Patrika : Leading Hindi News Portal - Astrology and Spirituality #bharatpages bharatpages.in

Patrika : Leading Hindi News Portal - Astrology and Spirituality

http://api.patrika.com/rss/astrology-and-spirituality 👁 66234

विचार मंथन : यदि आप सचमुच सत्य के प्रेमी हैं, तो उसके असीम सौंदर्य और महत्व को खोजने का साहस कीजिए- रवीन्द्रनाथ टैगोर


ईश्वर का आत्म-प्रकटी-करण सृष्टि की विभिन्नता में है और असीम के प्रकटी-करण में हमारी भावना में भी व्यक्तिगत रूप की ऐसी विभिन्नता होनी चाहिए जो अविरल और अनन्त हो। जब किसी धर्म में समस्त मानव-जाति पर अपने ही मत को लादने की महत्वाकांक्षा उत्पन्न हो जाती है। तब उसका पतन हो जाता है और वह अत्याचार करने लगता है तथा साम्राज्यवाद का एक रूप बन जाता है। यही कारण है कि जिससे हम मार्मिक मामलों में फैजिज्म के एक विवेकशून्य को संसार के अधिकांश भागों में फैलते हुए तथा मनुष्य की आत्मशक्ति के विस्तार को अपने अनुभव ज्ञान विहीन तलुवों से खूब कुचलते हुए करते हैं।

 

विचार मंथन : ये जो कान है, केवल दुनियां की बातों को सुनने के लिए है, गुरु की बातों को तो सिर्फ दिल से सुना जाता है- संत कबीर

 

अपने ही एक धर्म को सभी देशों और सभी दलों में प्रधान बना देने का प्रयत्न ऐसे ही लोगों में देखा जाता है जिन्हें साँप्रदायिकता का व्यसन जाता है। यह कहना उनको बुरा मालूम होता है। प्रेम के वितरण करने में ईश्वर उदार है तथा मनुष्यों के साथ आदान-प्रदान करने के उसके साधन एक ऐसी गली में परिमित नहीं हैं जो इतिहास के एक संकीर्ण स्थान पर जाकर अकस्मात् समाप्त हो जाती है।

 

विचार मंथन : ईश्वर की दिव्य चेतना समय-समय पर अवतार लेकर युग प्रवाह को उलटने के लिए अपनी लीलाएं रचती है- प्रज्ञा पुराण

 

यदि आप सचमुच सत्य के प्रेमी हैं, तो उसके समस्त असीम सौंदर्य और महत्व के साथ पूर्ण रूप में उसे खोजने का साहस कीजिए। किंतु रूढ़ियों की पत्थर की दीवालों के भीतर कंजूसों के समान एकान्त स्थान में उसके (सत्य के) व्यर्थ के संकेत चिन्हों का संग्रह करके ही संतोष न कर लीजिए। महात्माओं की आध्यात्मिक उच्चता के कारण जोकि उन सबसे समान रूप से पाई जाती है, हमें विनम्रतापूर्ण सादगी के साथ उनका आदर करना चाहिए।

 

विचार मंथन : अहंकार भयानक शत्रु के समान है, यह जिसे अपने वश में कर लेता उसे नष्ट करके ही छोड़ता है- रामकृष्ण परमहंस

 

यह आध्यात्मिक उच्चता उन में उस समय देखी जाती है जब वे अपनी विश्वजनीन उच्च विचारों के साथ मनुष्य की आत्मा को स्वयं उसके व्यक्तिगत उसकी जाति और उसके धर्म के अहं भाव के बन्धन से छुड़ाने के लिए एकत्रित होते हैं। किंतु परंपराओं की एक नीची भूमि में जहां धर्म एक दूसरे के दासों और अन्धविश्वासों को चुनौती देकर ललकारते हैं और उनका खण्डन करते हैं वहाँ पर एक बुद्धिमान मनुष्य निश्चय ही संदेह ओर आश्चर्य के साथ उनके पास से चला जायेगा।

 

विचार मंथन : सफलता की कुञ्जी एक मात्र समय और संयम है- आचार्य श्रीराम शर्मा

 

मेरा मतलब इस बात का समर्थन करने का नहीं है कि समस्त मानव जाति के लिए कोई एक ही प्रकार का प्रार्थनागृह रखा जाय अथवा कोई एक ऐसा विश्वजनीन नमूना रखा जाए जिसका अनुकरण सभी पूजा के और सद्भावना के कार्यों के द्वारा किया जाय। केवल सत्य के वास्तविक रूप को जानों और उस पर चलने का साहस भी दृड़ता पूर्वक करते रहो।

*********


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/daily-thought-vichar-manthan-rabindranath-tagore-5000536/

जन्माष्टमी : ऐसे करें लड्डू गोपाल का अभिषेक, जो चाहोगे मिलेगा


भगवान विष्णु के ने पृथ्वी को पापियों से मुक्त करने के लिए श्रीकृष्ण रुप में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि रोहिणी नक्षत्र में देवकी और वासुदेव के पुत्ररूप अवतार लिया था। प्रयास करें की जन्माष्टमी के दिन रात्रि में कृष्ण जन्म होने के बाद हील लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। जन्माष्टमी के दिन इस विधि से भगवान लड्डू गोपाल का अभिषेक करने से प्रसन्न होकर कृष्ण जी मन की हर इच्छा पूरी कर देते हैं।

krishna janmashtami abhishek puja vidhi

कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव

जन्माष्टमी के दिन कृष्ण भक्त कहीं फूलों की होली खेलते हैं तो कहीं, इत्र की सुगंन्ध का उत्सव होता है, तो कहीं दही हांडी फोड़ने का जोश देखने को मिलता है। भगवान के विग्रह पर हल्दी, दही, घी, तेल, गुलाबजल, मक्खन, केसर, कपूर आदि चढाकर लोग उसका एक दूसरे पर छिडकाव करते हैं। इस दिन मंदिरों को विशेष रुप से सजाया जाता है, भगवान कृष्ण को झूला झुलाने के साथ कहीं-कहीं तो कृष्ण की मधुर रासलीलाओं का आयोजन भी किया जाता है।

krishna janmashtami abhishek puja vidhi

ऐसे करें लड्डू गोपाल का अभिषेक

जन्माष्टमी की रात में भगवान श्रीकृष्ण, लड्डू गोपाल या फिर शालिग्राम जी की सोने, चांदी, तांबा, पीतल, मिट्टी की मूर्ति बड़े या छोटे रूप में किसी चांदी के बड़े पात्र में विधिवत स्थापित करें। लड्डू गोपाल को स्थापित करने के बाद गाय के दूध, दही, शहद, या यमुना जी के पवित्र जल से अभिषेक करें। इसके अलावा पंचामृत बनाकर उससे भी अभिषेक किया जाता है। अभिषेक करते समय ऊँ कृष्णाय नमः या ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः मंत्र का उच्चारण करते रहे।

krishna janmashtami abhishek puja vidhi

अभिषेक के बाद ये जरूर करें

लड्डू गोपाल जी का अभिषेक करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण को शंख में सुगंधित जल भरकर अर्घ्य देवें। अर्घ्य के बाज षोडशोपचार विधि से विशेष पूजन भी करें। इसके बाद पंचामृत में तुलसी दल डालकर व माखन मिश्री एवं धनिया की पंजीरी का भोग लगावें, कृष्ण जन्म की आरती करें। संभव हो तो श्रीमद्भागवद्गीता का पाठ अवश्य करें। उपरोक्त विधि से अभिषेक और पूजन करने से भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होकर अपने भक्त की सभी इच्छाएं पूरी कर देते हैं।

******************

krishna janmashtami abhishek puja vidhi

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/festivals/krishna-janmashtami-abhishek-puja-vidhi-in-hindi-5000323/

जीवन में इन वजहों से होती है पैसों की तंगी, घर छोड़कर चली जाती हैं माता लक्ष्मी


माता लक्ष्मी ( Mata Lakshmi )धन की देवी हैं, जिस व्यक्ति को धन प्राप्ति की कामना होती है, वो माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करते हैं। माना जाता है कि जिसके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा दृष्टि होती है, उसे सभी तरह की सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होती है। उसके पास धन की कमी कभी नहीं होती।

ये भी पढ़ें- Dahi Handi 2019 : 23-24 अगस्त को जन्माष्टमी, जानें कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव

लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि मां लक्ष्मी नाराज होकर घर छोड़कर चली जाती हैं, जिस कारण आपको धन की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज हम आपको बताएंगे कि माता लक्ष्मी आपका घर क्यों त्याग देती हैं, जिसकी वजह से आपके जीवन में धन से जुड़ी हुई परेशानियां उत्पन्न होने लगती है।

घर की साफ-सफाइ न होना

माता लक्ष्मी को साफ-सफाई प्रिय है, जिसके घर में हर दिन साफ सफाई नहीं की जाती है, उस घर से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और उस घर को छोड़कर चली जाती हैं।

हर समय झगड़ा होना

जिस घर में हर समय झगड़ा होता रहता है या पति और पत्नी एक दूसरे का सम्मान नहीं करते हैं उस घर में माता लक्ष्मी नहीं रहती हैं और उस घर को छोड़कर चली जाती हैं।

झूठ बोलने पर नाराज हो जाती हैं माता लक्ष्मी

कई लोगों की आदत होती है बात-बात पर झूठ बोलने की। इस आदत की वजह से उन्हें कई बार नुकसान झेलना पड़ता है। माना जाता है कि जो लोग बार-बार झूठ बोलते हैं, उससे माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर छोड़कर चली जाती हैं।

मेहमानों का स्वागत ठीक से नहीं करना

जैसा कि हम सभी जानते हैं हिन्दू धर्म मेहमान भगवान के समान माने जाते हैं। जिन घरों में मेहमानों का स्वागत ठीक प्रकार से नहीं किया जाता है, उस घर से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

