गया। जिसे काव्य छन्द के माध्यम से प्रस्तुति किया गया।

नाटक की कहानी राजा अथर्व की है। वे युद्ध विजय करने के बाद अपने राज्य लौट रहे होते हैं। रात होने पर वे जंगल में ही विश्राम के लिए रुक जाते हैं। भ्रमण के दौरान उनकी नजर वन की राजकुमारी पर्णिका पर पड़ती है। दोनों को एक-दूसरे से प्रेम हो जाता है। राजा, सेना को राज्य लौटने का आदेश देते हैं और स्वयं कुछ दिन पर्णिका के साथ वन में ही रुक जाते हैं। राजपुरोहित क्रोधित होकर राजा को वापस लौटने का आदेश देते हैं। राजा पर्णिका को पालकी में ले जाने का वचन देकर राज्य चले जाते है और राजपुरोहित को सारी बात बताते है। राजपुरोहित दोनों की कुंडली बनाने का ढोंग करता है, और राजा को बताता है कि पर्णिका से विवाह करते ही राजा की मृत्यु हो जाएगी।

राजपुरोहित करता है षडयंत्र
नाटक की अगली कड़ी में दिखाया कि राजा का मित्र भेला राजपुरोहित के षडय़ंत्र समझ जाता है और राजा को सब कुछ बता देता है। राजा पर्णिका को लेने वन जाने लगते है। वहीं, राजपुरोहित अपने जादू से मायावी राक्षसों को बनाता है। राजा और राक्षसों में युद्ध होता है और राजा की विजय होती है। राजा राजपुरोहित को मृत्यु दंड देते है। राजकुमारी पर्णिका को पालकी पर बैठाकर अपने राज्य ले जाता है।


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पेड़ों की शिफ्टिंग के लिए एजेंसी तय करने की कवायद के बीच गैमन प्रोजेक्ट के पास काट दिए कई पेड़


भोपाल. साउथ टीटी नगर में गैमन के पास बड़े व पुराने पेड़ों की शिफ्टिंग की कवायद शुरू करने के दावों के बीच कई पेड़ों को तने से काट दिया गया है। ये स्थिति तब है जब स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कॉर्पोरेशन एजेंसी तय करके अगले महीने से पेड़ों की शिफ्टिंग की बात कह रहा है। ऐसे में पेड़ों में चलाई जा रही आरी स्मार्ट सिटी की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है। मंगलवार को सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई की गई। 70 साल से अधिक पुराने आम समेत अन्य प्रजाति के पेड़ों को तने से काट दिया गया। कुछ पेड़ों की डालियां काटी गई हैं। मालूम हो कि स्मार्ट सिटी के एबीडी प्रोजेक्ट का दायरा बढऩे के साथ ही साउथ टीटी नगर के तीन हजार से अधिक पेड़ों पर संकट खड़ा हो गया है।

पेड़ काटने की अनुमति नहीं दिखा पाए कर्मचारी

पेड़ों की कटाई की सूचना मिलने पर वृक्ष मित्र सुनील दुबे, चंद्रशेखर तिवारी सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे और पेड़ काटने की अनुमति मांगी। कर्मचारी ऐसी कोई भी अनुमति नहीं दिखा सके। इधर, स्मार्ट सिटी के प्रभारी इंजीनियर ओपी भारद्वाज का कहना है कि बेहद जरूरी पेड़ ही काटे जा रहे हैं। शिफ्टिंग के लिए एजेंसी तय होते ही पेड़ोंको कलियासोत नदी किनारे और बैरागढ़ में शिफ्ट किया जाएगा।

शिफ्टिंग के लिए 32 लाख के बजट का दावा
स्मार्ट सिटी डवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में बड़े व पुराने पेड़ों को शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्टिंग से पहले मिट्टी की जांच की जाएगी। वैज्ञानिक तरीके से होने वाली इस शिफ्टिंग में सुपरवाइजरों की देखरेख में सुरक्षित लोडिंग व ट्रांसर्पोटेशन का दावा है। जिस कंपनी को ये काम सौंपा जाएगा उसे छह महीने तक पेड़ों की देखरेख करनी होगी। पानी-खाद के साथ ही मिट्टी की नमी की समय-समय पर जांच का जिम्मा भी इसी के पास होगा। इस पूरी कवायद के लिए 32 लाख रुपए का बजट रखा गया है।


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सवा दो घंटे चली बैठक, पांच मिनट भी नहीं हुई चर्चा


भोपाल. राजधानी को दो नगर निगमों में बांटने के प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई नगर निगम परिषद बैठक हंगामेदार रही। सवा दो घंटे चली बैठक में पांच मिनट भी चर्चा नहीं हो सकी। मंगलवार सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.45 तक चली बैठक में हुए लगातार हंगामे के बीच महापौर वक्तव्य तक नहीं
पढ़ पाए।
इसके पूर्व बैठक शुरू होते ही महापौर आलोक शर्मा ने जैसे ही बोलना शुरू किया वैसे ही गिरीश शर्मा, अब्दुल शफीक, संतोष कंसाना, अमित शर्मा व अन्य कांग्रेसी पार्षद विरोध करने लगे। इनकी आपत्ति महापौर को पहले बोलने का मौका दिए जाने पर थी। इधर, कांग्रेसी पार्षदों के इस रवैए का भाजपा पार्षदों ने विरोध करते हुए कहा कि पहले महापौर ही बोलेंगे। हंगामा बढ़ता देख अध्यक्ष ने परिषद की बैठक पांच मिनट के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद बैठक तो शुरू हुई, पर पार्षदों का हंगामा लगातार जारी रहा।

अध्यक्ष के केबिन में पहुंचे कांग्रेसी पार्षद
बैठक के बाद नाराज कांग्रेसी पार्षद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान के केबिन में विरोध करने पहुंचे। पार्षद अमित शर्मा ने कहा कि निगम की धारा 421 का उल्लंघन किया है और उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया।
भाजपा पार्षद साथ लाए थे ज्ञापन
भाजपा पार्षद अपने साथ ज्ञापन लेकर आए थे, जिसमें दो नगर निगम के प्रस्ताव का विरोध किया गया था। बैठक में हो रहे हंगामे के दौरान पार्षदों ने ये ज्ञापन परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान को सौंप दिए।
कांग्रेस पार्षद भी आए थे तैयारी से
दो नगर निगम बनाए जाने के प्रस्ताव के पक्ष में तर्क रखने के लिए कांग्रेस के चार पार्षद पूरी तैयारी से आए थे। हालांकि परिषद बैठक में हंगामे के कारण उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल सका।
इधर, ठेकेदारों ने किया प्रदर्शन
दीपावली के पहले अपने बकाया भुगतान की मांग को लेकर नगर निगम के ठेकेदारों ने आईएसबीटी स्थित परिषद सभागार के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कॉन्टे्रक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितिन राठौर ने कहा कि निगम प्रशासन यदि भुगतान नहीं करता है तो निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।

परिषद बैठक में रखी गई जानकारी
126 करोड़ रुपए की स्टांप ड्यूटी शासन ने नहीं दी
28 करोड़ रुपए की चुंगी क्षतिपूर्ति 14.़52 करोड़ रुपए कर दी गई
20 कॉलोनियों की टकरा रही हैं सीमाएं
11000 से अधिक कर्मचारी निगम में
6000 कर्मचारी दैनिक वेतनभोगी
1000 करोड़ रुपए की राशि मंजूर है अमृत योजना के लिए
442 करोड़ रुपए सीवेज के लिए मंजूर
400 करोड़ रुपए वाटर सप्लाई के लिए
139 करोड़ रुपए स्ट्रॉर्म वाटर ड्रेनेज के लिए
40 करोड़ रुपए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए
42 करोड़ रुपए म्यूनिसिपल बॉण्ड के जमा हो रहे हैं
23 करोड़ रुपए हुडको से लोन के लिए
16 करोड़ रुपए एडीबी से लोन के लिए


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नए प्रस्ताव में गुलमोहर व शाहपुरा को कोलार निगम में करेंगे शामिल


भोपाल. राजधानी में दो नगर निगम के लिए तैयार प्रारूप में बदलाव की तैयारी है। मौजूदा प्रारूप पर आपत्ति-सुझाव की औपचारिकता पूरी कर ली गई है। प्रशासनिक सहूलियत के लिए वार्डों में फेरबदल किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार भोपाल में 52 की जगह 60 तो कोलार नगर निगम में 33 की बजाए 25 वार्ड रह जाएंगे।
नए प्रस्ताव में भोपाल नगर निगम से वार्ड 50 (गुलमोहर) और वार्ड 51 (शाहपुरा) को अलग कर कोलार में शामिल करेंगे। वार्ड 70 से 79 तक (पंजाबी बाग, दशहरा मैदान अशोका गार्डन, राजीव गांधी वार्ड, बीएमएचआरसी, भानपुर, बड़वई, छोला, रुसल्ली, करोंद-नवीबाग) को कोलार से हटाकर भोपाल नगर निगम में शामिल करेंगे। इससे करोंद व रुसल्ली क्षेत्र के रहवासियों और गुलमोहर-शाहपुरा के लोगों को फायदा होगा। पुराने ड्राफ्ट में इन वार्डों की 5 लाख आबादी को निगम मुख्यालय आने के लिए 20 किमी चक्कर लगाना पड़ता।