भोजन का अपमान करना

जिस घर में भोजन का अपमान होता है या थाली में ज्यादा भोजन लेकर छोड़ देने से भी मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। अनाज का अपमान करना माता लक्ष्मी का अपमान माना जाता है।

बुजुर्गों का अनादर

जिन घरों में माता-पिता का सम्मान नहीं होता है, बड़े बुजुर्गों के अनादर किया जाता है, उस घर को छोड़कर मां लक्ष्मी चली जाती हैं। ऐसे घरों में धन की समस्या हर वक्त रहती है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/mata-lakshami-unhappy-from-these-thing-5000178/

अंकज्योतिष 23 अगस्त 2019: आज श्रीकृष्ण मंदिर में पितांबरी ध्वजा चढ़ाएं, बनी रहेगी कान्हा की कृपा


ज्योतिषाचार्य गुलशन अग्रवाल

अंक 01- परिवार में सब को खुश रखने व साथ लेकर चलने में काफी मशक्कत करना पड़ सकती है। भाग्य की प्रबलता कार्यों को समय से पहले करने की ओर अग्रसर करेगी।
अनुकूलता के लिए- दिन के किसी भी समय कुछ देर रामनाम जपें।

अंक 02- काम की विफलता धर्म के रास्ते में भटकाव ला सकती है। संपति विवाद के सुलझने में आ रही दिक्कतें कम होंगी। परिवार के साथ तीर्थस्थल पर जाने के योग बनते हैं।
अनुकूलता के लिए- श्रीकृष्ण मंदिर में पितांबरी ध्वजा चढ़ाएं।

अंक 03- जनपक्ष का समुचित सहयोग न मिल पाने के कारण सामाजिक व्यक्तियों की चिंताओं में बढ़ोतरी होगी। सेहत में आए परिवर्तन पूरे समय मानसिक परेशानी का कारण बनेंगे।
अनुकूलता के लिए- गणेशजी को मोदक का भोग लगाएं।

अंक 04- अपने कार्य क्षेत्र में भावावेश से परे हटकर स्वविवेक से काम करने की ओर ध्यान देना होगा। कानूनी मसलों में अपनी भावुकता के चलते गलत निर्णय लेने में आ सकती है।
अनुकूलता के लिए- साफ वस्त्र धारण कर घर से निकलें।

अंक 05- कार्य स्थल पर लापरवाही के चलते होने वाले नुकसान की भरपाई करने के लिए जेब ढ़ीली करना पड़ सकती है। वाहनों से संबंधित रूके हुए कामकाज गति पकड़ने लगेंगे।
अनुकूलता के लिए- अनावश्यक हास्य विनोद से बचें।

अंक 06- भौतिकवाद के कारण बच्चों के व्यवहार में आए परिवर्तन भविष्य के प्रति अपनी चिंताओं में ओर अधिक ईजाफा करेंगे। अपनी पूर्ण प्रतिभा का समुचित उपयोग नहीं हो पाएगा।
अनुकूलता के लिए- भोलेनाथ के वैदिक मंत्र का जप करें।

अंक 07- अपने द्वारा शिक्षित परिचितों का रूखा व्यवहार मन को मानसिक वेदना पहुंचाएगा। जोखिम के कार्यों में ध्यान बटने की संभावनाओं को देखते हुए सावधानी से काम लें।
अनुकूलता के लिए- काले श्वान को तेल लगी रोटी खिलाएं।

अंक 08- भाग्य की प्रबलता नौकरी व व्यवसाय दोनों क्षेत्र में अपनी सोच के विपरित ऊपर लेकर जाएगी। प्रतियोगी परिक्षाओं के प्रतिभागियों को अपने कर्म से पूर्ण संतुष्टि मिलेगी।
अनुकूलता के लिए- पीपल के वृक्ष के समीप दीपक लगाएं।

अंक 09- नौकरीपेशा व्यक्तियों को अपने वरिष्ठजनों के कोप का शिकार होने से बचने की पुरजोर कोशिश करना चाहिए। धन संपत्ति के पारिवारिक विवादों के हल होने में तेजी रहेगी।
अनुकूलता के लिए- दिये गए उपहार को यथासंभव अस्वीकार करें।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/horoscope-rashifal/ank-jyotish-23-august-2019-know-number-nine-numerology-in-hindi-5000009/

आज का राशिफल 23 अगस्त 2019: आज श्री कृष्ण देंगे इन तीन राशि वालों को आशीर्वाद, मिलेगा सुख


ज्योतिष पंडित श्यामनारायण व्यास

मेष राशिफल / Aries Horoscope Today: निरंतर मिल रही सफलता से आत्मविश्वास बढ़ेगा। ग्रह स्थिति अनुकूल होने से राहत मिलेगी। आकस्मिक लाभ के योग बन रहे हैं। दोस्तों के साथ समय बीतेगा। घर परिवार में किसी गंभीर विषय को लेकर चर्चा होगी।

वृषभ राशिफल / Taurus Horoscope Today: तनाव से मुक्ति मिलेगी। सोचे कार्य सहज पूरे होंगे। समय शुभ संकेतों से युक्त हैं। उन्नति के अवसर मिलेंगे, आया मौका न छोड़ें। किसी परिचित की मदद करना होगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय से जुड़े लोग लाभ कमायेंगे।

मिथुन राशिफल / Gemini Horoscope Today: समय की अस्थिरता कई अनुभव करवा देगी। अपनों की बेरुखी से दुखी होंगे। पारिवारिक किसी समस्या को सुलझाने में अहम भूमिका निभायेंगे। पुराने निवेश से लाभ अर्जित करेंगे।

कर्क राशिफल / Cancer Horoscope Today: उपयोगी समय का आभास होगा। जो लोग आप से दूर रहते थे, वे अब आप से जुड़ना चाहेंगे। व्यापारिक पुछ परख बढ़ेगी। न्याय विभाग से जुड़े लोग नए अधिकार प्राप्त कर सकते हैं। राजनीति में उथल पथल बनी रहेगी।

सिंह राशिफल / Leo Horoscope Today: मांगलिक कार्य में व्यस्त रहेंगे।। नए दोस्तों के साथ व्यवसायिक संबंध स्थापित होंगे। मोज-मस्ती में समय बीतेगा। वाहन सुख संभव है। अनाज तेजी मंदी और शेयर व्यवसाई लाभ अर्जित करेंगे।

कन्या राशिफल / Virgo Horoscope Today: प्रियजनों से भेट संभव है। संतान के विवाह समबंधित समस्या का समाधान होगा। राज कार्य से जुड़े जातकों के लिए समय मिश्रित फलदाई है। धार्मिक कार्यों में सहभगिता होगी। वाहन पर धन खर्च होगा।

तुला राशिफल / Libra Horoscope Today: सफलता प्राप्ति के योग बन रहे हैं। जो आप चाह रहे थे, वैसा ही हो रहा है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए समय उपयुक्त है। अधिकारी वर्ग अपने दायित्वों का अच्छे से निर्वाह करेंगे।

वृश्चिक राशिफल / Scorpio Horoscope Today: अपनी बारी का इन्तजार करें, खर्च बढ़ेगा। जीवनसाथी का सहयोग कार्य को पूरा करेगा। बहनों में व्यवहार से परेशान रहेंगे। मेहमानों का आगमन संभव है। दिनचर्या में हुए बदलाव से खुश रहेंगे।

धनु राशिफल / Sagittarius Horoscope Today: पूरानी बातें भूलकर एक नई शुरुआत करें। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानी दूर होगी। संतान सुख संभव है। विदेश यात्रा के योग हैं। समय रहते जरूरी कार्य पूर्ण करें। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

मकर राशिफल / Capricorn Horoscope Today: स्वास्थ पर ध्यान दें। जिद्दी रवैये के कारण आपसी संबंधों में कटुता आयेगी। व्यर्थ के कार्यों में रुची बढ़ेगी। बुरी संगत छोड़ दें। नौकरी की तलाश में भटकना पड़ सकता है। समय के साथ सब ठीक हो जायेगा।

कुंभ राशिफल / Aquarius Horoscope Today: कार्यशैली को सुधारना होगा। सुचारू रूप से चल रहे कार्यों में अवरोध आ सकते हैं। कई दिनों से जिस व्यक्ति की तलाश थी वो आज मिल सकता है। दिन मिश्रित फलदाई रहेगा।

मीन राशिफल / Pisces Horoscope Today: किसी भी कार्य को करने से पहले समझें फिर करें। सप्रयोजन यात्रा लाभप्रद रहेगी। व्यवसाय में लाभकारी स्थिति का निर्माण होगा। न्यायालयीन कार्य लंबित रहेंगे। संपति का बंटवारा करना तय है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/horoscope-rashifal/aaj-ka-rashifal-23-august-2019-rashi-todays-rashifal-daily-horoscope-4999895/

Dahi Handi 2019 : 23-24 अगस्त को जन्माष्टमी, जानें कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव


भगवान श्रीकृष्ण ( Lord Krishna ) का जन्मोत्सव इस बार दो दिन मनाया जाएगा। 23 और 24 अगस्त को जन्माष्टमी ( Krishna Janmashtami ) का त्यौहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जएगा जबकि 25 अगस्त दही हांडी ( dahi handi ) का उत्सव मनाया जाएगा। दरअसल, भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्रीकृष्ण के अवतार कहे जानेवाले श्रीकृष्ण के जन्म के मौके पर जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है जबकि अगले दिन बाल लीलाओं को समर्पित दही हांडी का त्यौहार मनाया जाता है।

Dahi Handi 2019 : 23-24 अगस्त को जन्माष्टमी, जानें कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव

मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भादो माह की अष्टमी तिथि को आधी रात को हुआ था। इसी खुशी में जन्माष्टमी के अगले दिन दही हांडी का त्यौहार मनाया जाता है।

Dahi Handi 2019 : 23-24 अगस्त को जन्माष्टमी, जानें कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव

 

दही हांडी उत्सव का इतिहास

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अत्याचारी कंस की हत्या देवकी और वासुदेव की 8वीं संतान से होनी थी। इसलिए देवकी के जो भी संतान होती, कंस उसे मार देता था। लेकिन 8वीं संतन श्रीकृष्ण को वासुदेव जी यशोदा और नंदजी के यहां वृंदावन ले गए। यहीं पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लील की शुरुआत हुई।

Dahi Handi 2019 : 23-24 अगस्त को जन्माष्टमी, जानें कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव

 

बचपन में भगवान श्रीकृष्ण मक्खन और दही बहुत पसंद था। यही कारण था कि वे अपने दोस्तों की टोली के साथ घर-घर जाकर माखन चुरा लेते थे। उनकी इस शराररत से गांव के लोग मक्खन और दही को बचाने के लिए मटकी को काफी ऊंचाई पर टांग देते थे।

Dahi Handi 2019 : 23-24 अगस्त को जन्माष्टमी, जानें कब मनाया जाएगा दही हांडी उत्सव


इसके बावजूद बाल गोपाल दोस्तों के साथ माखन चुरा लेते थे और मटकी को फोड़ देते थे। तब से ही दही हांडी उत्सव मनाने की शुरुआत हुई।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/festivals/janmashtami-2019-dahi-handi-on-25th-august-4999814/

Janmashtami vrat : इस विधि से व्रत उपवास रखकर करें 3 समय की कृष्ण पूजा, हो जाएगी हर मनोकामना पूरी


इस साल भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व कुछ लोग 23 अगस्त तो कुछ लोग 24 अगस्त 2019 को मनाएंगे। इस दिन कृष्ण भक्त व्रत उपवास भी रखते हैं। ऐसी मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन संकल्प पूर्वक व्रत रखकर पूजा अर्चना करने से कृष्ण जी अपने शरणागत भक्त की सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं। जानें इस कृष्ण जन्माष्टमी के दिन कैसे करें व्रत उपवास।

 

Krishna Janmashtami shubh muhurat 2019 : 24 अगस्त शुक्रवार को ही है जन्माष्टमी, जानें पर्व पूजन का सटीक शुभ मुहूर्त

 

इसलिए मनाई जाती है जन्माष्टमी

सत्य और धर्म की स्थापना, असुरों का नाश करने के लिए ईश्वर की चेतना का अंश मानव रूर में युगों-युगों से इस धरती पर अवतरित होते रहे हैं, और आगे भी होते रहेंगे। इसी क्रम में भगवान श्री विष्णु ने द्वापर युग में कंस के आतंक को समाप्त करने के लिए कृष्ण के रूप में माता देवकी के गर्भ से भादो माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि (आधी रात) में उत्तरप्रदेश के मथुरा में जन्म लेकर कंस का नाश किया था। तभी से हर्षोल्लस पूर्वक हर साल जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है।

Janmashtami vrat puja 2019

जन्माष्टमी पर ऐसे करें व्रत उपवास

जन्माष्मी पर्व से एक दिन पहले ही व्रत करने वाले भक्त ब्रह्चर्य का पालन करें। अब जन्माष्टमी वाले दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, तीर्थ या अपने घर पर ही गंगाजल मिले जल से स्नान करें। स्वच्छ पीले रंग वस्त्र धारण करें। कुशा के आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके बैठ जाये। सबसे हाथ जोड़कर सूर्य, सोम, यम, काल, संधि, भूत, पवन, दिक्‌पति, भूमि, आकाश, खेचर, अमर और ब्रह्मादि सभी देवताओ का स्मरण करते हुए अपने हाथ में जल, अक्षत, पुष्प, कुश और गंध लेकर व्रत उपावस करने का संकल्प लें।

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : धनिए की पंजीरी का भोग है कान्हा जी को सबसे अधिक प्रिय, जानें क्यूं

 

सुबह की पूजा

संकल्प लेने के बाद विधिवत भगवान कृष्ण के बाल रूप का पूजन और ध्यान करें। पूजन करने के बाद इस मन्त्र का जप सुबह एवं रात में 108 बार जप करें। इस दिन प्रयास करें व्रती पूरे दिन पवित्र विचारों से अपने मन को स्नान कराते रहे। इस मंत्र के जप से अनेक प्रकार की मनोकामना पूरी होने लगती है।
मंत्र
ममखिलपापप्रशमनपूर्वक सर्वाभीष्ट सिद्धये।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रतमहं करिष्ये॥

 

Janmashtami vrat puja 2019

दोपहर की पूजा

अब दोपहर के समय काले तिलों को पानी में डालकर माता देवकी जी स्नान के लिए ‘सूतिकागृह’ नियत करें और फिर भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित करें, इसे अलग से या अपने मंदिर में स्थापित कर सकते हैं। यदि चित्र या मूर्ति में माँ देवकी बाल रूप श्रीकृष्ण को स्तनपान कराती हुई हों और लक्ष्मी जी उनके चरण स्पर्श किए हों अथवा ऐसे भाव अपने मन में बनाए रखें। यही भाव पूर्ण पूजा सबसे उत्तम पूजा मानी जाती है। इसके बाद विधि-विधान से पूजन अर्चना करें। पूजन पूर्ण होने के बाद निम्न मंत्र से पुष्पांजलि अर्पण करें।

मंत्र

‘प्रणमे देव जननी त्वया जातस्तु वामनः।
वसुदेवात तथा कृष्णो नमस्तुभ्यं नमो नमः।
सुपुत्रार्घ्यं प्रदत्तं में गृहाणेमं नमोऽस्तुते।।

 

Janmashtami vrat puja 2019

रात की पूजा

रात को मध्य रात्रि में ठीक 12 बजे किसी कृष्ण मंदिर में या अन्यत्र जहां उत्सव मनाया जा रहा हो, या फिर अपने घर पर ही जन्म समय से पूर्व कृष्ण भजन कीर्तन करने के बाद नियत समय पर पंचामृत से बाल गोपाल को स्नान कराकर विधिवत पूजन करें। कृष्ण जन्म की आरती करने के बाद उन्हें माखन मिश्री एवं पंजीरी का भोग लगावें। अब व्रत उपवास करने वाले व्रती कान्हा जी को भोग लगाने के बाद स्वयं भी भोग प्रसाद ग्रहण करके उपवास खोले। जन्माष्टमी के दिन उपरोक्त विधि से पूजन करने पर कृष्ण जी सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं।
***************


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/festivals/janmashtami-krishna-vrat-puja-every-wish-will-be-fulfilled-4999614/

जन्माष्टमी के दिन एक बार जरूर पढ़ें ये 5 श्लोक, जीवन को बना देंगे सफल


श्रीमद्भगवद्गीता का सनातन धर्म में बहुत अधिक महत्व माना जाता है। श्रीमद्भगवद्गीता ( shrimad bhagwat geeta ) दुनिया के श्रेष्ठ ग्रंथों में से एक है, इसे पढ़ने के साथ-साथ सुनी भी जाती है। वहीं कहा जाता है कि, गीता के उपदेशों अनुसरण करने से व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आ सकती है। कलयुग में श्रीकृष्ण ( shree krishna ) का महात्म्य और बढ़ेगा। श्रीकृष्ण सिर्फ कर्म करने की प्रेरणा देते हैं। बताया गया है कि जीवन के हर पहलू को गीता से जोड़कर उसकी व्याख्या की जा सकती है। वहीं पंडित रमाकांत मिश्रा के अनुसार भगवन गीता के 5 ऐसे श्लोक ( Slokas of bhagavad gita ) बताए गए हैं, जिन्हें यदि मनुष्य अपने जीवन में उतार ले तो उसका जीवन बदल सकता है। आइए हम आपको बताते हैं इन श्लोकों का मतलब...

पढ़ें ये खबर- 4 महारात्रियों में से 1 मानी जाती है ये रात, प्रेम व संतान प्राप्ति के लिए किए जाते हैं तांत्रिक प्रयोग

bhagat geeta slokas

यूं तो भगवत गीता श्लोकों का समुंदर है, लेकिन इनमें से 5 ऐसे श्लोक बताए गए हैं जो कि मानव जीवन के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। ये श्लोक दुनिया में सबसे अधिक आध्यात्मिक और दार्शनिक ग्रंथ गीता के श्लोक समुंदर से हमने निकाले हैं। जन्माष्टमी ( janmahtami 2019 ) पर आप उन्हें पढ़कर कृष्ण को और अधिक ढंग से समझ सकेंगे और साथ ही कृष्ण द्वारा बताए गए जीवन के महत्वपूर्ण उपदेशों से जीवन को सफल भी बना पायेंगे....

1. नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: ।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत ॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 23)
इस श्लोक का अर्थ है: आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है। (यहां भगवान श्रीकृष्ण ने आत्मा के अजर-अमर और शाश्वत होने की बात की है।)

2. हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्।
तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 37)
इस श्लोक का अर्थ है: यदि तुम (अर्जुन) युद्ध में वीरगति को प्राप्त होते हो तो तुम्हें स्वर्ग मिलेगा और यदि विजयी होते हो तो धरती का सुख को भोगोगे... इसलिए उठो, हे कौन्तेय (अर्जुन), और निश्चय करके युद्ध करो। (यहां भगवान श्रीकृष्ण ने वर्तमान कर्म के परिणाम की चर्चा की है, तात्पयज़् यह कि वर्तमान कर्म से श्रेयस्कर और कुछ नहीं है।)

पढ़ें ये खबर- नौ छेदों के द्वारा दिखाई देते हैं यहां श्री कृष्ण, दर्शन करने वाले के जीवन में आती समृद्धि

bhagwat geeta slokas

3. यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिभज़्वति भारत:।
अभ्युत्थानमधमज़्स्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
(चतुथज़् अध्याय, श्लोक 7)
इस श्लोक का अथज़् है: हे भारत (अर्जुन), जब-जब धर्म ग्लानि यानी उसका लोप होता है और अधर्म में वृद्धि होती है, तब-तब मैं (श्रीकृष्ण) धर्म के अभ्युत्थान के लिए स्वयम् की रचना करता हूं अर्थात अवतार लेता हूं।

4. परित्राणाय साधूनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्।
धमज़्संस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे॥
(चतुथज़् अध्याय, श्लोक 8)
इस श्लोक का अर्थ है: सज्जन पुरुषों के कल्याण के लिए और दुष्कमिज़्यों के विनाश के लिए... और धर्म की स्थापना के लिए मैं (श्रीकृष्ण) युगों-युगों से प्रत्येक युग में जन्म लेता आया हूं।

5. कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकमज़्णि॥
(द्वितीय अध्याय, श्लोक 47)
इस श्लोक का अर्थ है: कर्म पर ही तुम्हारा अधिकार है, लेकिन कर्म के फलों में कभी नहीं... इसलिए कर्म को फल के लिए मत करो और न ही काम करने में तुम्हारी आसक्ति हो। (यह श्रीमद्भवद्गीता के सर्वाधिक महत्वपूर्ण श्लोकों में से एक है, जो कर्मयोग दर्शन का मूल आधार है।)


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-news/slokas-of-bhagavad-gita-janmashtami-bhagavad-gita-slokas-in-hindi-4999579/

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : धनिए की पंजीरी का भोग है कान्हा जी को सबसे अधिक प्रिय, जानें क्यूं


कृष्ण जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन यशोदा नंदन कान्हा जी का विधि-विधान से पूजन करने के बाद माखन मिश्री सहित 56 प्रकार का भोग लगाया जाता है। लेकिन कहा जाता है कि नंदलाल को धनिए की पंजीरी का भोग सबसे अधिक प्रिय लगता है और वे इस भोग को ग्रहण कर अति प्रसन्न हो जाते हैं। जानें पंजीरी का भोग बनाने की विधि और क्यूं पसंद है कान्हा को पंजीरी का भोग।

 

Krishna Janmashtami shubh muhurat 2019 : 24 अगस्त शुक्रवार को ही है जन्माष्टमी, जानें पर्व पूजन का सटीक शुभ मुहूर्त

 

इसलिए लगाते हैं पंजीरी का भोग

कान्हा जी को माखन मिश्री बहुत पसंद है इसलिए उनकी हर पूजा में इनका भोग भी लगाया जाता है। लेकिन कहा जाता है कि नंदलाल को धनिया की पंजीरी का भोग भी अधिक प्रिय लगता है। आयुर्वेद विज्ञान में धनिया की पंजरी को खाने के अनेक फायदे भी बताएं गये हैं। ऐसी मान्यता है की कान्हा जी जब माखन मिश्री का सेवन अधिक कर लेते थे तो मैया यशोदा माखन मिश्री से कोई हानि न हो जाएं इसलिए रात्रि में त्रितत्व वात, पित्त और कफ में वात और कफ के दोषों से बचने के लिए धनिए की पंजीरी का प्रसाद बनाकर कान्हा को खिलाती थी। तभी से जन्माष्टमी के दिन धनिए की पंजीरी का भोग भी कान्हा जी को लगाया जाने लगा।

 

Janmashtami mahaupaye 2019 : मिलेगा मनचाहा प्यार, जन्माष्टमी की शाम कर लें ये महाउपाय


धनियां पंजीरी प्रसाद

भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को जन्माष्टमी का त्यौहार मनाया जाता है। जन्माष्टमी के दिन प्रमुख रूप से धनियां पंजीरी का प्रसाद बनाकर कृष्ण भगवान को भोग लगाया जाता है। वैसे इस दिन भगवान को छप्पन भोग के नैवेद्य का भोग भी लगाते हैं, लेकिन कान्हा जी को माखन मिश्री और पंजीरी बहुत पसंद है। इसलिए कृष्ण जन्माष्टमी पर इस विधि से बनायें धनिये की पंजीरी का भोग प्रसाद।

 

krishna janmashtami 2019 : जन्माष्टमी के दिन इन 13 मंत्रों की अर्थ सहित कर लें वंदना, कृष्ण करेंगे हर मनोकामना पूरी

 

धनिया की पंजीरी बनाने की सामग्री
- 1 कप धनिया पाउडर
- तीन चम्मच देसी गाय का घी
- आधा कप मखाना
- आधा कप शक्कर बूरा
- दस काजू
- दस बादाम
- एक चम्मच चिरौंजी

 

janmashtami 2019 : श्रीकृष्ण चालीसा स्तुति

 

धनिया की पंजीरी बनाने की विधि

पंजीरी बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाई में 1 चम्मच घी गर्म कर लें। अब इसमें धनिया पाउडर मिलाकर अच्छी तरह से भूनकर इसमें टुकड़ों में कटे हुए मखानों को भूनकर तथा उन्हें दरदरा पीस कर डाल दें। काजू और बादाम को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर इसमें मिला दें। इस तरह से भगवान को भोग लगाने वाली धनिए की पंजीरी तैयार। कान्हा जी को भोग लगाने के बाद आप इसे प्रसाद के रूप में बांटकर स्वयं भी ग्रहण करें।

**********

Dhania ki panjiri prasad

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/festivals/dhania-ki-panjiri-prasad-kanhi-ji-is-loved-the-most-4999340/

Krishna Janmashtami 2019 : यहां जाकर मनाएं जन्माष्टमी


हमारे देश में भगवान श्रीकृष्ण ( Lord Krishna ) के कई मंदिरें हैं लेकिन उन मंदिरों में से कुछ खास मंदिरों में लोगों का खास जुड़ाव रहता है, जिन कारणों से हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और कान्हा का जन्मोत्सव मनाते हैं। इन जगहों पर मनाया जाना वाला जन्माष्टमी का त्यौहार अपने आप में खास होता है।

ये भी पढ़ें- Krishna Janmashtami 2019 : वृंदावन में 23 और मथुरा में 24 को जन्माष्टमी

Krishna Janmashtami 2019 के मौके पर अगर आप भी कुछ हटकर अनुभव करना चाहते हैं तो भगवान श्रीकृष्ण के इन मंदिरों में जरूर जाएं और यहां पर बाल-गोपाल का जन्मोत्सव मनाएं।

Krishna Janmashtami 2019 : यहां जाकर मनाएं जन्माष्टमी

 

बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन

भगवान श्रीकृष्ण का बचपन वृंदावन में बिताया था। यहां की बांके बिहारी मंदिर सबसे फेमस और प्राचीन मंदिर है। दरअसल, भगवान श्रीकृष्ण को बांके बिहारी भी कहा जाता है, इसलिए उनके नाम पर इस मंदिर का नाम बांके बिहारी रखा गया। जन्माष्टमी के दिन मंगल आरती होने के बाद लगभग रात 2 बजे ही इस मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं।

Krishna Janmashtami 2019 : यहां जाकर मनाएं जन्माष्टमी

 

द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका

द्वारकाधीश मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के मुख्य मंदिरों में एक है। यह गुजरात के द्वारका में स्थित है। यह मंदिर चार धाम यात्रा का भी मुख्य हिस्सा है। जन्माष्टमी के दौरान यहां बेहद ही उमंग भरा माहौल रहता है। इस मंदिर को खूबसूरत ढंग से सजाया जाता है।

Krishna Janmashtami 2019 : यहां जाकर मनाएं जन्माष्टमी

 

श्रीकृष्ण मठ मंदिर, उडुपी

श्रीकृष्ण मठ मंदिर कर्नाटक का सबसे प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मंदिर कर्नाटक के उडुपी में स्थित है। इस मंदिर की खासियत ये हैं कि यहां पर कान्हा का दर्शन खिड़की द्वारा किया जाता है। जन्माष्टमी के मौके पर यहां पर हर साल श्रद्धालुओं की लाखों की संख्या में भीड़ लगती है।

Krishna Janmashtami 2019 : यहां जाकर मनाएं जन्माष्टमी

 

द्वारकाधीश मंदिर, मथुरा

यह मथुरा का दूसरा सबसे फेमस मंदिर है। यहां पर भगवान कृष्ण की काले रंग की प्रतिमा की पूजा की जाती है। यहां पर राधा की मूर्ति का रंग सफेद है। यहां पर भी जन्माष्टमी का त्यौहार धूमधाम से मनाया जाता है।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/pilgrimage-trips/celebration-of-janmashtami-2019-in-this-krishna-temple-4999133/

Krishna Janmashtami shubh muhurat 2019 : 24 अगस्त शुक्रवार को ही है जन्माष्टमी, जानें पर्व पूजन का सटीक शुभ मुहूर्त


जगत पालक भगवान विष्णु जी के अवतार, वासुदेव-देवकी की आठवी संतान एवं मैया यशोदा व नंद के लाल कान्हा का जन्म भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में द्वापर युग में धर्म की रक्षा के लिए हुआ था। तभी से हर साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व देश ही नहीं पूरी दुनिया में धुमधाम से मनाया जाता है। इस साल 2019 में जन्माष्टमी का महापर्व कृष्ण भक्त 24 अगस्त को मनाएंगे। जानें जन्माष्टमी पर्व पूजन का सटीक शुभ मुहूर्त।

 

krishna janmashtami mantra : जन्माष्टमी के दिन इन 13 मंत्रों की अर्थ सहित कर लें वंदना, कृष्ण करेंगे हर मनोकामना पूरी

 

इस साल 2019 की जन्माष्टमी के शुभ मुहूर्त के बारे में ज्योतिषाचार्य पं. प्रह्लाद कुमार पंड्या ने पत्रिका डॉट काम को बताया कि- 23 अगस्त दिन शुक्रवार को उदय कालीन तिथि सप्तमी प्रातः 8 बजकर 10 मिनिट तक रहेगी। अतः 24 अगस्त दिन शनिवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाना शास्त्र सम्मत होगा।