कोलार नगर निगम में ये वार्ड रहेंगे शामिल
गुलमोहर, शाहपुरा, मिसरोद, जाटखेड़ी, बरकतउल्ला वार्ड, बागमुगालिया वार्ड, बरखेड़ा पठानी, साकेत शक्ति वार्ड, कस्तूरवा वार्ड, बरखेड़ा बीएचईएल, गोविंदपुरा, खजूरीकला, हथाईखेड़ा, गौतम बुद्ध नगर, सोनागिरी, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, नरेला शंकरी वार्ड, इंद्रपुरी वार्ड, अयोध्या नगर वार्ड, सर्वधर्म कोलार, कान्हाकुंज, दानिशकुंज वार्ड, सनखेड़ी, रतनपुर सडक़ और कटारा वार्ड।
भोपाल नगर निगम में होंगे ये क्षेत्र
महात्मा गांधी वार्ड, एयरपोर्ट रोड, भौंरी, हेमू कालानी वार्ड, साधु वासवानी वार्ड, महावीर गिरी वार्ड, कोह-ए-फिजा वार्ड, रॉयल मार्केट, बाग मुंशी हुसैन खां, ईदगाह हिल्स, बाबू जगजीवन राम, नारियलखेड़ा, गीतांजलि वार्ड, शाहजहांनाबाद वार्ड, जेपी नगर वार्ड, मोतीलाल नेहरू, इब्राहिमगंज वार्ड, राम मंदिर वार्ड, लालबहादुर शास्त्री वार्ड, महावीर स्वामी वार्ड, जैन मंदिर वार्ड, मोती मस्जिद वार्ड, इस्लामपुर वार्ड, रानी कमलापति वार्ड, स्वामी विवेकानंद वार्ड, डॉ.अम्बेडकर वार्ड, गोस्वामी तुलसीदास वार्ड, रानी अवंतिबाई वार्ड, मौलाना अबुल कलाम
आजाद वार्ड, कुशाभाऊ ठाकरे वार्ड, छत्रपति शिवाजी वार्ड, जवाहरलाल नेहरू वार्ड, पं. मदन मोहन
मालवीय वार्ड, रविंद्रनाथ
टैगोर वार्ड, जहांगीराबाद वार्ड, चांदबड़ वार्ड, कपड़ा मिल वार्ड, सेमरा वार्ड, नवीन नगर वार्ड, ऐशबाग वार्ड, बाग फरहत अफ्जा, महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड, महाराण प्रताप वार्ड, संभाषचंद्र बोस वार्ड, इंदिरा गांधी वार्ड, पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड, डॉ.राजेंद्र प्रसाद वार्ड, अरेरा कॉलोनी, आशा निकेतन, गुरुनानक देव वार्ड, पंजाबी बाग, दशहरा मैदान अशोका गार्डन। राजीव गांधी वार्ड, भोपाल मेमोरियल अस्पताल, भानपुर वार्ड, बड़वाई, छोला,
रुसल्ली, करोंद, नवीबाग।


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जुर्माना और परफॉर्मेंस गारंटी जैसी सजा हुई बेअसर, अब बंद करो स्लॉटर हाउस


ाोपाल. स्लॉटर हाउस को शहर के बाहर शिफ्ट करने के आदेश पर अमल नहीं होने और जिम्मेदारों द्वारा हर बार अलग-अलग जवाब देने से तंग आकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है। कलेक्टर को स्लॉटर हाउस बंद कराने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान निगम कमिश्नर ने मांसाहारी लोगों की दुहाई देते हुए, इस रोक को हटाने का निवेदन किया, लेकिन एनजीटी ने अस्वीकार करते हुए कहा कि मांसाहारी लोग कुछ समय के लिए शाकाहार अपना लेंगे, लेकिन पर्यावरण और रहवासियों के स्वास्थ्य की दृष्टि से स्लॉटर हाउस की शिफ्टिंग जरूरी है। मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी। इसमें आदेश के अमल की समीक्षा होगी। इसके तीन दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट को कार्रवाई के संबंध में पर्सनल एफिडेविट देना होगा।
एनजीटी के मेंबर जस्टिस रघुवेन्द्र एस राठौर और सत्यवान सिंह गर्बयाल की कोर्ट ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से विनोद कुमार कोरी की याचिका पर सुनवाई की। एनजीटी ने शासन से शिफ्टिंग के बारे में पूछा, पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। एडीएम भोपाल सतीश कुमार से इस मामले में हुई कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि प्रशासन स्लॉटर हाउस के लिए वैकल्पिक जगह तलाश रहा है।
जब नगर निगम से पूछा गया तो निगम कमिश्नर और वकील ने कहा कि स्लॉटर हाउस का काम शुरू हो चुका है और तय समय सीमा में इसे शुरू कर देंगे। इन विरोधाभासी बातों पर जस्टिस राठौर ने नाराजगी जताई। उन्होंने एडीएम और निगम कमिश्नर से कहा कि ये बहाने चार साल से सुनाए जा रहे हैं। इससे जाहिर है कि स्लॉटर हाउस शिफ्टिंग के गंभीर प्रयास नहीं हुए हैं। अब सारे उपाय फेल हो गए हैं। इसलिए लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए स्लॉटर हाउस को बंद कर दिया जाए।
जिंसी के स्लॉटर हाउस की मौजूदा स्थिति
10 भैंसे, 100 बकरों की रोजाना स्लॉटरिंग
05 किलोलीटर का अंडरग्राउंड कलेक्शन टैंक
खुले नाले में स्लॉटर हाउस का वेस्ट बहाया जा रहा है
एसटीपी काम नहीं कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में प्रदूषण फैला रहता है
स्लाटर हाउस के पास एक तालाब बनाया है। इसेे प्रदूषित घोषित किया है

लगातार मांगते रहे समय, काम कुछ नहीं किया
विनोद कुमार कोरी ने वर्ष 2014 में जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस को शहर से बाहर शिफ्ट करने की याचिका एनजीटी में लगाई थी। ट्रिब्यूनल ने वर्ष 2015 में स्लॉटर हाउस को शिफ्ट करने का आदेश दिया। एनजीटी ने सुनवाई के दौरान कहा कि सरकार और नगर निगम को स्लॉटर हाउस के लिए जगह खोजने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। ट्रिब्यूनल ने नया स्लॉटर हाउस बनाने के लिए 31 मार्च 2018 तक का समय दिया। आदेश का पालन नहीं होने पर शासन पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया। 2 करोड़ की परफॉर्मेंस गारंटी भी ली। 1 अप्रैल 2018 से नगर निगम पर रोजाना 10 हजार रुपए की पेनाल्टी भी लग रही है। एनजीटी ने नया स्लॉटर हाउस शुरू करने के लिए 31 दिसंबर 2019 तक का समय दिया, पर कोई कार्रवाई नहीं की।
सीएस और डीजीपी को भी भिजवाया आदेश
एनजीटी ने अपने आदेश में जल्द जिंसी स्थित स्लॉटर हाउस बंद कराने के लिए कलेक्टर भोपाल को निर्देशित किया है। पुलिस अधिकारियों को भी आदेश का पालन कराने में जिला प्रशासन की मदद करने के लिए कहा गया है। एनजीटी ने इस ऑर्डर की कॉपी मुख्य सचिव, डीजीपी को भी भेजने के निर्देश दिए हैं।


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दिवाली पर रहेगा चित्रा नक्षत्र और पद्म योग का शुभ संयोग, व्यापारी व किसानों के लिए विशेष फलदायी


भोपाल। राजधानी में दिवाली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। इस बार दिवाली समृद्धिकारक होगी। ग्रह, नक्षत्रों के मेल से इस बार कई शुभ संयोग इस दिन बन रहे हैं, जो इस पर्व को और शुभता प्रदान करेंगे। ज्योतिषियों का कहना है कि इस बार दिवाली समृद्धिकारक रहेगी, जो सभी वर्गों के लिए लाभकारी रहेगी, लेकिन व्यापारियों, किसानों के लिए विशेष फलदायी होगी। दिवाली पर्व के पूर्व शहर में उत्साह का माहौल है। मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर-आंगन सजाए जा रहे हैं और घरों में आकर्षक विद्युत साज सज्जा की जा रही है। इस बार दिवाली के दिन रविवार और चित्रा नक्षत्र रहेगा, जो काफी शुभ संयोग है। यह दिन सभी प्रकार की खरीदारी, नवीन व्यापार शुभारंभ के लिए भी खास होगा।

ग्रह नक्षत्रों के योग से कई शुभ संयोग
ज्योतिषाचार्य पं. प्रहलाद पंड्या ने बताया कि इस बार दिवाली रविवार को है, और चित्रा नक्षत्र विद्यमान रहेगा। इसदिन पद्म योग का शुभ संयोग भी रहेगा, कन्या राशि पर चंद्र रहेंगा। इस लिहाज से दिवाली समृद्धिकारी होगी। किसान और व्यापारी वर्ग के लिए विशेष शुभफलदायी रहेगी।

 

ग्रहों क ी युति बनाएगी लक्ष्मीनारायण योग
ज्योतिष मठ संस्थान के पं. विनोद गौतम ने बताया कि इस दिन ग्रहों की युति के कारण भी शुभ संयोग रहेगा। इसदिन शुक्र अपनी स्वराशि तुला में रहेगा, साथ ही सूर्य और बुध का शुक्र के साथ होना लक्ष्मीनारायण योग बनाएगा। इस लिहाज से दिवाली विशेष फलदायी होगी। आम जनता की सुख समृद्धि में इजाफा होगा। खासकर व्यापारी वर्ग, उद्योगपतियों के लिए भी इस बार की दिवाली विशेष शुभ रहेगी।

 

दिवाली पर रहेगा चित्रा नक्षत्र और पद्म योग का शुभ संयोग, व्यापारी व किसानों के लिए विशेष फलदायी

बाजारों से लेकर घरों तक उत्साह
दिवाली के लिए अब एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है। ऐसे में शहर में दिवाली का उत्साह नजर आने लगा है। घरों में इन दिनों रंगाई, पुताई, सजावट का सिलसिला चल रहा है, वहीं बाजारों में भी दिवाली के लिए जमक र खरीदारी हो रही है। शहर के बाजारों में भारी भीड़ लग रही है और बाजार देर रात तक खुल रहे हैं। कपड़े, बर्तन, सजावट का सामान, लाइटिंग सहित सभी दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ लग रही है। दिवाली के चलते कई दुकानदार अपने ग्राहकों को आकर्षक उपहार भी दे रहे हैं।


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ट्रांसपोर्ट सिस्टम के हिसाब से ही तय होंगे बाजार, बनेगा ट्रांजिट ओरिएंटेड कॉरिडोर


भोपाल. पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को जनता के लिए सुलभ और शहर के विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिसरोद से बैरागढ़ तक 24 क्षेत्र में फैले क्षेत्र को ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट फार्मूले पर विकसित किया जाएगा। मैनिट और अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान ने मास्टर प्लान में सिटी ट्रांसपोर्ट और डेवलपमेंट को आपस में जोड़कर शहर की स्टडी रिपोर्ट तैयार की है इसे मास्टर प्लान के नए मसौदे में जोड़ा जाएगा। इस रिपोर्ट के मुताबिक शहर का आकार पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा होशंगाबाद रोड और बैरागढ़ के आसपास बढ़ा है। दोनों छोर को बीआरटीएस जोड़ता है और भविष्य में इस हिस्से पर मेट्रो रेल पर चलाई जाएगी। सर्वे रिपोर्ट में स्थानों के हिसाब से ये बताया गया है कि किस क्षेत्र में किस प्रकार के बाजार विकसित करने से ट्रांसपोर्ट सिस्टम में पर्याप्त यात्री और शहर विकास को रफ्तार मिल सकती है।
मैनिट के सहायक प्राध्यापक राहुल तिवारी ने इस मामले में नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग को शहरों के विकास में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भूमिका विषय पर प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव पर प्रदेश भर के टीएनसीपी और निगम अफसरों को प्रजेंटेशन भी दिया गया।

किस स्थान पर क्या प्रस्तावित
मिसरोद से बागसेवनिया थाना: कुछ वर्षों पहले तक शहर का आउटर सर्किल माने जाने वाले इस हिस्से पर संचालित ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पैसेंजर यूटिलिटी और डेवलपमेंट के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण स्थान बताकर यहां मॉल, रेस्टॉरेंट, मैरिज गार्डन और होटल इंडस्ट्री स्थापित करने पर जोर दिया गया है।

हबीबगंज से एमपी नगर: शहर का मध्य स्थल कहलाने वाले इस हिस्से को एजुकेशन संस्थानों की वजह से हॉस्टल, स्टूडेंट सुविधा के लिहाज से विकसित करने की सलाह दी गई है। इन इलाकों में चेतक ब्रिज, एमपी नगर जोन वन टू, गौतम नगर एवं रचना नगर शामिल किए गए हैं।

बोर्ड ऑफिस से रोशनपुरा: शहर के कपड़े, किराना और जरूरी उपभोक्ता सामग्री के फुटकर बाजार को इस हिस्से पर लाकर बसाने पर जोर दिया गया है। तर्क दिया गया है कि यदि इस हिस्से पर बाजार विकसित होते हैं और नए और पुराने शहर की बाजादी को फायदा पहुंचेगा।

पॉलीटेक्निक से लालघाटी चौराहा: बड़ा तालाब, छोटा तालाब, बोट क्लब, वन विहार और रानी कमलापति महल को पर्यटक स्थल की तरह विकसित कर इस हिस्से को टूरिस्ट हब बनाने पर जोर दिया गया है। तर्क दिया गया है कि इससे राजस्व आय बढऩे के साथ इस हिस्से पर यात्री संख्या को बढ़ाया जा सकेगा।

हलालपुर से बैरागढ़: वर्तमान कपड़ा व्यवसाय सहित आर्गेनिक पौधों की नर्सरियों को संचालित करने के लिए इस हिस्से को चिन्हिंत किया गया है। यहां वर्तमान में कपड़ा बाजार जाने वाले यात्रियों की संख्या सबसे अधिक है।

प्रमुखता से चर्चा में लाया जा रहा है
भोपाल सहित शहरों के मास्टर प्लान में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर बनाने नई केस स्टडी और सर्वे को प्रमुखता से चर्चा में लाया जा रहा है। सभी अधिकारियों को ड्राफ्ट बनाकर इस पर पब्लिक ओपिनियन लेने भी कहा गया है।
आर परशुराम, महानिदेशक, सुशासन संस्थान


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दो नगर निगम के ड्राफ्ट में फिर परिवर्तन: करोंद, रुसल्ली होंगे भोपाल में, गुलमोहर और शाहपुरा बनेंगे कोलार नगर निगम का हिस्सा


भोपाल. राजधानी में दो नगर निगम के लिए तैयार हुए प्रारूप में फिर से बदलाव करने की तैयारी है। हालांकि पहले वाले प्रारूप पर आपत्ति और सुझाव की औपचारिकता पूरी कर ली गई है, लेकिन प्रशासनिक सहूलियत के लिए दोनों प्रस्तावित निगमों के वार्डों में फेरबदल किया जा रहा है। नए प्रस्ताव के अनुसार भोपाल नगर निगम में 52 की जगह 60 वार्ड रहेंगे और कोलार नगर निगम में 33 की बजाए 25 वार्ड रह जाएंगे।

पुराने ड्राफ्ट में पांच लाख की आबादी को निगम मुख्यालय पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता
नए प्रस्ताव में भोपाल नगर निगम से वार्ड क्रमांक 50 (गुलमोहर) और वार्ड 51 (शाहपुरा) को अलग कर कोलार में शामिल किया जाएगा। वार्ड 70 से 79 तक ( पंजाबी बाग, दशहरा मैदान अशोका गार्डन, राजीव गांधी वार्ड, भोपाल मेमोरियल अस्पताल, भानपुर, बड़वाई, छोला, रुसल्ली, करोंद और नवीबाग) को कोलार से हटाकर भोपाल नगर निगम में शामिल करने की तैयारी है। इस बदलाव का फायदा पुराने शहर खासकर करोंद और रुसल्ली क्षेत्र के रहवासियों को और गुलमोहर तथा शाहपुरा के लोगों को मिलेगा। पुराने ड्राफ्ट में इन वार्डों की पांच लाख की आबादी को अपने काम के लिए निगम मुख्यालय पहुंचने के लिए 20 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता।