जन्माष्टमी पर्व पूजन का सटीक शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य पं. प्रह्लाद कुमार पंड्या के अनुसार, 23 अगस्त शुक्रवार को सप्तमी तिथि के साथ अष्टमी होने से इस दिन को जन्माष्टमी के रूप में ग्रहण नहीं किया जा सकता। साथ ही 23 अगस्त शुक्रवार को रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग भी नहीं है। रोहिणी नक्षत्र 24 अगस्त शनिवार को ब्राह्ममुहूर्त में 3 बजकर 48 मिनिट से प्रारंभ होगा, जो शनिवार 24 अगस्त को उदय कालीन तिथि अष्टमी प्रातः 8 बजकर 33 मिनट तक एवं रोहिणी नक्षत्र मध्य रात्रि के बाद 25 अगस्त रविवार को सुबह 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।

 

Aarti for Shree Krishna : जन्माष्टमी पर करें भगवान श्री कृष्ण की ये भावभरी आरती वंदना

 

अतः जन्माष्टमी का महापर्व शनिवार 24 अगस्त 2019 को अष्टमी व रोहाणी नक्षत्र के शुभ संयोग पर ही जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसी दिन रात में 11 बजकर 56 मिनट से लेकर कृष्ण जन्म के शुभ समय मध्य रात्रि तक विधि-विधान से योगेश्वर श्रीकृष्ण का पूजन अर्चन करें और उनकी कृपा के अधिकारी बनें।

 

Janmashtami mahaupaye 2019 : मिलेगा मनचाहा प्यार, जन्माष्टमी की शाम कर लें ये महाउपाय

 

भगवान श्री कृष्ण का जीवन

कृष्ण कन्हैया यानी की कान्हा जी का पूरा जीवन ही रोमांचक कहानियों से भरा हुआ हिन्दू धर्म शास्त्रों में बताया गया है। चाहे बचपन में नन्द किशोर की शैतानियां हो, या जवानी में गोपियों के साथ की गई रासलीला हो, मित्रता हो, या राजा का कर्तव्य, युद्ध में दिया गया गीता का ज्ञान हो, या हमेशा सच का साथ देना हो। इसीलिए हर साल योगेश्वर भगवान् श्री कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी पर्व के रूप में कृष्ण भक्त बड़े उत्साह और धूमधाम के मनाते हैं।

************

Janmashtami puja shubh muhurat

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/festivals/lord-krishna-janmashtami-parva-pujan-shubh-muhurat-24-aug-2019-4999050/

Krishna Janmashtami 2019 : वृंदावन में 23 और मथुरा में 24 को जन्माष्टमी


Krishna Janmashtami 2019 कब है और किस दिन मनाई जाएगी ? इस सवाल का जवाब सभी लोग जानना चाहते हैं लेकिन सब उलझन में हैं और मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर कब है कृष्ण जन्माष्टमी ( Krishna Janmashtami ) ?

अगर पंचांग को देखें तो तो अष्टमी तिथि 23 अगस्त ( शुक्रवार ) की सुबह 8.09 बजे से शुरू हो रही है और 24 अगस्त की सुबह 8.32 बजे खत्म हो जाएगी। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ( Lord Krishna ) का जन्म भादो महीना के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

Krishna Janmashtami 2019

 

रोहिणी नक्षत्र 24 अगस्त की सुबह 3.48 बजे से शुरू होगा और 25 अगस्त की सुबह 4.17 बजे तक रहेगा। जबकि कुछ पंडितों का कहना है कि रोहिणी नक्षत्र 23 अगस्त की रात में ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में जानकारों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, ऐसे में ये दोनों संयोग का 23 अगस्त को बन रहे हैं। जबकि कई जानकार 24 अगस्त को जन्माष्टमी मनाना शुभ मान रहे हैं। इस बार वृंदावन में 23 अगस्त को जन्माष्टमी मनाई जाएगी जबकि भगवान कृष्ण के जन्मस्थली मथुरा में 24 अगस्त को मनाई जाएगी।

 

Krishna Janmashtami 2019

मथुरा और वृंदावन में कब-कब और क्या-क्या होगा?

  1. वृंदावन और मथुरा में दो दिन कान्हा का जन्मोत्सव मनाया जाएगा
  2. बांकेबिहारी मंदिर में 23 को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
  3. रात 12 बजे अभिषेक होगा
  4. 1.45 बजे बांकेबिहारी के पट खुलेंगे
  5. 1.55 बजे बांकेबिहारी की मंगल आरती
  6. नंदगांव में 23 को जन्मोत्सव और 24 को नंदोत्सव का आयोजन

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/which-date-janmashtami-in-mathura-and-vrindavan-4998656/

4 महारात्रियों में से 1 मानी जाती है ये रात, प्रेम व संतान प्राप्ति के लिए किए जाते हैं तांत्रिक प्रयोग


जन्माष्टमी के पावन पर्व पर पूरा संसार कान्हा के रंग में रंगा रहता है। जन्माष्टमी ( krishna janmashtami 2019 ) का पर्व भारत के सभी हिस्सों में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है। इसके साथ ही सभी कृष्ण मंदिर भी रात 12 बजे तक खुले रहते हैं, क्योंकि सभी मंदिरों में रात को कान्हा जी की आरती व पूजा की जाती है। भादो मास की अष्टमी को ही भागवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था। इसलिए हर साल इसी दिन रात के समय श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

इस बार जन्माष्टमी 23 व 24 अगस्त को मनाई जाएगी ( krishna janmashtami date) दरअसल, मान्‍यता है कि भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद यानी कि भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। अगर अष्‍टमी तिथि के हिसाब से देखें तो 23 अगस्‍त को जन्‍माष्‍टमी होनी चाहिए, लेकिन अगर रोहिणी नक्षत्र को मानें तो फिर 24 अगस्‍त को कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी होनी चाहिए।

पढ़ें ये खबर- नौ छेदों के द्वारा दिखाई देते हैं यहां श्री कृष्ण, दर्शन करने वाले के जीवन में आती समृद्धि

krishna_janmashtami11.jpg

जन्‍माष्‍टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त

जन्‍माष्‍टमी की तिथि: 23 अगस्‍त और 24 अगस्‍त
अष्‍टमी तिथि प्रारंभ: 23 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 09 मिनट से
अष्‍टमी तिथि समाप्‍त: 24 अगस्‍त 2019 को सुबह 08 बजकर 32 मिनट तक

रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ: 24 अगस्‍त 2019 की सुबह 03 बजकर 48 मिनट से
रोहिणी नक्षत्र समाप्‍त: 25 अगस्‍त 2019 को सुबह 04 बजकर 17 मिनट तक

पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की जन्माष्टमी को तंत्र के लिए भी बहुत खास माना जाता है। जन्माष्टमी की रात तंत्र के लिए 4 महारात्रियों में से 1 मानी जाती है। विशेष रूप से इस रात्रि को शनि, राहु, केतु, भूत, प्रेत, वशीकरण, सम्मोहन, भक्ति और प्रेम के प्रयोग एवं उपाय करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं विशेष फल के लिए क्या करें...

 

krishna janmashtami 2019

विशेष उपाय

1. जन्माष्टमी का संकल्प के साथ उपवास करें, इस दिन भोजन नहीं ग्रहण करें।
2. काले तिल व सर्व औषधि युक्त जल से स्नान करें।
3. श्रीकृष्ण की प्रिय वस्तुओं के साथ उनका श्रृंगार करें।
4. संतान प्राप्ति तथा पारिवारिक आनंद के लिए कृष्ण पूजन, अभिषेक कर जन्मोत्सव मनाएं।
5. धनिये की पंजरी और माखन मिश्री का भोग लगा कर प्रसाद वितरण करें।
6. इष्ट मूर्ति, मंत्र, यंत्र की विशेष पूजा व साधना करें।
7. श्री राधा कृष्ण बीजमंत्र का जप करें।
8. भक्ति एवं संतान प्राप्ति के लिए गोपाल, कृष्ण, राधा या विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ व तुलसी अर्चन करें।
9. भूत प्रेत बाधा निवारण, रक्षा प्राप्ति हेतु सुदर्शन प्रयोग, देवीकवच का पाठ करें।
10. आकर्षण, सम्मोहन, वशीकरण, प्रेम प्राप्ति के लिए तांत्रिक प्रयोग किए जा सकते हैं।
11. श्रीकृष्ण और राधिका के 1000 नामों का पाठ करें।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/festivals/krishna-janmashtami-date-janmashtami-vishesh-upay-for-love-and-child-4998563/

नौ छेदों के द्वारा दिखाई देते हैं यहां श्री कृष्ण, दर्शन करने वाले के जीवन में आती समृद्धि


दक्षिण भारत में श्री कृष्ण के अनोकों मंदिरों में से एक बहुप्रसिद्ध व अनोखा मंदिर उडुपी कृष्ण मंदिर ( Udupi krishna mandir ) है। उडुपी का कृष्ण मंदिर कर्नाटक राज्य का एक गांव है। इस मंदिर में हर साल हजारों श्रद्धालु भगवान कृष्ण की एक झलक पाने के लिए आते हैं। मंदिर में कृष्ण के दर्शन नौ छेदों के द्वारा किए जाते हैं। श्री कृष्ण की मूर्ति बहुत ही सुंदर और मनमोहक है, जिसके दर्शन पाकर भक्त अपने आपको बहुत ही भाग्यशाली मानते हैं। मान्यताओं के अनुसार नौ छेद से प्रभु को देखना जीवन में समृद्धि लाता है। भगवान कृष्ण की मूर्ति पर सजावट बहुत ही सुंदर है। कभी कभी यह सुनहरे जेवरातों के साथ और अगले दिन हीरे के कवच के साथ सजाया जाता है।