भोपाल नगर निगम में ये क्षेत्र रहेंगे सम्मिलित
महात्मा गांधी वार्ड, एयरपोर्ट रोड, भौंरी, हेमू कालानी वार्ड, साधु वासवानी वार्ड, महावीर गिरी वार्ड, कोह-ए-फिजा वार्ड, रॉयल मार्केट, बाग मुंशी हुसैन खां, ईदगाह हिल्स, बाबू जगजीवन राम, नारियलखेड़ा, गीतांजलि वार्ड, शाहजहांनाबाद वार्ड, जेपी नगर वार्ड, मोतीलाल नेहरू, इब्राहिमगंज वार्ड, राम मंदिर वार्ड, लालबहादुर शास्त्री वार्ड, महावीर स्वामी वार्ड, जैन मंदिर वार्ड, मोती मस्जिद वार्ड, इस्लामपुर वार्ड, रानी कमलापति वार्ड, स्वामी विवेकानंद वार्ड, डॉ.अम्बेडकर वार्ड, गोस्वामी तुलसीदास वार्ड, रानी अवंतिबाई वार्ड, मौलाना अबुल कलाम आजाद वार्ड, कुशाभाऊ ठाकरे वार्ड, छत्रपति शिवाजी वार्ड, जवाहरलाल नेहरू वार्ड, पं. मदन मोहन मालवीय वार्ड, रविंद्रनाथ टैगोर वार्ड, जहांगीराबाद वार्ड, चांदबड़ वार्ड, कपड़ा मिल वार्ड, सेमरा वार्ड, नवीन नगर वार्ड, ऐशबाग वार्ड, बाग फरहत अफ्जा, महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड, महाराण प्रताप वार्ड, संभाषचंद्र बोस वार्ड, इंदिरा गांधी वार्ड, पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड, डॉ.राजेंद्र प्रसाद वार्ड, अरेरा कॉलोनी, आशा निकेतन, गुरुनानक देव वार्ड, पंजाबी बाग, दशहरा मैदान अशोका गार्डन। राजीव गांधी वार्ड, भोपाल मेमोरियल अस्पताल, भानपुर वार्ड, बड़वाई, छोला, रुसल्ली, करोंद, नवीबाग।

कोलार नगर निगम में ये वार्ड रहेंगे सम्मिलित
गुलमोहर, शाहपुरा, मिसरोद, जाटखेड़ी, बरकतउल्ला वार्ड, बागमुगालिया वार्ड, बरखेड़ा पठानी, साकेत शक्ति वार्ड, कस्तूरवा वार्ड, बरखेड़ा बीएचईएल वार्ड, गोविंदपुरा वार्ड, खजूरीकला, हथाईखेड़ा, गौतम बुद्ध नगर, सोनागिरी, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, नरेला संकरी वार्ड, इंद्रपुरी वार्ड, अयोध्या नगर वार्ड, सर्वधर्म कोलार, कान्हाकुंज, दानिशकुंज वार्ड, सनखेड़ी, रतनपुर सड़क और कटारा वार्ड।

सुनवाई में आए 1895 दावे
दो नगर निगम के लिए मांगे गए दावा-आपत्ति में सात दिन में 1895 सुझाव आए थे। इसमें से 1413 ने आपत्ति दर्ज कराई है तो 482 दो नगर निगम बनाने का समर्थन किया है। इन्हें जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा।


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भेल की महिला अधिकारी ने भेल एचआर को कई बार की थी प्रताडऩा की शिकायत, लेकिन कोई मदद नहीं मिली


भोपाल. भेल हैदराबाद में पदस्थ आनंद नगर की रहने वाली नेहा चौकसे की सुसाइड मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने मंगलवार शाम भेल भोपाल के फाउंड्रीगेट नंबर पांच पर धरना-प्रदर्शन कर न्याय की मांग की। इस दौरान नेहा के पिता तुलसी राम चौकसे ने कहा कि भेल प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि बेटी नेहा को लगातार प्रताडि़त किया जाता रहा। उसने कई बार शिकायत करने के लिए एचआर के पास भी गई, लेकिन वहां से किसी तरह की मदद नहीं मिली।

अफसरों व साथियों की प्रताडना से तंग आकर नेहा ने हैदराबाद में कर ली थी खुदकुशी
तुलसीराम ने भेल प्रबंधन और प्रशासन से मांग की है कि बेटी को प्रताडि़त करने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए फांसी की सजा दी जाए। मालूम होकि 17 अक्टूबर को वरिष्ठ अफसरों और साथियों की प्रताडऩा से तंग आकर बीएचईएल हैदराबाद में पदस्थ भोपाल की रहने वाली महिला अफसर नेहा चौकसे पति सुनील खंडेलवाल (33) ने आत्महत्या कर ली थी। नेहा का इसी साल 10 जून को हैदराबाद बीएचइएल में ट्रांसफर हुआ था। वह एकाउंट विभाग में थीं। वह हैदराबाद में भानू टाउनशिप हाफिजपेट मियापुर में पति के साथ रहती थीं। तुलसीराम ने बताया कि ऑफिस में नेहा के इधर-उधर होने पर सहकर्मी उसके बैग की तलाशी लेते थे। बॉथरूम जाने के दौरान भी तरह-तरह के कमेंट्स करते थे। उन्होंने बताया कि नेहा का ऑफिस आना-जाना मुश्किल हो गया था। रास्ते में उसकी कार को रोककर बैठ जाते थे और उससे गंदी-गंदी बातें करते थे।

भेल भोपाल में पदस्थ चार सहकर्मी महिलाएं भी करती थीं प्रताडि़त
नेहा के पिता ने बताया कि आरोपियों डीजीएम वित्त किशोर कुमार ऑर्थर और उसके सहकर्मी मोहनलाल सोनी, सीताराम पेंटाकोटा, महेश कुमार, तीरथ भाषी स्वेन आदि के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली है, पर अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई। वहीं भोपाल भेल कारखाने में कार्यरत रिचिता ठाकुर, नीलिमा पटेल, सबिता सिंह, नेहा मेहरा पर भी प्रताडि़त और तरह-तरह के कमेंट्स करने के आरोप बेटी ने लगाए थे, इसके बाद भी आज तक इनके खिलाफ भेल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई।

रात में मेहंदी लगाई, फोन आते ही लगा ली फांसी
पिता ने कहा कि कारखाने के सीनियर और सहकर्मियों ने उसे घर में घुसकर रेप की धमकी दी थी। कुछ लोग उसकी बिल्डिंग के नीचे आकर खड़े थे। उन्होंने कहा कि नेहा के फोन को ट्रेस किया जा रहा था। इससे नेहा ने ससुराल वालों को फोन उठाने से मना कर रखा था। तुलसीराम ने बताया कि नहाने जाने से पहले भी अपनी सास को फोन उठाने से मना किया था। उन्होंने कहा कि नेहा ने रात में मेहंदी लगाई। सुबह 10 बजे नहाने गई इसके बाद फोन आया जिससे वह दहशत में आ गई। वह इतना डर गई थी की फांसी के फंदे पर झूल गई।

दो दिन पहले ही प्रताडऩा की बात बताई थी
नेहा की बहन नूतन चौकसे ने बताया कि बहन ने हमें दो दिन पहले प्रताडि़त किए जाने की बात बाताई थी, जिसकी रिकॉर्डिंग भी उसके मोबाइल में है, जिसे तेलंगाना पुलिस ने सबूत के तौर पर जमा कर लिया है। वहीं भाई नितिन चौकसे ने बताया कि हमें दो दिन पहले मामले का पता चला। इस पर मैने नेहा के पास जाने के लिए सुबह का टिकट भी करवा लिया था। भेल भोपाल के पीआरओ शरीफ खान ने कहा कि जब तक नेहा चौकसे भोपाल में थीं तब तक कभी भी उनकी ओर से भेल प्रबंधन को कोई भी शिकायत नहीं मिली। हैदराबाद पुलिस की ओर से मामले में जो भी सहयोग मांगा जाएगा, भेल प्रबंधन उसमें पूरा सहयोग करेगा।


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भोपाल में मचा कोहराम...ब्रेक फेल होने से बेकाबू हुआ हार्वेस्टर, दस वाहनों को कुचला, जान बचाने भागे लोग


भोपाल. मंगलवार रात रोशनपुरा चौराहा से बाणगंगा चौराहा के बीच ढलान पर अनियंत्रित हुए डंपर ने दस से ज्यादा वाहनों को रौंद दिया। ब्रेक फेल होते ही ड्राइवर लुढ़कते हार्वेस्टर से कूदकर भाग निकला। तभी हार्वेस्टर को अपनी ओर आते देख बाणगंगा चौराहे के सिग्नल पर खड़े वाहन चालक बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस हादसे में बाइक सवार समेत तीन लोग घायल हो गए। हादसे के करीब आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लापरवाही टीटी नगर पुलिस के पहुंचने पर भी बरकरार थी। घटना के बाद आसपास के लोग और वाहन चालकों के कारण सड़क पर काफी भीड़ जमा हो गई थी।

ऐसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोशनपुरा चौराहे से बाणगंगा की तरफ नीचे आते समय ढलान पर हार्वेस्टर के ब्रेक फेल हो गए। इससे वह बेकाबू होकर सड़क पर खड़े वाहनों को टक्कर मारते हुए आगे बढ़ता चला गया। हार्वेस्टर ने सबसे पहले एक इंजीनियर की कार को टक्कर मारी। इसके बाद एक बाइक को कुचल डाला।

घिसटते हुए चली गई बाइक
हार्वेस्टर के अंदर एक बाइक फंसने के कारण वह 250 फीट तक घिसटती गई। इसमें बाइक सवार मैनिट के छात्र समेत तीन लोग घायल हो गए। सभी घायलों का हमीदिया अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।

Harvester crushed ten vehicles in bhopal
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सिग्नल पर रुका था, तभी मारी टक्कर
टीटीनगर थाने के एसआई करण सिंह ने बताया कि हार्वेस्टर क्रमांक (पीबी04पी6274) के चालक की लापरवाही से हादसा हुआ। ब्रेक फेल होते ही वह भाग निकला। हार्वेस्टर की चपेट में आए कार सवार ने बताया कि वह सिग्नल पर रुका था, तभी पीछे से उसने टक्कर मारी। कार समेत वह घिसटता चला गया।

Harvester crushed ten vehicles in bhopal
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हार्वेस्टर चालक पर दर्ज होगा मामला
जहां हार्वेस्टर ने वाहनों को अपनी चपेट में लिया, उसी स्थान पर नगर निगम का गेंट्री गेट गिर गया। पुलिस ने इस मामले में हार्वेस्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। उसके खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसी स्थान पर दो साल पहले भी एक डंपर ने ऐसा उत्पात मचाया था।

Harvester crushed ten vehicles in bhopal
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भोपाल के तालाब में बढ़ रहा प्रदूषण, ऑक्सीजन भी कम, मछलियां मरने के बाद हुआ खुलासा


भोपाल. बड़े तालाब में वोट क्लब से वन विहार के बीच बड़ी संख्या में मछलियां तालाब में बढ़े हुए प्रदूषण की भेंट चढ़ गईं। बड़े तालाब के पानी डिजाल्व ऑक्सीजन की मात्रा तय सीमा से बेहद कम 5.4 मिलीग्राम प्रति लीटर मिली है। ऐसे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मछलियों के ऑक्सीजन की कमी से दम तोडऩे की आशंका जताई है। दूसरी ओर शाहपुरा तालाब में भी बड़ी संख्या में मछलियां मारे जाने के दूसरे दिन भी बोर्ड ने सैम्पल एकत्र तक नहीं किए जिससे यहां मरने वाली मछलियों की मौत का कारण साफ नहीं हो सका है। गौरतलब है कि सोमवार को बड़े तालाब और शाहपुरा में बड़ी संख्या में मछलियां मारी गईं थी। इस मामले को पत्रिका ने शीर्षक से प्रमुखता से उठाया था।

बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एए मिश्रा ने बताया कि बड़े तालाब से लिए गए पानी के सैम्पल में ऑक्सीजन की मात्रा 5.4 मिली है। सामान्यत: पानी में 4.5 मिलीग्राम से कम ऑक्सीजन होने पर मछलियां मर जाती है। ऐसे में आशंका है कि ऑक्सीजन का स्तर इतना गिरा होगा जिससे मछलियां मरी। हालांकि बायो टेस्ट में पानी में कीटनाशक की पुष्टि नहीं हुई है। इस पानी में मछलियों को छोड़ा गया था जिनकी पिछले 24 घंटे में मृत्यु नहीं हुई। इसकी विस्तृत रिपोर्ट आनी बाकी है।

रिपोर्ट के तरीके पर उठ सवाल
पर्यावरणविद् और वैज्ञानिक डॉ. सुभाष सी पांडेय ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच के तरीके पर सवाल उठाए हैं। पांडे का कहना है कि डिजाल्व ऑक्सीजन के 5.4 तो क्या 4 मिलीग्राम प्रतिलीटर पहुंचने तक भी मछलियां जीवित रह जाती हैं। इसलिए बोर्ड रिपोर्ट में बताया जा रहा कारण स्वीकार्य नहीं है। वैज्ञानिकों को मरी हुई मछलियों के शरीर की जांच करनी थी इसमें जहर का सही पता चलता।


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जंगल में घुमाने के बहाने जानवर बना रिश्तेदार, छात्रा से किया बलात्कार


भोपाल. वन विहार में छात्रा के साथ उसके ही दूर के रिश्तेदार युवक ने बलात्कार किया। घटना पक्षी विहार बाड़े के पास बने टपरे की है। आरोपी की हरकतों से परेशान छात्रा ने दो माह बाद खजूरी थाना पहुंचकर मामला दर्ज कराया। घटना स्थल वन विहार होने की वजह से खजूरी पुलिस ने केस डायरी श्यामलाहिल्स पुलिस को भेज दी है। फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। घटना ने वन विहार की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्यामला हिल्स थाना प्रभारी भरत प्रताप सिंह ने बताया कि 21 वर्षीय युवती बीए फस्र्ट ईयर की छात्रा है। उसके दूर के रिश्तेदार विक्रम का छात्रा के घर आना-जाना है। 17 अगस्त को विक्रम ने छात्रा को फोन कर वन विहार में घूमने के लिए बुलाया। मुगालिया से ऑटो कर छात्रा भदभदा डैम के पास पहुंची। जहां विक्रम अपनी बाइक पर बैठाकर वन विहार पहुंचा। दोनों ने पहले वहां जानवर देखे। इसी बीच पक्षी विहार के बाड़े के पास बने टपरे में आरोपी उसे लेकर पहुंचा। छात्रा का कहना है कि आरोपी ने उसके साथ मारपीट कर गलत काम किया। इसके बाद किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर चला गया। छात्रा ऑटो से घर पहुंची। डर-बदनामी की वजह से उसने किसी को नहीं बताया। इसका फायदा आरोपी उठाने लगा। वह हर रोज उसे फोन कर अपने पास बुलाता था। नहीं आने पर बदनाम करने की धमकी देता था। इससे तंगआकर युवती ने यह बात तीन दिन पहले अपने परिजनों को बताया। परिजन तुरंत ही उसे लेकर खजूरी सड़क थाने पहुंचे। जहां, मामला दर्ज कराया। विक्रम ड्राइवरी करता है। वह शादीशुदा है।

बदनाम करने की धमकी देकर बुलाया
छात्रा का कहना है कि रिश्तेदार की वजह से उसकी विक्रम से करीबी दोस्ती थी। वन विहार से पहले भी वह आरोपी से मिल चुकी है। इन्हें मुलाकातों को लेकर आरोपी उसे बदनाम करने की धमकी देता था। 17 अगस्त को भी उसने फोन पर बदनाम करने की धमकी दी थी।

सुरक्षा पर उठे सवाल
वन विहार में आने-जाने वाले पर नजर रखने बड़ी संख्या में वनकर्मी तैनात किए जाने का वन विभाग दावा करता है। बावजूद वन विहार में सिलसिलेवार अपराधिक घटनाएं होती हैं। दुष्कर्म से पहले चंदन पेड़ों की चोरी की घटनाएं सुरक्षा में लापरवाही की बानगी है।

पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। आरोपी की धमकी की वजह से छात्रा दो माह तक घटना के बारे में पुलिस-परिजनों को नहीं बताया था।
- भरत प्रताप सिंह, थाना प्रभारी


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मध्यप्रदेश में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, दीपावली तक जारी रहेगा बौछारों का दौर


भोपाल. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में दोनों तरफ से आ रही नमी की वजह से मध्यप्रदेश में दीपावली तक बादलों से भरा मौसम रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का भी पूर्वानुमान है। मंगलवार को बुरहानपुर जिले में सवा इंच बारिश हुई। आलम यह रहा कि नदी-नालों में उफान तक आ गया।
मौसम विज्ञान केन्द्र भोपाल के वरिष्ठ वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 48 घंटों में अवदाह (डिप्रेशन) में तब्दील होने का अनुमान है। इसी प्रकार बंगाल की खाड़ी में भी कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। यह भी अगले 48 घंटों में डिप्रेशन में बदल सकता है। शुक्ला के अनुसार, दोनों तरफ से आ रही नमी की वजह से प्रदेश भर में बादल छाए रहेंगे। इस बीच हल्की वर्षा या बूंदाबांदी कहीं-कहीं हो सकती है। दीपावली तक लगभग ऐसा ही मौसम बने रहने का अनुमान है।
इस बीच खंडवा में 31 मिमी बारिश हुई। धार में 5 मिमी, खरगोन में 3 मिमी, इंदौर में एक मिमी, होशंगाबाद में 0.4 मिमी और उज्जैन में बूंदाबांदी हुई। वहीं, पिछले चौबीस घंटों के दौरान बैतूल में 29 मिमी, मुल्ताई, आठनेर और बुरहानपुर में 7 मिमी, खकनार में 5 मिमी और होशंगाबाद व पचमढ़ी में 1.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।