 

udupi_krishna_mandir

जन्माष्टमी पर विशेष पूजा

यूं तो इस प्रसिद्ध कृष्ण मंदिर में हर दिन ही भक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन जन्माष्टमी के दिन यहां की शोभा देखते ही बनती है। उस दिन पूरे मंदिर को फूलों और रंग बिरंगी रोशनियों से सजाया जाता है। उस दिन भगवान के दर्शन करने के लिए भक्तों का अपार जनसमूह उमड़ता है और इस वजह से लोगों को उनकी एक झलक के लिए 3 से 4 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इस स्थान को दक्षिण की मथुरा भी कहा जाता है।

इस समय कर सकते हैं मंदिर में दर्शन

उडुपी के श्री कृष्ण मंदिर में दर्शन के लिए कोई निर्धारित समय नहीं है। एक भक्त सुबह 6.30 बजे से 1.30 बजे के बाद कभी भी मंदिर आ सकता है। ज्यादातर सुबह की पूजा सुबह 9 से दोपहर 12 बजे के बीच की जाती है। शाम को, यदि कोई दर्शन करना चाहता है, तो वह शाम 5 बजे से हो सकते हैं।

 

udupi_krishna_mandir

मंदिर से जुड़ी है अनोखी कथा

उडुपी कृष्ण मंदिर को लेकर एक अनोखी कहानी प्रचलित है, जिसके अनुसार एक बार भगवान कृष्ण के अन्नय भक्त कनकदास को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई थी। इस बात से वे बहुत दुखी हुए और मंदिर के पिछवाड़े में जाकर अश्रु पूरित नेत्रों के साथ तन्मयता से भगवान की प्रार्थना करने लगे। भगवान कृष्ण से उनकी पीड़ा से अत्यंत दुखी हुए और उनकी भक्ति से इतने प्रसन्न हुए कि उन्हें दर्शन देने के लिए उन्होंने मठ में स्थित मंदिर के पीछे एक छोटी सी खिड़की बना दी। बस तभी से आज तक भक्त उसी खिड़की के माध्यम से श्री कृष्ण की पूजा करते हैं।

कैसे पहुंचे उडुपी कृष्ण मंदिर

ट्रेन से ऐसे पहुंचें- उडुपी रेलवे स्टेशन कृष्ण मंदिर से 3 किमी की दूरी पर है। यहाँ से बसें और टैक्सियाँ भी मंदिर के लिए उपलब्ध हैं। उडुपी मंदिर के करीब मंगलौर रेलवे स्टेशन हैं। आप चाहें तो यहां से कैब या टैक्सी भी मंदिर के लिए मिल जाएंगी।

हवाई मार्ग से ऐसे पहुंचें- मंगलोर उडुपी का निकटतम हवाई अड्डा है। कोई बैंगलोर से मैंगलोर के लिए सीधी उड़ान पकड़ सकता है, जहां से उडुपी के लिए टैक्सी किराए पर ली जा सकती है।

सड़क मार्ग से ऐसे पहुंचें- KSRTC, साथ ही निजी बसें, मंगलौर और उडुपी के बीच अक्सर चलती हैं। यहां पहुंचने के लिए आप निजी टैक्सी या टैक्सी किराए पर ले सकते हैं।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/temples/udupi-krishna-mandir-karnataka-lord-krishna-gives-darshan-by-window-4995970/

विचार मंथन : ये जो कान है, केवल दुनियां की बातों को सुनने के लिए है, गुरु की बातों को तो सिर्फ दिल से सुना जाता है- संत कबीर


कबीर की यह उलटबांसी

बाबा कबीर के एक शिष्य थे- शेख रसूल। साधना करने की प्रगाढ़ चाहत लिए हुए वे कबीर बाबा के पास आए। उनकी चाहत थी कि बाबा उन्हें मंत्र दें। जप की कोई विधि बताएं। अक्कड़- फक्कड़ कबीर के निराले जीवन की विधियां भी निराली थी। उन्होंने शेख रसूल को देखा फिर हंसे और हंसते हुए उन्होंने कहा- देख मैं तुझे मंत्र तो दूंगा, पर तब जब तू सुनने लायक हो जाएगा। अभी तो तू बहरा है, पहले अपने बहरेपन को ठीक कर। अपनी उलटबासियों के लिए विख्यात कबीर की यह उलटबांसी रसूल को समझ में न आयी। क्योंकि उनके कान तो ठीक थे। उन्हें सुनायी भी सही देता है।

 

विचार मंथन : अहंकार भयानक शत्रु के समान है, यह जिसे अपने वश में कर लेता उसे नष्ट करके ही छोड़ता है- रामकृष्ण परमहंस

 

गुरु की बातों को दिल से सुना जाता है

समझने के फेर में पड़े शेख रसूल को बाबा कबीर ने चेताया, अरे भाई ये जो कान है, वे तो दुनियां की बातों को सुनने के लिए हैं। गुरु की बातों को तो सिर्फ दिल से सुना जाता है। दिल कहे और दिल सुने। ऐसा हो तो गुरु और शिष्य के बीच संवाद पनपता है। बात रसूल को समझ में आ गयी। उसी क्षण से उन्होंने कानों की सुनी पर मन की हटाकर दिल की गहराइयों में प्रवेश करने की तैयारी करने लगे। गुरु के लिए उफनता प्रेम, सच्ची श्रद्धा, वे ही मेरा उद्धार करेंगे, यह वे ही एक मात्र आशा उनकी चेतना की गहराइयों में सघन होने लगी। इस सघनता को लिए वह जीवन के उथलेपन से गहरेपन में प्रविष्ट होने लगे।

 

विचार मंथन : सफलता की कुञ्जी एक मात्र समय और संयम है- आचार्य श्रीराम शर्मा

 

सद्गुरु के प्रति अथाह प्रेम

दिन गुजरे, रातें बीतीं। पहले तो सांसारिक कोलाहल ने उनकी राह रोकी। सतही पथरीलापन उनकी राहों में आड़े आया, पर श्रद्धा उनका सम्बल थी, उनके हृदय में आशा का प्रदीप था। सद्गुरु के प्रति अथाह प्रेम उनका पाथेय था। शेख रसूल अपनी गहराइयों में उतरते गए। उन्हें अचरज तब हुआ, जब उन्होंने पाया कि अन्तस की गहराइयों में न तो कोलाहल का अस्तित्व है और न पथरीली ठोकरों का। वहाँ तो बस पवित्र जीवन संगीत प्रवाहित है। यही गहराइयों में उन्होंने अपने सद्गुरु बाबा कबीर की मुस्कराती छबि देखी।

 

विचार मंथन : मनुष्य का बचपन सावन की हरियाली है, उसमें चिंता नहीं, विकार नहीं और कर्त्तव्य का बंधन भी नहीं, लेकिन युवावस्था...- डॉ. प्रणव पंड्या

 

सद्गुरु की प्रेममयी परावाणी

इस अन्तरदर्शन ने उन्हें जीवन की सार्थकता दे दी। उन्होंने अपने सद्गुरु की प्रेममयी परावाणी को अपने हृदय में सुना- बेटा! जो अपने गुरु के स्वर को हृदय के संगीत में पहचान लेता है, वही सच्चा शिष्य है। इस घटना के बाद शेख रसूल कबीर के पास काफी दिनों तक नहीं आए। जब किसी ने उन्हें यह बात कही, तो वे जोर से हंस पड़े। उनकी इस हंसी में गुरु की कृपा, और शिष्य साधना का सम्मिलित संगीत था। इस स्वर माधुर्य की स्मृति कैसे बनी रहे? इसकी चर्चा, इसका मनन उन्हें जीवन संगीत का नया बोध देगा।

************


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/religion-and-spirituality/daily-thought-vichar-manthan-sant-kabir-4995845/

Janmashtami mahaupaye 2019 : मिलेगा मनचाहा प्यार, जन्माष्टमी की शाम कर लें ये महाउपाय


साल 2019 में 23 एवं 24 अगस्त को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। योगेश्वर श्रीकृष्ण को प्रेम का प्रतिक माना जाता है। इस बार जन्माष्टमी के दिन कई दुर्लभ शुभ योग बन रहे हैं। अगर इस दुर्लभ योग में मनचाहा प्यार की प्राप्ति, धन, वैभव एवं संतान प्राप्ति के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाए तो सब गोपियों को एक साथ एक जैसा प्रेम करने वाले भगवान श्रीकृष्ण अपने शरणागत की सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं। इन उपायों को जन्माष्टमी के दिन सूर्यास्त के बाद ही करना है।

 

krishna janmashtami 2019 : जन्माष्टमी के दिन इन 13 मंत्रों की अर्थ सहित कर लें वंदना, कृष्ण करेंगे हर मनोकामना पूरी


1- इस उपाय से मिलेगा मनचाहा प्यार- अगर आप किसी से प्यार करते हैं तो जन्माष्टमी के दिन श्री राधा रानी और कृष्ण जी के मंदिर में जाकर दोनों को शुद्ध माखन और मिश्री का भोग लगायें । भोग लगाने के बाद राधा-कृष्ण के गले में अपने मन चाहे प्यार का नाम लेते हुए उसे पाने की कामना से लाल गुलाब के फूलों की माला पहना दें । ऐसा करने शीघ्र ही आपकों अपना मन चाहा प्यार मिल जायेगा ।

2- यह उपाय सारे शत्रुओं से रक्षा करेगा- जन्माष्टमी के दिन सूर्यास्त के बाद पीपल के पत्ते पर अष्टगंध की स्याही और अनार की कलम से “सर्व शत्रुनाशय” लिखकर जमीन में गाड़ दें। सभी शत्रु मित्र बन जायेंगे या तो नष्ट हो जायेंगे।

 

गुरुवार : इस उपाय के साथ जप लें यह मंत्र, मिलेगी महालक्ष्मी की भरपूर कृपा


3- इस उपाय से कर्ज से मिलेगी मुक्ति- जन्माष्टमी के दिन से लेकर लगातार 8 दिनों तक अर्थात पूर्णिमा तिथि तक मिश्री की चाशनी में काले तिल मिलाकर स्टील के कलश से पीपल के वृक्ष पर अर्पित करने से कुछ ही दिनों में कर्ज से मुक्ति मिल जाएगी।

4- इस उपाय से होगी धन की प्राप्ति- भगवान श्रीकृष्ण के बाल गोपाल स्वरूप का विधिवत पूजन करने के बाद साबुत काली मिर्च और तुलसी पत्र युक्त गाय के दुध की खीर का भोग लगावें। भोग लगाने से पहले शंख में मिश्री युक्त जल भरकर कृष्ण लला का अभिषेक करने से अचानक धन आय में वृद्धि होने लगती है।

5- इस उपाय से सुखी दाम्पत्य जीवन की प्राप्ति होती है- सूर्यास्त के समय तुलसी माता के सामने सुगंधित चंदन की धुप एवं गाय के घी का दीप जलावें। दीपक जलाने के बाद- "ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमौस्तुते:" इस मंत्र का 108 बार जप करके, 11 परिक्रमा तुलसी माता के लगावें।

*********

Janmashtami mahaupaye 2019 : मिलेगा मनचाहा प्यार, जन्माष्टमी की शाम कर लें ये महाउपाय

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/janmashtami-mahaupaye-2019-will-get-the-desired-love-4995470/

आज का राशिफल 22 अगस्त 2019: व्यवसाय में नई योजना लाभदायक रहेगी, खिल उठेगी जिंदगी


ज्योतिष पंडित श्यामनारायण व्यास

मेष राशिफल / Aries Horoscope Today: किसी विशेष व्यक्ति का जीवन में प्रवेश आप के तोर तरीके बदल देगा। आकस्मिक धन लाभ होगा। विरोधी आप को निचा दिखाने के हर संभव प्रयास करेंगे। मन की बात अपनों को बता दें, रास्ता मिल जायेगा।

वृषभ राशिफल / Taurus Horoscope Today: जरूरत से ज्यादा किसी घनिष्ठता संबंधों को कमजोर कर देगी। आप सहने की शक्ति रखें। जल्द ही आप क्रोध से भर जाते हैं। स्वयं पर काबू रखें। व्यवसाय स्थल पर विवाद हो सकता है। उधार दिया पैसा न आने से मुश्किलें बढ़ेगी।

मिथुन राशिफल / Gemini Horoscope Today: समय के साथ स्वयं को भी बदलें। अपने व्यवहार में नम्रता लाएं। कारोबार विस्तार के लिए धन एकत्रित करने में लगे रहेंगे। भूमि संबंधित विवाद के चलते चिंता रहेगी।

कर्क राशिफल / Cancer Horoscope Today: अपने विवेक से हर कार्य सफल कर लेंगे। निजी जीवन में दूसरों को प्रवेश न दें। मित्रों के साथ यात्रा आनंदप्रद रहेगी। आजीविका के लिए भटकना पड़ेगा। माता-पिता के स्वास्थ में सुधार होगा। किसी विशेष जन से संबंध बनेंगे।

सिंह राशिफल / Leo Horoscope Today: व्यवसाय में नई योजना लाभदायक रहेगी। जीवनसाथी का साथ आप को आगे बढ़ने में मदद करेगा। संतान के विवाह संबंधित समस्या से परेशान रहेंगे। भवन परिवर्तन के योग है। वाहन का प्रयोग सावधानी से करें।

कन्या राशिफल / Virgo Horoscope Today: अपनों से धोखा मिलेगा। राजनीति से जुड़े लोगों को पद मिल सकता है। पारिवारिकजनों की सहायता करनी होगी। आजीविका के स्त्रोत में वृद्धि होगी। पिता के साथ ताल मेल स्थापित न होने से तनाव हो सकता है।

तुला राशिफल / Libra Horoscope Today: भविष्य के प्रति चिंतित होंगे। मन में बुरे विचारों को न आने दें। स्वयं पर नियंत्रण रखें। नकारात्मक सोच के कारण ही आप पीछे हैं। पारिवारिक माहौल सामान्य रहेगा। मित्रों के साथ समय व्यतीत होगा। नौकरी में स्थान परिवर्तन संभव है।

वृश्चिक राशिफल / Scorpio Horoscope Today: कार्यस्थल पर सहकर्मियों से मन मुटाव होगा। क्रोध की अधिकता रहेगी। आय के नए स्त्रोत स्थापित होंगे। अपने कर्मचारियों के कारण परेशान होंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। धार्मिक कार्यों में धन लगेगा।

धनु राशिफल / Sagittarius Horoscope Today: स्वास्थ में सुधार होगा। अपने आगामी भविष्य को लेकर चिंतित रहेंगे। मन में कई विचार आयेंगे। व्यवसाय में उन्नति होगी। भूमि भवन संबंधित मामले पक्ष में हल होंगे। प्रशासन से जुड़े कार्य सहज हो जायेंगे। यात्रा संभव है।

मकर राशिफल / Capricorn Horoscope Today: अपनी संतान से विवाद हो सकता है। आजीविका को लेकर आप चिंतित हैं। विवाह योग्य जातकों के लिए समय उपयुक्त है। कारोबार विस्तार करने का मन होगा। वाहन सुख की प्राप्ति संभव है।

कुंभ राशिफल / Aquarius Horoscope Today: अपने मन की बात हर किसी को बताने से नुकसान आप का ही है। सुख-सुविधा की वस्तुओं और धन खर्च होगा। आप की उन्नति से विरोधी नाखुश होंगे। अपने वाक् चातुर्य से अधिकारी प्रभावित होंगे। विदेश जाने के योग बन रहे हैं।

मीन राशिफल / Pisces Horoscope Today: दोस्तों के सहयोग से कोई जरूरी कार्य होगा। अपनों से संबंधों में मजबूती आयेगी। आलस की अधिकता से कार्य में रूचि नहीं रहेगी। आर्थिक मामले आज पक्ष में हल होंगे। राजीनति से जुड़े लोग सम्मान प्राप्त करेंगे।

 


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/horoscope-rashifal/aaj-ka-rashifal-22-august-2019-rashi-todays-rashifal-daily-horoscope-4995300/

अंकज्योतिष 22 अगस्त 2019: आज भगवान विष्णु को पीली चीज़ों का भोग लगाएं


ज्योतिषाचार्य गुलशन अग्रवाल

अंक 01- कमाने की दृष्टि से किये गए बदलाव के प्रतिफल मिलने लगेंगे। विद्यार्थियों में खोया हुआ आत्मविश्वास पुनः प्राप्त हो जाएगा। निजी संबंधों में कुछ खटास आ सकती है।
अनुकूलता के लिए- सिंदुरी रंग का कोई भी एक वस्त्र धारण करें।

अंक 02- अचानक आए कामकाज को निपटाने के लिए अपनी अल्प बचत को कुछ समय के लिए भुनाना पड़ सकता है। मेहनत के कार्यों में बेवजह बहादुरी दिखाने से चोट लग सकती है।
अनुकूलता के लिए- गरीबों में गर्म दुध का वितरण करें।

अंक 03- जमीनों के कामकाज में अनिश्चिंतता के बरकरार रहने से अपने को सलामत रखने में ही समझदारी है। गलत निर्णय लेने की वजह से पैसों का सदुपयोग नहीं हो पाएगा।
अनुकूलता के लिए- सौम्य भाषा उपयोग करें।

अंक 04- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में व्यस्तता के चलते रोजमर्रा के कामकाज को व्यवस्थित करने में परेशानी आ सकती है। अपने से छोटों की सलाह को एकदम से नजरअंदाज न करें।
अनुकूलता के लिए- किसी भी मंदिर में कुछ देर श्रमदान करें।

अंक 05- धार्मिक सत्संग का प्रभाव कदमों को बहकाने से बचाएगा। वाहन सें संबंधी काम में रफ्तार बनी रहने की संभावना है। संतानपक्ष के प्रति पहले से चल रही चिंता में कमी आने लगेगी।
अनुकूलता के लिए- दरिद्नारायण की यथासंभव मदद करें।

अंक 06- नौकरी के महत्व को समझते हुए अधिकारी वर्ग से आगे बढ़ने की कोशिश न करें। अग्निकारक वस्तुओं के प्रयोग में सावधानी से काम लें अन्यथा चोटिल हो सकते हैं।
अनुकूलता के लिए- 5 प्रकार के फल मंदिर में चढ़ाएं।

अंक 07- आज के समय में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से बचते हुए पैसों के महत्व को समझने की जरूरत है। युवाओं को अधिकांश समय प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी करने में बितेगा।
अनुकूलता के लिए- हनुमान मंदिर में चने चिरोंजी का भोग लगाएं।

अंक 08- अपनी सोच को व्यवहारिक बनाने के साथ-साथ चरित्रवान बने रहने की ओर भी ध्यान देना होगा। खाने-पिने में गरिष्ठ भोजन को छोड़ सुपाच्य भोजन को पहले प्राथमिकता दें।
अनुकूलता के लिए- मछलियों को भुने चने खिलाएं।

अंक 09- बोलने में वाणी की मिठास व संयम को कायम रख पाए तो बिगड़ते हुए काम बनने लगेंगे। वर्तमान समय को देखते हुए जोखिम उठाकर काम करने का निर्णय लेना होगा।
अनुकूलता के लिए- घर में सुगंधित द्व्य का छिड़काव करें।


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/horoscope-rashifal/ank-jyotish-22-august-2019-know-number-seven-numerology-in-hindi-4995102/

dhan prapti ke mantra upay : गुरुवार को इस उपाय के साथ जप लें यह मंत्र, मिलेगी महालक्ष्मी की भरपूर कृपा