भोपाल में तापमान सामान्य से चार डिग्री कम
उधर, राजधानी भोपाल में मंगलवार को अधिकतम तापमान सोमवार की तुलना में एक डिग्री की बढ़त के साथ 28. 1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, हालांकि अब भी यह सामान्य से चार डिग्री कम है। जबकि न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस अंकित हुआ, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15 डिग्री बैतूल में रेकॉर्ड किया गया।

उतार-चढ़ाव से क्षेत्र के किसान चिंतित
मौसम के इस उतार-चढ़ाव से किसान चिंतित हैं। विदिशा जिले के किसान राजेंद्र शर्मा, देवेंद्र रघुवंशी और जितेंद्र दुबे का कहना है कि यदि आगामी दिनों में तेज बारिश हुई तो प्रदेश में रबी सीजन की बोवनी पिछड़ जाएगी। फिलहाल किसान खरीफ फसलों की गहाई में जुटे हैं।


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करोड़ों की संपत्ति मिलने के बाद सुर्खियों में आए आबकारी अफसर को इंदौर से हटाया


भोपाल. इंदौर में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के ठिकानों पर 15 अक्टूबर को लोकायुक्त पुलिस के छापों के बाद मंगलवार को इंदौर से हटाकर भोपाल पदस्थ कर दिया गया है। खरे को भोपाल में संभागीय उडऩदस्ता में पदस्थ किया गया है। लोकायुक्त पुलिस ने शासन को खरे की रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद खरे को हटाया गया है। खरे की जगह राज नारायण सोनी को इंदौर में पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि खरे के ठिकानों से लोकायुक्त को करोड़ों रुपए की संपत्ति मिली थी।
इससे पहले 15 अक्टूबर को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में लोकायुक्त की विशेष पुलिस स्थापना की पांच टीमों ने इंदौर में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के पांच ठिकानों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रायसेन और छतरपुर में छापेमारी की थी। खरे के भोपाल स्थित घर से विदेशी प्रजाति डूडल का एक कुत्ता भी मिला था, जिसकी कीमत करीब 10 लाख बताई जा रही है।
जांच के दौरान खरे के पास सौ एकड़ से ज्यादा जमीन, 1.25 किलो सोना, दो किलो चांदी, अलग-अलग जगह आठ प्लॉट और भोपाल की पॉश कॉलोनी में दो भव्य बंगले मिले। फॉर्म हाउस और एक बगीचा होने की भी जानकारी मिली है। मॉल में निजी ऑफिस, लग्जरी कारें और विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है। छतरपुर निवासी आलोक खरे 1998 में लोक सेवा आयोग से सरकारी सेवा में भर्ती हुए थे। करीब 20 साल की सेवा अवधि में इन्होंने अरबों रुपए की संपत्ति अर्जित कर ली। रायसेन के फॉर्म हाउस पर तो खरे ने ऐसे इंतजाम किए हैं कि कोई चोरी से परिसर में घुसे तो करंट की चपेट में आ आए।
खरे के भोपाल स्थित घर से छापे के दौरान लोकायुक्त पुलिस की टीम को करीब 18 बोतल शराब मिली थीं। प्रत्येक बोतल में 750 मिलीलीटर विदेशी शराब थी। इसे लेकर लोकायुक्त ने एसपी साउथ को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। खरे के खिलाफ अवैध रूप से तय मात्रा से अधिक शराब में घर में रखने के संबंध में भी केस दर्ज हो सकता है।


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बड़ी खबर: मध्यप्रदेश सरकार अफसर-कर्मचारियों को दिवाली से पहले देगी वेतन और पेंशन, देखें आदेश


भोपाल. राज्य सरकार सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को इस महीने की 24-25 तारीख तक वेतन और पेंशन देगी। इस दायरे में प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी आएंगे। 27 अक्टूबर को दिवाली के त्योहार को देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। इस संबंध में वित्त विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों के वेतन के साथ पेंशनर्स की पेंशन और मजदूरों की मजदूरी भी इन्हीं तारीख को दे दी जाए। सरकार के इस निर्णय से अधिकारी-कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारी संगठनों ने इसका स्वागत किया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 18 अक्टूबर को वेतन भुगतान करने के आदेश जारी कराए थे। इसके बाद से कर्मचारी संगठन मध्यप्रदेश सरकार से त्योहार को देखते हुए पहले वेतन देने की मांग कर रहे थे।

केंद्र ने बढ़ा दिया है डीए
इससे पहले 9 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 12% से बढ़ाकर 17% कर दिया है। इससे प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को लाभ होगा। वहीं, केंद्र के इस फैसले के बाद राज्य के कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाया है। राज्य के कर्मचारी भी केन्द्रीय कर्मचारियों के समान जुलाई माह से बढ़ा हुआ डीए चाहते हैं।

फेल हुआ प्रदेश सरकार का गणित
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि राज्य सरकार तीन माह का एरियर और अक्टूबर माह से बढ़ा हुआ भत्ता नकद दे। राज्य सरकार केन्द्र के समान डीए देने का वादा निभाए। बता दें, राज्य सरकार कर्मचारियों को दीपावली बोनस के तौर पर एरियर देने की तैयारी कर रही थी। इसके लिए तीन प्रतिशत डीए का प्रस्ताव तैयार किया गया। प्रयास था कि केन्द्र सरकार के पहले डीए घोषित करने से कर्मचारी खुश हो जाएंगे और एरियर नहीं देना पड़ेगा, लेकिन केन्द्र सरकार ने 5त्न डीए घोषित कर राज्य सरकार का गणित फेल कर दिया। अब सरकार पर जुलाई माह से डीए बढ़ाने का दबाव बना है। हालांकि इस पूरे मामले में विचार चल रहा है।

MP government will give salary to employees before Diwali
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इस दिवाली पर जलाएं ग्रीन पटाखे, इनकी खूबियां जानकर हैरान रह जाएंगे आप...!


भोपाल. हर साल दिवाली पर प्रदेश के साथ ही देशभर में करोड़ों रुपए के पटाखे जलाए जाते हैं। इनसे न केवल वायु प्रदूषण होता है, बल्कि तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण भी होता है। पर्यावरण प्रेमियों के बीच हर साल यह चर्चा का विषय रहता है कि इस प्रदूषण पर कैसे लगाम लगाई जाए। लेकिन इसका समाधान है। आप परम्परागत पटाखों के बजाय इस साल ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल कर त्योहार को एन्जॉय कर सकते हैं। राजधानी भोपाल में कुछ स्थानों पर ये पटाखे उपलब्ध हैं। साथ ही आप आनलाइन भी बुला सकते हैं।
दरअसल, ग्रीन पटाखे दिखने, जलाने और आवाज के मामले में परम्परागत पटाखों जैसे ही होते हैं, लेकिन इन्हें जलाने पर प्रदूषण 30-40 फीसदी तक कम होता है। जहां आम पटाखों को जलाने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली नाइट्रोजन और सल्फर जैसी गैसें ज्यादा निकलती हैं, वहीं ग्रीन पटाखों में ये कम मात्रा में निकलती हैं। इससे वातावरण को नुकसान कम पहुंचता है।

ऐसे करें ग्रीन पटाखों की पहचान
दरअसल, ग्रीन पटाखों पर हरे रंग का एक स्टीकर और बारकोड लगा होता है। ये इस बात की पुष्टि करते हैं कि ये ग्रीन पटाखे ही हैं। यदि आप इन पटाखों के निर्माता और इनमें इस्तेमाल हुए केमिकल के बारे में जानना चाहते हैं तो इनके ऊपर लगे बारकोड को मोबाइल से स्कैन कर पूरी जानकारी ली जा सकती है।