अगर आपके जीवन में समस्याएं बार-बार आ रही हो, धन आवक में बाधाएं हो तो गुरुवार के दिन कर लें ये उपाय और इस मंत्र का जप, दूर हो जायेगी सारी परेशानियां। इस उपाय पूर्णतः एकांत में शांति पूर्वक करने से माता महालक्ष्मी की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। जानें कैसे और कब करना है धन प्राप्ति का यह उपाय।

 

krishna janmashtami 2019 : जन्माष्टमी के दिन इन 13 मंत्रों की अर्थ सहित कर लें वंदना, कृष्ण करेंगे हर मनोकामना पूरी

 

ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार के दिन करने के लिए कुछ ऐसे विशेष उपाय बताएं गए है जिन्हें पूर्ण विश्वास के साथ किया जाये तो उपाय करने वाले को हर काम में सफलता मिलने लगती है। गुरुवार के दिन भगवान श्री विष्णु जी की पूजा करने का विधान शास्त्रों में बताया गया है। अगर इस दिन विष्णु जी के साथ माता महालक्ष्मी का भी पूजन किया जाए तो वे भी प्रसन्न हो जाती है।

 

Aarti for Shree Krishna : जन्माष्टमी पर करें भगवान श्री कृष्ण की ये भावभरी आरती वंदना

 

पहले ऐसे करें पूजन

गुरुवार के दिन सुबह गंगाजल मिले जल से स्नान करें। इस दिन पीले या श्वेत रंग के वस्त्र पहनकर ही पूजा करना चाहिए। स्नान के बाद घर के पूजा स्थल पर सबसे पहले भगवान विष्णु के सामने घी का दीपक दो बत्ती वाला जलाकर विधि-विधान से षोडशोपचार या पंचोपचार पूजन करें। पूजा करते समय कुशा के पीले आसन पर ही बैठना है।

 

जन्माष्टमी 2019 : केवल एक बार कर लें ये उपाय, विवाह, संतान और धन आवक में आने वाली हर बाधा हो जाएंगी दूर

 

इस मंत्र का करें जप

विधिवत पूजन के बाद इस मंत्र का जप 108 बार सुबह एवं 108 बार शाम को करें। मंत्र- "ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र जप के के बाद श्रीविष्णु सहस्रनाम का पाठ श्रद्धापूर्वक करें। जप करने के पहले इसी मंत्र का उच्चारण करते हुए केसर का तिलक माथे पर लगावें। गुरुवार के दिन व्रत रखें, पीली वस्तुओं का दान जरूरतमंद गरिबों को कुछ न कुछ दान अवश्य करें।

 

janmashtami 2019 : श्रीकृष्ण चालीसा स्तुति

 

करें यह उपाय

गुरुवार के दिन सूर्यास्त के समय किसी अति प्राचीन पीपल के पेड़ के नीचे आटे के दीपक में सरसों का तेल डालकर जलावें। दीपक जलाने के बाद सुगंधित धुप भी जलावें। अब वहीं बैठकर "ऊँ श्रीं" इस मंत्र का जप करें। जप के बाद पीपल के पेड़ की 7 परिक्रमा लगाकर बिना पीछे देखें घर आ जाएं। उपरोक्त मंत्र का जप एवं इस उपाय को करने से महालक्ष्मी की भरपूर कृपा प्राप्त होती है।

************

dhan prapti ke mantra : गुरुवार को इस उपाय के साथ जप लें यह मंत्र, मिलेगी महालक्ष्मी की भरपूर कृपा

Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/thursday-chant-this-mantra-will-get-immense-blessings-of-mahalakshmi-4995087/

कहीं अनजानें में आप मौत को तो नहीं दे रहे बुलावा, पढ़ें पूरी खबर


वास्तु शास्त्र ( Vastu shastra ) के अनुसार बहुत सी ऐसी चीज़ें हैं जिन्हें करने की मनाही होती है। लेकिन कई बार हम जाने-अनजाने में वहीं गलतियां करते हैं और उसका प्रभाव हमारे जीवन में उल्टा पड़ता है। लेकिन शायद हम यह नहीं जानते की इन चीज़ों का ध्यान ना रखकर मौत को बुलावा देते हैं। जी हां, वास्तुशास्त्र के अनुसार सुबह उठते ही कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यह हमारे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव ( negetive impact ) डालती है। कई बार नेगेटिविटी ( Negetivity ) के चलते इंसान इतना परेशान या कहें की फ्रस्टेट हो जाता है की वह कुछ गलत भी कर बैठता है। इसलिए कभी भी सुबह उठते ही ऐसे कार्य ना करें जिससे नकारात्मकता आती है। आइए जानते हैं सुबह उठते ही किन कामों को करना अशुभ माना जाता है...

 

vastu_shastra

1. लोग अक्सर सुबह उठते ही सबसे पहले आईना देखते हैं, जबकि हमें इससे पूरी तरह बचना चाहिए। वास्तु विज्ञान का मानना है कि जब हम सुबह सोकर उठते हैं तो हमारे शरीर पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहता है, जिसका सबसे अधिक असर हमारे चेहरे पर होता है। जब हम उठते ही आईना देखते हैं तो वह ऊर्जा आंखों के जरिए एक बार फिर हमारे अंदर प्रवेश कर जाती है, इसलिए सुबह उठते ही कांच देखने की बजाय हमें मुंह धोने के बाद ही कांच देखना चाहिए।

2. सुबह-सुबह कभी भी किसी की परछाई नहीं देखनी चाहिए। यहां तक कि आप खुद अपनी भी परछाई देखने से बचें। क्योंकि इससे तनाव बढ़ता है। साथ ही घर में अशुभ चीजें होती हैं। इसलिए सुबह के समय धूप व लाइट में डायरेक्ट न खड़े हो।

krishna janmashtami 2019: श्री कृष्ण को बहुत प्रिय है ये चीज़, पूजन में जरूर करें इसका प्रयोग

vastu_shastra

3. बहुत से लोग रात में खाना खाने के बाद बर्तन गंदे छोड़ देते हैं। अब सुबह उठते ही झूठे बर्तन देखना अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि इससे घर में दरिद्रता आती है और व्यक्ति के पास धन नहीं टिकता है।

4. अगर किसी के यहां लड़ाई-झगड़ा हो रहा है तो सुबह-सुबह इसे भी नहीं देखना चाहिए। इससे आपके अंदर नकारात्मकता आएगी। इससे मां लक्ष्मी का वास नहीं होगा।

5. बहुत से लोग घर में जानवर पालते हैं तो वहीं कुछ लोग इनकी तस्वीरें लगवाते हैं। मगर सुबह उठते ही इन्हें बिल्कुल नही देखना चाहिए। इन्हें देखने पर आपका मन अशांत रह सकता है। साथ ही आपकी किसी से लड़ाई हो सकती है।

 


Click here to Read full Details Sources @ https://www.patrika.com/dharma-karma/vastu-tips-for-good-luck-don-t-do-this-things-in-early-morning-4994718/

Danik Bhaskar Rajasthan Danik Bhaskar Madhya Pradesh Danik Bhaskar Chhattisgarh Danik Bhaskar Haryana Danik Bhaskar Punjab Danik Bhaskar Jharkhand Patrika : Leading Hindi News Portal - Bhopal Patrika : Leading Hindi News Portal - Jaipur Danik Bhaskar National News Nai Dunia Latest News Patrika : Leading Hindi News Portal - Lucknow The Hindu Patrika : Leading Hindi News Portal - Astrology and Spirituality Danik Bhaskar Uttar Pradesh Hindustan Hindi Patrika : Leading Hindi News Portal - Mumbai Nai Dunia Madhya Pradesh News Patrika : Leading Hindi News Portal - Miscellenous India Danik Bhaskar Delhi onlinekhabar.com Patrika : Leading Hindi News Portal - Varanasi Patrika : Leading Hindi News Portal - Business Patrika : Leading Hindi News Portal - Sports NDTV News - Latest Patrika : Leading Hindi News Portal - Education Danik Bhaskar Himachal+Chandigarh Danik Bhaskar Technology News Patrika : Leading Hindi News Portal - World News 18 Orissa POST Moneycontrol Latest News Danik Bhaskar Health News ET Home NDTV Khabar - Latest NDTV News - Top-stories NDTV Top Stories Scroll.in hs.news Danik Bhaskar International News Patrika : Leading Hindi News Portal - Entertainment Telangana Today Patrika : Leading Hindi News Portal - Bollywood Danik Bhaskar Breaking News India Today | Latest Stories NDTV News - India-news Patrika : Leading Hindi News Portal - Mobile ABC News: International Rising Kashmir Business Standard Top Stories Bharatpages India Business Directory Danik Bhaskar Madhya Pradesh NSE News - Latest Corporate Announcements Jammu Kashmir Latest News | Tourism | Breaking News J&K NDTV News - Special Baseerat Online Urdu News Portal The Dawn News - Home Nagpur Today : Nagpur News Danik Bhaskar Bihar News Stocks-Markets-Economic Times NDTV Videos View All
Directory Listing in CHANDIGARH MAHARASHTRA BIHAR PUNJAB NAGALAND GOA CHATTISGARH MANIPUR GUJRAT UTTARAKHAND JAMMU & KASHMIR KARNATAKA HIMACHAL PRADESH TRIPURA RAJASTHAN ANDHRA PRADESH KERALA DAMAN & DIU Puducherry JHARKHAND Dadra and Nagar WEST BENGAL UTTAR PRADESH MIZORAM MEGHALAYA ORISSA HARYANA MADHYA PRADESH LAKSHDWEEP ANDAMAN & NICOBAR ASSAM TAMIL NADU TELANGANA DELHI ARUNACHAL PRADESH Sikkim