ग्रीन पटाखों के दाम
साधारण तौर पर मिलने वाले पटाखों के मुकाबले ग्रीन पटाखे थोड़े महंगे होते हैं। यूं कहें तो इन पटाखों की कीमत साधारण पटाखों से दोगुनी होती है। भले ही ग्रीन पटाखे महंगे हैं लेकिन ये हमारे स्वास्थ्य से ज्यादा महंगे नहीं हो सकते हैं।

green crackers
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सुप्रीम कोर्ट ने किया था जिक्र
आपको बता दें कि पिछले साल दीपावली के मौके पर सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की बिक्री से संबंधित एक फैसले के दौरान ग्रीन पटाखों का उल्लेख किया था। कोर्ट ने सलाह दी थी कि त्योहारों पर कम प्रदूषण करने वाले ग्रीन पटाखे ही बेचे और जलाए जाने चाहिए।

भोपाल में जांच पड़ताल तेज
सोमवार को नापतौल विभाग के अफसरों की टीम ने हलालपुरा में दीपावली के लिए सजे पटाखा बाजार में निरीक्षण किया। यहां अफसरों को पटाखों के पैकेट पर न तो पैकिंग की डेट मिली और न कस्टमर केयर नंबर। जबकि पैकेट पर नामचीन कंपनी का नाम लिखा था। इस पर हलालपुरा में ही पांच थोक पटाखा विक्रेताओं पर पैक्ड कम्यूनिटी 2011 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।

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819 पटाखा दुकानें, 19 लाइसेंस 1500 केजी के
इस बार दीपावली पर राजधानी में 819 दुकानों पर पटाखों की बिक्री की जाएगी। इतने लाइसेंस कलेक्टोरेट और अन्य एसडीएम कार्यालयों से जारी किए हैं। पूर्व के 450 लाइसेंस इससे अलग हैं।


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गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद घातक है बोतलबंद पानी, कहीं आप भी तो नहीं कर रहीं ये बड़ी गलती...


भोपाल. गर्भावस्था के दौरान बोतलबंद पानी के ज्यादा उपयोग से महिलाओं गर्भपात की समस्या बढ़ जाती है। इस पानी में मौजूद फ्लोराइड और परक्लोरेट वो तत्व हैं, जो हाइपोथायरॉइडिज्म को बढ़ाते हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म बांझपन और गर्भपात का सबसे प्रमुख कारण है। यही नहीं महिलाओं में आयोडीन की कमी बड़ी समस्या हो सकती है। अगर समय रहते उपचार न कराया जाए तो महिला में हाइपोथायरॉइडिज्म की आशंका बढ़ जाती है। यह बात इंदिरा आईवीएफ हॉस्पिटल के आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. इशरत जुबैर ने कहीं।
उन्होंने बताया कि जब थायरॉइड ग्लैंड की कार्यप्रणाली धीमी पड़ जाती है, तो वह पर्याप्त मात्रा में हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाती है, जिससे अंडाशयों से अंडों को रिलीज करने में बाधा आती है जो बांझपन का कारण बन जाती है। वे बताती हैं कि आयोडीन का सेवन सीमित मात्रा में होना चाहिए। अधिक या कम मात्रा में आयोडीन का सेवन आयोडीन संबंधी गड़बडियों की आशंका बढ़ा देता है।

धूम्रपान से भी बढ़ता है गर्भपात का खतरा
धूम्रपान थायरॉइड को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, इसके साथ ही निकोटिन शरीर से आयोडीन को अवशोषित करता है। गर्भवती महिलाओं को जितनी जल्दी से जल्दी हो सके, शरीर में थायरॉइड के आसामान्य स्तर का डायग्नोसिस करा लेना चाहिए। अगर थायरॉइड से संबंधित गड़बडियों का पता चलता है तो सुरक्षित गर्भावस्था तथा प्रसव और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के लिए तुरंत उपचार करना चाहिए।

अन्य बड़े कारण यह भी
1. गर्भावस्था के दौरान मां का स्वस्थ होना आवश्यक है। अगर मां की तबियत खराब हो जाती है तो इसका सीधा असर गर्भ में पल रहे भ्रूण पर पड़ता है। हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह कुछ ऐसी स्थितियां हैं, जिनमें भ्रूण को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। गर्भावस्था के दौरान मां का धूम्रपान करना भ्रूण के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बहुत अधिक तनाव लेना भी गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार गर्भवती महिला कुछ ऐसी चीजें खा लेती हैं° जो गर्भावस्था में खाना प्रतिबंधित होता है। अधपका मांस या बासी खाना खाना महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। एल्कोहल का सेवन करना भी भ्रूण को नुकसान पहुंचा सकता है।

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भोपाल में दुनिया का पहला डिजिटल प्रेस क्लब, डिजिटल मीडिया और बदलता मध्य प्रदेश पर हुआ मंथन


भोपाल/ डिजिटल प्रेस क्लब एवं पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भोपाल में डिजिटल मीडिया और बदलता मध्य प्रदेश विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें वरिष्ठ पत्रकारों और अतिथियों ने प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी शामिल हुए।


मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के आयुक्त पी नरहरि ने कहा कि देश में तकनीक के विकास के साथ डिजिटल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है। आज 10 फीसदी लोग सोशल मीडिया और डिजिटल पर निर्भर हैं। इसमें से 30 फीसदी लोग न्यूज़ और एंटरटेनमेंट के लिए डिजिटल पर निर्भर हो चुके हैं। नए यूजर्स पर न्यूज़ अग्रिगरेटर्स का काफी प्रभाव है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को इस दौर में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना होगा। सरकार ने भी अब सोशल मीडिया डिपार्टमेंट शुरू कर दिया है। डिजिटल मीडिया में आज वीडियो कंटेंट सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। बेहतर कंटेंट के साथ उनके लिए रीच भी जरूरी है। सोशल मीडिया के जरिए फोक और छिपी हुई चीजें ज्यादा सामने आ रही हैं और उन्हें पसंद भी किया जा रहा है।

जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि प्रेस क्लब इस परिचर्चा का निचोड़ सरकार को दे ताकि इस पर काम किया जा सके। वेबसाइट के लिए विज्ञापन बंद हुए थे, लेकिन अब इसका प्रस्ताव हमने मुख्यमंत्री को भेज दिया है और जल्द इन्हें वेब के लिए शुरू कर दिया जाएगा। पत्रकारों की सम्मान निधि बढ़ाने के साथ पत्रकार प्रोटेक्शन एक्ट को मजबूती दी जाएगी। सरकार वचन पत्र में पत्रकारों के लिए सभी वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।


दिग्विजय सिंह ने फेक न्यूज़ पर जताई चिंता। उन्होंने कहा कि आज यहां भाजपा के नेताओं को मौजूद होना चाहिए था। सोशल मीडिया के जरिए ही मॉब लिंचिंग की घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।


वरिष्ठ पत्रकार पाणिनि आनंद ने कहा कि देश की मीडिया में जो सर्वोत्तम है वो जीवित रहेगा। डिजिटल ने पत्रकारिता के पांडित्य से लोगों को बाहर निकाला है। ये कहना गलत है कि डिजिटल में संक्रमण आ गया है। मंडल और कमंडल के दौर में अपने अखबारों और चैनलों का कंटेंट देखा होगा। वो भी संक्रमित थे। डिजिटल ने ज्यादा आलोचनात्मक रूप से विषयों को उठाया है। स्वतंत्र मीडिया साइट्स पर ज्यादा गंभीर कंटेंट आपको मिलेगा। दुनियाभर में डिजिटल को कन्ट्रोल करने का एकाधिकार है। सोशल मीडिया का कंट्रोल सत्ता के पास नहीं जाना चाहिए। इसका नियंत्रण कुछ विषय विशेषज्ञों को दिया जाए। आने वाले सालों में दुनिया की सबसे बड़ी पूंजी डेटा होगा। मौजूद और पुरानी सरकारों ने उदासीन रवैया दिखाया। आज विरोध में आवाज उठाने पर खतरा है। हम सब बिना वेतन के गूगल और ट्विटर के नौकर हैं। मोबाइल में सब एग्री करने से गूगल को डेटा मिल रहा है। हम डिजिटल दुनिया के अवैतनिक श्रमिक बन कर रह गए हैं।

वरिष्ठ पत्रकार अमृता राय ने कहा कि सूचना की सत्यता परखने के लिए हमें कई अखबार पढ़ने की जरूरत है। अखबार सूचनाओं का गेटवे बन गया था। लेकिन सोशल मीडिया ने आकर गेटवे तोड़ दिया। यहां कोई भी सूचनाएं शेयर कर सकता है। ऐप्स के जरिए हम एक डेटा पॉइंट में तब्दील हो रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए सूचनाओं के कंट्रोल को तोड़ा गया था, लेकिन आज ये खुद अपने डेटा की सुरक्षा ले लिए लड़ रहा है। कंपनियों ने आपकी पसंद के अनुसार कंटेंट को नियंत्रित कर दिया है और कंपनियां आपको वही कंटेंट दिखा रही हैं जो आप देखते रहे हैं। अगर हम डिजिटली साक्षर नहीं हुए तो देश में आर्थिक मंदी होगी और सरकारें कहती रहेंगी कि फिल्में 120 करोड़ का काम रहीं हैं तो मंदी कहां हैं। डिजिटल प्रेस क्लब लोगों को साक्षर और अपग्रेड करें। मैं भी आपके साथ आने के लिए तैयार हूं।

वरिष्ठ पत्रकार पंकज पचौरी ने कहा कि फेक न्यूज डिजिटल के दौर का अंधकार है। देश में 110 करोड़ फोन हैं जिनमें 60 करोड़ स्मार्टफोन हैं। देश इन 25 करोड़ 60 लाख लोग मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। पेटीएम और वॉट्सएप्प अपने 35 करोड़ मोबाइल यूजर होने का दावा करते हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। यहां 12 हजार 500 करोड़ का सालाना ऐड कलेक्शन है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इंटरनेट राजनीति का सबसे बड़ा दुश्मन बनने जा रहा है। भारत सरकार के कई एप्प अमेरिकन कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर हैं, क्योंकि हमारे पास सर्वर नहीं हैं। इसलिए इसे रेगुलेट करना मुश्किल है। डेटा के बाजार में भारत सरकार कंपनियों को आमंत्रित कर रही हैं। उन्हें रेगुलाईजेशन से कोई मतलब नहीं हैं क्योंकि प्रोपेगेंडा के लिए उनके अपने हित हैं। फ़िनलैंड दुनिया का इकलौता देश है जिसने इंटरनेट को मौलिक अधिकारों में शामिल किया है। उनका देश फेक न्यूज़ से मुक्त हो चुका है। 1) भारत सरकार भी इंटरनेट को मौलिक अधिकार बनाए। 2) स्कूलों में इंटरनेट और फेक न्यूज़ के प्रति बच्चों को शिक्षित किया जाए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डिजिटल प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजेश भाटिया और आभार सचिव विनय द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में पी एच डी चैम्बर आफ कामर्स एन्ड इन्डस्ट्री के प्रवीण आचार्य और सीनियर रेसिडेंट ऑफिसर अनिरुद्ध दुबे ने आगे और भी डिजीटल साक्षरता पर केंद्रित कार्यशाला करने का भरोसा दिया।


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मौसमः अब 25 जिलों में बारिश की संभावना, अगले सप्ताह गिर जाएगा पारा


 

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून ( monsoon 2019 ) की विदाई पूरी तरह नहीं हो पाई है। मौसम विभाग ने 25 जिलों में बारिश ( rainfall ) और गरज चमक ( thunderstorm ) के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। imd.gov.in के मुताबिक दीपावली ( diwali ) के दिन भी कई जिलों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अगले सप्ताह 28 अक्टूबर तक प्रदेश के कई जिलों में तीन डिग्री से. तक न्यूनतम तापमान गिर जाएगा। हालांकि मौसम विभाग ( imd ) ने नवंबर के पहले सप्ताह से ठंड की गति बढ़ने का अनुमान लगाया है। फिलहाल, मंगलवार को बैतूल जिले में सबसे कम 15 डिग्री से. न्यूनतम तापमान दर्ज किया है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद प्रदेश में बादलों का असर फिलहाल रहेगा। उत्तर प्रदेश का चक्रवात खत्म हो गया, लेकिन पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक द्रोणिका तैयार हो गई है, इसका असर दो-से तीन दिनों तक देखने को मिल सकता है।

मौसम की अधिक जानकारी के लिए देखें imd.gov.in

 

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28 अक्टूबर से बढ़ेगी ठंड
मध्यप्रदेश में अगले सप्ताह 28 अक्टूबर से ठंड बढ़ना शुरू हो जाएगी, जबकि नवंबर के पहले सप्ताह से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। फिलहाल मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का तापमान 15 डिग्री से. पर पहुंच गया है। जबकि आने वाली 28 तारीख तक यहां का तापमान 14 डिग्री पर पहुंच जाएगा। जबकि इस सप्ताह बैतूल में बारिश का दौर भी रहेगा। उधर, पचमढ़ी हिल स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 17 डिग्री पर है, जबकि अधिकतम तापमान 23 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में भी दो दिन बारिश के आसार हैं।
-भोपाल में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से. है। पिछले तीन दिनों से भोपाल में धूप नहीं खिली है। बादलों का डेरा होने के साथ ही रात के समय हल्की ठंड का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 अक्टूबर तक रात का पारा 17 डिग्री से नीचे हो जाएगा। इस दौरान ठंड बढ़ना शुरू हो जाएगी। जबकि दो दिन और बादल छाए रहेंगे और आंशिक बंदाबांदी चलती रहेगी।
-उत्तर भारत से लगे ग्वालियर में फिलहाल न्यूनतम तापमान 22 डिग्री है, जबकि 28 अक्टूबर से तीन डिग्री की गिरावट आ जाएगी। जबकि अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास बना रहेगा।
-इंदौर में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री है, जो 28 अक्टूबर तक तीन डिग्री गिर जाएगा। इसके बाद ठंड बढ़ना शुरू हो जाएगी।
-जबलपुर में बादल छाए हुए हैं, यहां भी बूंदाबांदी हो रही है। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री पर है, जबकि 28 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 20 से नीचे आ जाएगा।

 

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चक्रवात का पड़ेगा असर
मध्य-पूर्व अरब सागर पर कम दबाव का क्षेत्र अब अरब सागर के मध्य भागों पर स्थित है, जो समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक विस्तारित चक्रवाती परिसंचरण से जुड़ा है। इस मध्य-पूर्व अरब सागर पर कम दबाव के क्षेत्र के अगले 24 घंटों के दौरान वेल मार्कड लो प्रेशर एरिया बनने की बहुत संभावना है और बाद के 24 घंटों के दौरान और अधिक शक्तिशाली होकर में डिप्रेशन के रूप में केंद्रित होने की संभावना है। इसके 25 अक्टूबर तक पूर्वी अरब सागर के ऊपर शुरू में पूर्वोत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है और फिर इसके सतत रूप से और अधिक शक्तिशाली होकर पश्चिमोत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना है।

 

दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे हुए निकटवर्ती पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, सुदूर तमिलनाडु-दक्षिण आंध्र प्रदेश तटों में स्थित कम दबाव का क्षेत्र अब मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से सटे के ऊपर क्षेत्रों स्थित है और इससे संबंधित चक्रवाती संचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। ऊंचाई के साथ इसका झुकाव दक्षिण-पश्चिम की ओर है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके और अधिक चिह्नित (शक्तिशाली) होने की संभावना है और आंध्र प्रदेश तट की ओर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में जाने की संभावना है।

 

25 जिलों में बारिश की संभावना
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश के 25 जिलों में बारिश की संभावना है। इनके अलावा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है। इनमें जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, चिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, अनूपपुर, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, इंदौर, बुरहानपुर, खरगौन, खंडवा, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, रायसेन, भोपाल, सीहोर जिले शामिल हैं। इनके अलावा बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान 23 अक्टूबर तक के लिए है।

 

 

पिछले 24 घंटों का हाल
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के जबलपुर, होशंगाबाद, इंदौर तथा भोपाल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान रीवा, जबलपुर, होशंगाबाद, ग्वालियर और भोपाल संभागों के जिलों में काफी बढ़े, शहडोल संभाग के जिलों में विशेष रूप से बढ़े, चम्बल संभागों के जिलों में काफी गिरे और शेष संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। वे रीवा, शहडोल, जबलपुर, सागर, होशंगाबाद तथा ग्वालियर संभागों के जिलों में सामान्य से कम, भोपाल, इंदौर तथा उज्जैन संभागों के जिलों में सामान्य से काफी कम तथा चम्बल संभागों के जिलों में सामान्य से विशेष रूप से कम रहे। प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31 डिग्री राजगढ़, ग्वालियर और गुना में दर्ज किया गया।

 

न्यूनतम तापमान सागर, ग्वालियर एवं चम्बल संभागों के जिलों में काफी गिरे तथा शेष संभागों के जिलों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। वे जबलपुर, होशंगाबाद, भोपाल तथा उज्जैन संभागों के जिलों में सामान्य से अधिक, शहडोल संभागों के जिलों में सामान्य से विशेष रूप से अधिक तथा शेष संभागों के जिलों में सामान्य रहे। प्रदेश में सबसे सबसे कम न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से. बैतूल में दर्ज किया गया।

 

कहां कितनी बारिश
मध्यप्रदेश के भैंसदेही, बैतूल में 3, मुलताई, अटनेर, बुरहानपुर, बड़वाहा, खाखनेर में 1-1 सेमी बारिश दर्ज की गई।

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